Kanwar Yatra 2026: सावन माह की शुरुआत से पहले उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार शाम 7 बजे कांवड़ यात्रा और आने वाले त्योहारों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुविधाओं में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कांवड़ रूट पर दुकानों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य करने, मांस और शराब की दुकानें बंद रखने, फेक न्यूज फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने और मेरठ मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने सहित कई अहम फैसले लिए।
सावन 30 जुलाई से शुरू, 3 अगस्त को पहला सोमवार
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है और 3 अगस्त को पहला सोमवार होगा। इस दिन प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सभी जिलों को पहले से पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ रूट पर दुकानों पर नेम प्लेट लगाना होगा जरूरी
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी तरह के विवाद की संभावना कम होगी।
मांस और शराब की दुकानें रहेंगी बंद
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर आने वाली मांस और शराब की सभी दुकानों को यात्रा अवधि के दौरान बंद रखने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी और ओवररेटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फेक न्यूज फैलाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या अफवाह फैलाने वाले लोगों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
मेरठ मॉडल अब पूरे उत्तर प्रदेश में लागू होगा
बैठक में मुख्यमंत्री ने मेरठ जोन की कांवड़ यात्रा प्रबंधन व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेरठ मॉडल को प्रदेश के सभी पुलिस जोनों के साथ साझा किया जाए ताकि पूरे उत्तर प्रदेश में एक जैसी व्यवस्थाएं लागू हो सकें।
महिलाओं के लिए घाटों पर बनेंगे चेंजिंग रूम
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री ने प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए अलग से चेंजिंग रूम बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
चिकित्सा शिविरों में जरूरी दवाएं रहेंगी उपलब्ध
सीएम योगी ने कहा कि यात्रा मार्ग पर लगाए जाने वाले मेडिकल कैंप में एंटी वेनम, एंटी रैबीज इंजेक्शन सहित सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
CCTV, ड्रोन और सोशल मीडिया पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे, ड्रोन निगरानी और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अफवाहों का तत्काल खंडन करने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
DJ बजाएं, लेकिन तय सीमा से ज्यादा आवाज नहीं
सीएम योगी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि कांवड़ यात्रा के दौरान DJ बजाने में कोई रोक नहीं है, लेकिन ध्वनि का स्तर सरकार द्वारा तय मानकों के भीतर ही रखा जाए ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए। संभावित बाढ़ और कटान वाले इलाकों में पहले से राहत और बचाव के इंतजाम पूरे रखने के निर्देश भी दिए गए।
कोटेदारों के उत्पीड़न और ओवर बिलिंग पर भी सख्ती
बैठक में मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी शिकायतों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कोटेदारों के उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ निलंबन और विजिलेंस जांच के निर्देश दिए।
इसके अलावा बिजली उपभोक्ताओं की ओवर बिलिंग की शिकायतों का तत्काल समाधान करने और वास्तविक बिजली खपत के आधार पर ही बिल जारी करने को कहा।
यूपी में कांवड़ यात्रा का रूट कितना लंबा होता है?
उत्तर प्रदेश में हर साल लाखों कांवड़िए हरिद्वार और अन्य गंगा घाटों से जल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों तक पैदल यात्रा करते हैं। कई श्रद्धालु 150 से 200 किलोमीटर तक पैदल चलकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
प्रमुख शिव मंदिर और जल यात्रा की दूरी
काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी)
- गंगाजल लाने का स्थान: प्रयागराज
- दूरी: 120 किलोमीटर
पुरा महादेव मंदिर (बागपत)
- गंगाजल लाने का स्थान: हरिद्वार
- दूरी: 152 किलोमीटर
लोधेश्वर महादेव मंदिर (बाराबंकी)
- गंगाजल लाने का स्थान: बिठूर (कानपुर)
- दूरी: 112 किलोमीटर
औघड़नाथ मंदिर (मेरठ)
- गंगाजल लाने का स्थान: हरिद्वार
- दूरी: 139 किलोमीटर
बनखंडी नाथ मंदिर (बरेली)
- गंगाजल लाने का स्थान: कछला घाट (बदायूं)
- दूरी: 55 किलोमीटर
हर साल 4 करोड़ श्रद्धालु बनते हैं कांवड़ यात्रा का हिस्सा
अनुमान के अनुसार हर वर्ष करीब 4 करोड़ श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं। इससे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और आसपास के राज्यों में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बड़ा फायदा मिलता है।
कांवड़ यात्रा से हर साल 4 से 5 हजार करोड़ रुपये का कारोबार
कांवड़ यात्रा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक आयोजन भी है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यात्रा के दौरान 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है।
इस दौरान कांवड़, पूजा सामग्री, भगवा वस्त्र, भोजन, परिवहन, होटल, ढाबे, अस्थायी दुकानों और अन्य सेवाओं की मांग काफी बढ़ जाती है।
एक कांवड़िए का औसत खर्च कितना होता है?
- कांवड़ खरीदने या सजाने का खर्च: ₹300-500
- भगवा वस्त्र: ₹300-500
- तीन समय का भोजन: ₹300-400
- प्रसाद: ₹100-200
- कुल औसत खर्च: लगभग ₹1,000 से ₹1,500
CM योगी के 7 बड़े आदेश एक नजर में
- कांवड़ रूट पर सभी दुकानों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य।
- मांस और शराब की दुकानें यात्रा मार्ग पर बंद रहेंगी।
- फेक न्यूज और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई।
- मेरठ मॉडल पूरे उत्तर प्रदेश में लागू होगा।
- महिलाओं के लिए घाटों पर चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे।
- CCTV, ड्रोन और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी।
- बाढ़, चिकित्सा, ओवररेटिंग, मिलावट और बिजली ओवर बिलिंग पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश।
नोट: कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की संख्या, यात्रा दूरी और 4,000–5,000 करोड़ रुपये के कारोबार से जुड़े आंकड़े विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और अनुमानित आकलनों पर आधारित हैं। वास्तविक संख्या और कारोबार वर्ष तथा क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।