UP News: प्रयागराज से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 17 साल के लड़के ने अपनी नाबालिग गर्लफ्रेंड खुशी पाल की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया, जहां 17 दिन तक लाश सड़ती रही। हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि जानवर शव का बड़ा हिस्सा नोच चुके थे।
जब परिवार पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचा तो उन्हें बेटी के शव के नाम पर सिर्फ कपड़े और हड्डियां मिलीं। यह मंजर देखकर मां सुनीता पाल बेहोश हो गईं। होश आने के बाद वह लगातार इंसाफ और बदले की मांग करती रहीं।
मां बोली- “एक जान गई है, बदले में चार जान चाहिए”
पोस्टमॉर्टम हाउस में खुशी की मां सुनीता पाल का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी की जान गई है, बदले में चार जान चाहिए। कातिल के साथ उसके घरवालों और मामा को भी सजा मिलनी चाहिए।”
खुशी की बड़ी बहन खुशबू ने भी आरोपी को फांसी देने की मांग की। उसने आरोप लगाया कि हत्या में लड़के का पूरा परिवार शामिल है।
बहन बोली- “या मुझे चुने या परिवार को”
खुशी की बहन मुस्कान ने बताया कि करीब एक महीने पहले परिवार को दोनों के अफेयर की जानकारी हुई थी। इसके बाद लड़के को समझाया गया था।
मुस्कान के मुताबिक आरोपी ने उससे कहा था, “अपनी बहन से कह देना कि या तो मुझे चुने या परिवार को।”
परिवार का आरोप है कि जब खुशी ने रिश्ता खत्म नहीं किया तो लड़के ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, फिर बढ़ा प्यार
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और दोनों मिलने लगे।
खुशी की बुआ का घर अराइतपुर सोरांव में है, जबकि आरोपी लड़के की नानी का घर उसी इलाके में है। इसी वजह से दोनों को मिलने का मौका मिल जाता था।
दोनों की मुलाकातों में रिया पटेल नाम की लड़की अहम कड़ी बनी हुई थी। परिवार का आरोप है कि रिया ही दोनों के बीच बातचीत और मुलाकात करवाती थी।
रिया पटेल हिरासत में, थाने में रोती रही
जब खुशी घर से गायब हुई थी तो उसकी मां ने प्रेमी लड़के के साथ रिया पटेल को भी नामजद किया था।
अब हत्याकांड का खुलासा होने के बाद पुलिस ने रिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि पकड़े जाने के बाद वह थाने में रोती रही।
शादी का दबाव बना रही थी खुशी
जांच में सामने आया कि दोनों परिवार बच्चों की नजदीकियों से परेशान थे। नाबालिग होने की वजह से दोनों को अलग रहने के लिए कहा गया था।
लेकिन खुशी आरोपी लड़के पर शादी का दबाव बना रही थी। बताया जा रहा है कि उसने लव मैरिज के लिए एक रिश्तेदार वकील से भी बात की थी। बाद में लड़के के मामा और परिवार वालों के विरोध के बाद मामला रुक गया।
ऐसे रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक खुशी से पीछा छुड़ाने के लिए आरोपी ने हत्या की साजिश रची।
20 अप्रैल को उसने खुशी को मिलने बुलाया। दोनों ने घर से भागने का प्लान बनाया। रात में आरोपी खुशी को अपने साथ लेकर निकला और शारदा सहायक नहर के पास पहुंचा।
वहीं उसने चाकू से कई वार किए और फिर दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव झाड़ियों में फेंककर फरार हो गया।
17 दिन बाद मिला शव, परिवार टूट गया
करीब 17 दिन बाद पुलिस को झाड़ियों में शव मिला। लंबे समय तक खुले में पड़े रहने और जानवरों द्वारा नोचने की वजह से शव बुरी तरह सड़ चुका था।
खुशी चार बहनों में दूसरे नंबर पर थी और गांव के मोतीलाल इंटर कॉलेज में कक्षा 9 में पढ़ती थी।
इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि आरोपी के परिवार वाले घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं।