लखनऊ में चलती ट्रेन में खौफनाक काण्ड! बक्से में मिली महिला की सिर कटी लाश, शरीर के टुकड़े अलग-अलग पॉलीथिन में वरामद
उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस, रेलवे प्रशासन और आम लोगों सभी को झकझोर कर रख दिया है। Gomti Nagar Railway Station पर पहुंची छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच से एक टीन के बक्से में महिला की सिर कटी लाश मिलने से हड़कंप मच गया।
सबसे खौफनाक बात यह रही कि महिला के हाथ-पैर काटकर अलग-अलग पॉलीथिन में पैक किए गए थे और उन्हें पास में रखे बैग में छिपाया गया था। महिला का सिर अब तक गायब है, जिसके कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस का मानना है कि हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई और शव को पहचान छिपाने के मकसद से ट्रेन में रख दिया गया।
ट्रेन के स्लीपर कोच में मिला टीन का बक्सा
जानकारी के मुताबिक ट्रेन जब गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची, तब सफाई और चेकिंग के दौरान स्लीपर कोच में एक संदिग्ध टीन का बक्सा दिखाई दिया।
जब बक्सा खोला गया तो अंदर का मंजर देखकर रेलवे कर्मचारियों के होश उड़ गए। बक्से में महिला का धड़ पड़ा था, जबकि शरीर के अन्य हिस्से अलग-अलग पॉलीथिन में पैक थे। महिला सलवार-सूट पहने हुई थी और शरीर पर कई चोटों के निशान भी मिले हैं।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे कोच को खाली कराकर जांच शुरू की गई।
सिर गायब, पहचान बनी सबसे बड़ी चुनौती
पुलिस के सामने इस केस की सबसे बड़ी चुनौती महिला की पहचान करना है। क्योंकि महिला का सिर गायब है, ऐसे में चेहरा पहचानने का कोई रास्ता फिलहाल नहीं है।
जांच एजेंसियां अब महिला के कपड़ों, शरीर की बनावट, उम्र और अन्य शारीरिक पहचान के आधार पर जानकारी जुटा रही हैं। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत कई जिलों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट भी खंगाली जा रही हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हाल के दिनों में किसी महिला के अचानक लापता होने की सूचना तो नहीं मिली थी।
हत्या कहीं और, शव ट्रेन में रखने की आशंका
प्रारंभिक जांच में पुलिस को शक है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को ट्रेन में रखकर आरोपी फरार हो गए।
जिस तरह शव के टुकड़े किए गए और अलग-अलग पॉलीथिन में पैक किया गया, उससे जांच एजेंसियों को लग रहा है कि अपराधी बेहद शातिर और योजनाबद्ध तरीके से काम करने वाला है।
क्राइम एक्सपर्ट्स का मानना है कि शव को काटने के लिए धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया। इतनी सफाई और तरीके से शव के टुकड़े करना किसी सामान्य अपराधी के बस की बात नहीं मानी जा रही।
छह रेलवे स्टेशन जांच के केंद्र में
अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि आखिर वह टीन का बक्सा ट्रेन में कब और कहां रखा गया।
बताया जा रहा है कि यह ट्रेन बिहार के Chhapra से शाम करीब पौने सात बजे रवाना होती है और कई प्रमुख स्टेशनों से गुजरते हुए लखनऊ पहुंचती है।
जांच एजेंसियों ने छह प्रमुख स्टेशनों को चिन्हित किया है, जहां ट्रेन के रुकने के दौरान यह बक्सा ट्रेन में रखा गया हो सकता है।
थावे स्टेशन पर सबसे ज्यादा शक
Thawe Railway Station पर ट्रेन करीब 30 मिनट तक रुकती है। लंबा ठहराव होने के कारण यहां भारी बक्सा कोच में रखना अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है।
कप्तानगंज स्टेशन भी जांच के दायरे में
Kaptanganj Junction स्टेशन पर ट्रेन रात करीब 12 बजे पहुंचती है और पांच मिनट रुकती है। देर रात होने के कारण यहां निगरानी कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है।
गोरखपुर जंक्शन बना अहम कड़ी
Gorakhpur Junction को जांच में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रेन यहां करीब 10 मिनट तक रुकती है और भारी भीड़ रहती है। पुलिस को शक है कि भीड़ का फायदा उठाकर बक्सा ट्रेन में रखा गया हो सकता है।
गोंडा स्टेशन पर भी नजर
Gonda Junction समेत कई अन्य स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
कई एंगल से जांच कर रही पुलिस
पुलिस इस वारदात को कई एंगल से देख रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग, अवैध संबंध, पारिवारिक विवाद, ऑनर किलिंग या आपराधिक दुश्मनी जैसी संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
जिस तरह शव के टुकड़े कर ट्रेन में रखा गया, उससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि आरोपी महिला को अच्छी तरह जानता था और पहचान छिपाने के लिए सिर अलग किया गया।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतना भारी टीन का बक्सा ट्रेन में रखा गया और किसी की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी?
यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में कई बार बिना किसी जांच के भारी सामान अंदर पहुंच जाता है। कई बार संदिग्ध बैग और बक्से घंटों तक सीटों के नीचे पड़े रहते हैं, लेकिन उनकी जांच नहीं होती।
अब इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन भी सतर्क हो गया है और प्रमुख स्टेशनों पर चेकिंग बढ़ाने की बात कही जा रही है।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फोरेंसिक टीम बक्से, पॉलीथिन और कोच से मिले अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज, ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों की जानकारी और स्टेशन रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी और फोरेंसिक जांच के जरिए जल्द ही महिला की पहचान और आरोपी तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
फिलहाल यह सनसनीखेज मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर वह महिला कौन थी और किसने इतनी बेरहमी से उसकी हत्या कर शव को ट्रेन में फेंक दिया।