चार साल पहले काम सीखने कश्मीर गया था नाबालिग युवक, पिता का आरोप— बहला-फुसलाकर कराया गया धर्म परिवर्तन; पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच
बिजनौर जनपद में एक नाबालिग युवक के कथित जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। पीड़ित पिता ने अपने बेटे को बहला-फुसलाकर और दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को तहरीर दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना ने इलाके में सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है।
चार साल पहले काम सीखने कश्मीर गया था नाबालिग बेटा
जानकारी के अनुसार बिजनौर जनपद के ग्राम बहादुरपुर गड़ी निवासी कृष्ण कुमार का नाबालिग बेटा करीब चार वर्ष पहले गांव के ही काजीपाड़ा क्षेत्र निवासी वसीम नामक युवक के साथ कश्मीर गया था। परिवार के अनुसार वसीम युवक को काम सिखाने और रोजगार दिलाने का भरोसा देकर अपने साथ ले गया था। शुरूआत में परिवार को लगा कि बेटा रोजगार सीख रहा है और भविष्य बेहतर बनेगा, लेकिन धीरे-धीरे परिवार की चिंता बढ़ती चली गई।
पीड़ित पिता का आरोप है कि इस दौरान उनके बेटे को मानसिक रूप से प्रभावित किया गया, उसे परिवार और समाज से दूर किया गया तथा लगातार दबाव बनाकर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया। परिवार का कहना है कि उन्हें इस पूरे घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं थी।
15 मई को आया फोन, रोते हुए बोला- “मुझे बचा लो”
पीड़ित पिता कृष्ण कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 15 मई को अचानक उनके बेटे का फोन आया। फोन पर बेटा बेहद डरा हुआ और भावुक दिखाई दे रहा था। पिता के अनुसार बेटे ने रोते हुए कहा कि उसने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया है और वह बेहद दबाव में है।
पिता का कहना है कि बातचीत के दौरान बेटा लगातार रो रहा था और उसने परिवार से मदद की गुहार लगाई। कृष्ण कुमार का आरोप है कि उनके बेटे को डराया-धमकाया गया तथा बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया गया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अभी नाबालिग है और वह स्वयं कोई बड़ा निर्णय लेने की स्थिति में नहीं था।
“मेरा बेटा मुझे वापस चाहिए” – पीड़ित पिता की भावुक अपील
पीड़ित पिता कृष्ण कुमार ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य अपने बेटे को सकुशल वापस घर लाना है। उन्होंने कहा कि परिवार पिछले कई वर्षों से बेटे की चिंता में परेशान है और अब जब बेटे ने फोन कर मदद मांगी है तो प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को परिवार से अलग कर मानसिक रूप से प्रभावित किया गया। पिता का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनके बेटे का भविष्य पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उनके बेटे को तत्काल वापस बुलाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, कई बिंदुओं पर जांच शुरू
मामले में क्षेत्राधिकारी नगर संग्राम सिंह ने बताया कि कृष्ण कुमार द्वारा थाना कोतवाली में एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवक को किन परिस्थितियों में कश्मीर ले जाया गया, वहां वह किन लोगों के संपर्क में रहा और धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया किन हालातों में हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवक की वास्तविक स्थिति, उसकी उम्र, कथित दबाव और धर्मांतरण से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही कश्मीर में मौजूद संबंधित व्यक्तियों और नेटवर्क की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रशासन की प्राथमिकता – कानून व्यवस्था और पीड़ित परिवार को न्याय
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार सरकार की स्पष्ट मंशा है कि किसी भी व्यक्ति के साथ दबाव, प्रलोभन या धोखे से धर्म परिवर्तन जैसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस और प्रशासन दोनों ही इस मामले को संवेदनशील मानते हुए पूरी गंभीरता के साथ जांच में जुटे हैं।
प्रशासन का कहना है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और यदि जांच में जबरन धर्मांतरण या किसी प्रकार के दबाव की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना मामला
घटना सामने आने के बाद बहादुरपुर गड़ी और आसपास के इलाकों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों में भी चिंता और आक्रोश का माहौल देखने को मिल रहा है। लोग प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई और युवक की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी पीड़ा को समझते हुए जल्द उनके बेटे को सकुशल वापस लाने में सफल होगा और यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है तो दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।