Pulwama Attack Mastermind Shot: देश को हिला देने वाले पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े एक बड़े मास्टरमाइंड हमजा बुरहान उर्फ ‘डॉक्टर’ के मारे जाने की सनसनीखेज खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने उसे बेहद करीब से गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह हमला पूरी तरह टारगेटेड था और हमजा को ऑफिस के अंदर ही ढेर कर दिया गया।
मुजफ्फराबाद में दिनदहाड़े हमला, ऑफिस में घुसकर गोलियों से छलनी
जानकारी के अनुसार यह पूरी वारदात पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के शहर Muzaffarabad में हुई। हमजा बुरहान अपने ऑफिस में बैठा हुआ था, तभी कुछ अज्ञात लोग अंदर घुसे और उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
सूत्रों के मुताबिक हमलावरों ने बेहद नजदीक से सिर पर गोली मारी, जिससे वह मौके पर ही ढेर हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और हमलावर आसानी से फरार हो गए।
कौन था हमजा बुरहान? पुलवामा हमले का अहम साजिशकर्ता
मारा गया आतंकी हमजा बुरहान का असली नाम अरजुमंद गुलजार डार बताया जाता है। वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था और 27 साल का बताया जा रहा है।
2017 में वह भारत से पाकिस्तान चला गया था, जहां वह आतंकी संगठन Al Badr से जुड़ गया और धीरे-धीरे कमांडर स्तर तक पहुंच गया।
‘डॉक्टर’ और ‘टीचर’ की आड़ में आतंकी नेटवर्क
हमजा बुरहान को उसके आतंकी सर्कल में ‘डॉक्टर’ के नाम से भी जाना जाता था। पाकिस्तान में वह खुद को एक टीचर बताकर पहचान छिपाता था और कथित तौर पर एक स्कूल में प्रिंसिपल तक बना हुआ था।
इसी कवर के जरिए वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर मोड़ने, भर्ती करने और आतंकी नेटवर्क मजबूत करने का काम करता था।
2019 का पुलवामा हमला — भारत को दहला देने वाली घटना
यह वही नेटवर्क था जो 14 फरवरी 2019 के Pulwama Attack 2019 से जुड़ा हुआ बताया जाता है।
इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने 300–350 किलो IED से भरी SUV को CRPF काफिले की बस से टकरा दिया था। इस दर्दनाक हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे, जिससे पूरा देश शोक और गुस्से में डूब गया था।
भारत का जवाब: बालाकोट एयर स्ट्राइक
पुलवामा हमले के बाद भारत ने कड़ा जवाब दिया और 12 दिन बाद पाकिस्तान के भीतर एयरस्ट्राइक की।
Balakot Air Strike 2019 में भारतीय वायुसेना ने खैबर पख्तूनख्वा के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंप को निशाना बनाया, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
ISI कनेक्शन और हाई सिक्योरिटी कवर के दावे
सूत्रों के मुताबिक हमजा बुरहान केवल फील्ड ऑपरेटर नहीं था, बल्कि वह आतंकियों की भर्ती, ट्रेनिंग और सीमा पार घुसपैठ जैसे कामों में भी सक्रिय था।
दावों में कहा गया है कि उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (ISI) की तरफ से एक ऑफिस, सुरक्षा और 24 घंटे हथियारबंद गनर तक उपलब्ध कराए गए थे।
मुजफ्फराबाद बना आतंकी गतिविधियों का गढ़
जिस जगह यह हमला हुआ, यानी Muzaffarabad, उसे लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों का केंद्र माना जाता रहा है।
यहां कई आतंकी संगठन सक्रिय रहते हैं और इसी आड़ में सीमा पार हमलों की साजिशें रची जाती हैं।
क्यों अहम है हमजा बुरहान की हत्या?
हमजा बुरहान सिर्फ एक आतंकी नहीं बल्कि पुलवामा जैसे बड़े हमले का मास्टरमाइंड नेटवर्क ऑपरेटर माना जाता था। उसकी मौत को आतंकी संगठनों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि वह भर्ती, ट्रेनिंग और ऑपरेशन तीनों स्तर पर सक्रिय था।