Shocking Video: राजस्थान के कोटा शहर में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां खुले और असुरक्षित नाले ने एक रिटायर्ड स्कूल प्रिंसिपल की जान ले ली। रामेश्वर रावत समाज की बैठक और अपनी रिटायरमेंट पार्टी के बाद घर लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गहरे नाले में गिर गई। यह हादसा शहर की लापरवाह व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा गोकुल कॉलोनी के पास हुआ, जब रामेश्वर रावत बाइक से घर लौट रहे थे।
अचानक उनकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे एक खुले और गहरे नाले में जा गिरी। नाला इतना खतरनाक और खुला था कि बाइक के साथ वे भी उसके अंदर फंस गए और बाहर नहीं निकल पाए।
पूरी रात नाले में दबे रहे
हादसे के बाद सबसे दुखद बात यह रही कि रामेश्वर रावत पूरी रात नाले में ही दबे रहे। किसी को भी रात में इस हादसे की जानकारी नहीं हो पाई।
सुबह करीब 10 बजे जब स्थानीय लोगों की नजर नाले में पड़ी बाइक पर गई, तब इस दर्दनाक घटना का खुलासा हुआ।
कोटा में सरकारी सिस्टम की लापरवाही से हुई एक शख्स की मौत!
अपनी ही रिटायरमेंट पार्टी से लौट रहे रिटायर्ड प्रिंसिपल रामेश्वर रावल की बिना बैरिकेडिंग वाले खुले नाले में गिरने से मौत हो गई. रिटायर्ड प्रिंसिपल का खुले नाले में रातभर पड़ा रहा शव. pic.twitter.com/Ga16gdGBSB
— Delhi Patrika (@PatrikaDelhi) May 23, 2026
कौन थे रामेश्वर रावत?
मृतक की पहचान सुभाष नगर द्वितीय निवासी रामेश्वर रावत (60) के रूप में हुई है।
वे हाल ही में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल पद से रिटायर हुए थे। परिवार और समाज में उनकी अच्छी पहचान थी।
बैठक और रिटायरमेंट पार्टी के बाद लौट रहे थे घर
जानकारी के अनुसार, रामेश्वर रावत बुधवार को समाज की बैठक में शामिल होने गए थे।
इसके बाद उन्होंने अपने स्टाफ और परिचितों को रिटायरमेंट की पार्टी भी दी थी। पार्टी के बाद वे बाइक से घर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया।
रातभर बंद रहा मोबाइल, परिवार परेशान
भतीजे मनीष रावत के मुताबिक, शाम के बाद से ही परिवार का उनसे संपर्क टूट गया था।
उनका मोबाइल लगातार बंद आ रहा था और वे घर भी नहीं लौटे थे। परिवार पूरी रात उन्हें ढूंढता रहा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
सुबह कैसे सामने आया मामला?
गुरुवार सुबह गोकुल कॉलोनी के पास लोगों ने खुले नाले में एक बाइक पड़ी देखी।
सूचना मिलने पर बोरखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक को बाहर निकलवाया। तभी उसके नीचे एक व्यक्ति दबा हुआ मिला।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
पुलिस ने तुरंत व्यक्ति को एमबीएस अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बाइक नंबर के आधार पर उनकी पहचान की गई और परिवार को सूचना दी गई।
परिजनों का आरोप – लापरवाही की वजह से हादसा
परिजनों ने आरोप लगाया है कि शहर में खुले नाले और खराब सड़कों की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं।
उनका कहना है कि अगर नाले के ऊपर सुरक्षा व्यवस्था या कवर होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था और रामेश्वर रावत की जान बच सकती थी।
पुलिस की कार्रवाई
बोरखेड़ा थाने के एएसआई धर्मवीर सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी।
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमबीएस अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।