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पीलीभीत न्यूज़: मासूम अब्बास को RBSK योजना के तहत जन्मजात कटे होंठ का मुफ्त ऑपरेशन। सरकारी पहल से लौटी मुस्कान, गरीब परिवार को मिली नई उम्मीद।

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Paper Leak Bill 2026: PM Modi का बड़ा एक्शन! बनेगी हाईपावर टास्क फोर्स, इंफोसिस को-फाउंडर होंगे अध्यक्ष..

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पीलीभीत में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत 86 शिक्षकों को हेल्थ कार्ड वितरित। मिलेगा कैशलेस इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा।

शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच को मिली नई ताकत: पीलीभीत में ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ, 86 शिक्षकों…

पीलीभीत को कृषि निर्यात हब बनाने की बड़ी पहल। 27 परियोजनाओं का लोकार्पण, हाईटेक नर्सरी, आधुनिक मंडियां, खेती और किसानों को नई सौगात।

पीलीभीत को मिला कृषि विकास का नया विजन: हाईटेक नर्सरी, एक्सपोर्ट सेंटर और आधुनिक मंडियों से किसानों की बदलेगी तस्वीर…

पीलीभीत, पूरनपुर तराई क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी। 26 जुलाई से कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस शुरू होगी, यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी सुविधा।

पीलीभीत रेल कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार: कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस से बदलेगी तराई की तस्वीर पीलीभीत। वर्षों से जिस रेल सेवा…

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Video: पेंशन के ₹500 लेने सास को अपनी पीठ पर लादकर 5 km दूर बैंक पहुंची बहू, बोली- “बैंक मित्र नहीं पहुंचा घर”

Video: पेंशन के ₹500 लेने सास को अपनी पीठ पर लादकर 5 km दूर बैंक पहुंची बहू, बोली- "बैंक मित्र नहीं पहुंचा घर"

Video: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से इंसानियत और मजबूरी की एक भावुक तस्वीर सामने आई है। यहां एक बहू अपनी 90 साल की सास को पीठ पर लादकर करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंची, ताकि उन्हें उनकी पेंशन मिल सके। यह घटना सिस्टम की खामियों और ग्रामीण इलाकों की कठिन सच्चाई दोनों को उजागर करती है।

कहां का है मामला?

यह मामला सरगुजा जिले के मैनपाट ब्लॉक के कुनिया गांव के जंगलपारा का है।
यहां रहने वाली सुखमनिया अपनी सास सोनवारी को लेकर सेंट्रल बैंक पहुंची थीं।

5 किलोमीटर पैदल सफर, वो भी सास को पीठ पर लादकर

सुखमनिया को अपनी सास को लेकर बैंक तक पहुंचने के लिए:

  • पहले करीब 1.5 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ा, जहां एक नाला पड़ता है
  • इसके बाद 3.5 किलोमीटर और पैदल चलना पड़ा

नाले के कारण वहां कोई वाहन नहीं पहुंच पाता, इसलिए उन्हें पूरा रास्ता पैदल ही तय करना पड़ा।

सिर्फ ₹500 की पेंशन के लिए इतनी मशक्कत

बुजुर्ग सोनवारी को वृद्धावस्था पेंशन के रूप में सिर्फ ₹500 प्रति माह मिलते हैं।
इस बार उन्हें 3 महीने की रुकी हुई पेंशन ₹1500 दी गई, जबकि खाते में 4 महीने के ₹2000 जमा थे।

वीडियो हुआ वायरल

इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बहू अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर उठाकर ले जाती नजर आ रही है।
यह वीडियो लोगों को भावुक कर रहा है और सिस्टम पर सवाल भी खड़े कर रहा है।

क्यों उठानी पड़ी इतनी परेशानी?

इस पूरे मामले के पीछे दो बड़ी वजहें सामने आई हैं:

बैंक मित्र ने घर आना बंद किया

पहले बैंक मित्र घर पर आकर पेंशन दे देता था, लेकिन कुछ महीनों से उसने आना बंद कर दिया।

KYC अधूरा होने से पेंशन अटकी

केवाईसी पूरा न होने के कारण कई महीनों से पेंशन रुकी हुई थी।
इसी वजह से मजबूरी में बहू को सास को लेकर बैंक जाना पड़ा।

बहू ने क्या कहा?

सुखमनिया ने रोते हुए बताया कि:

  • 3 महीने से पेंशन के लिए भटक रही थी
  • कोई मदद नहीं मिली
  • मजबूरी में सास को पीठ पर लादकर बैंक आना पड़ा

बैंक का क्या कहना है?

सेंट्रल बैंक के मैनेजर मिर्जा अल्ताफ बेग के अनुसार:

  • इलाके में घर-घर पेंशन पहुंचाने की व्यवस्था है
  • 8 बैंक मित्र इस काम के लिए नियुक्त हैं
  • जरूरत होने पर परिजन सूचना दें, तो बैंक मित्र को घर भेजा जा सकता है

सिस्टम पर उठे सवाल

यह घटना कई बड़े सवाल खड़े करती है:

  • क्या ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सुविधाएं सही तरीके से पहुंच रही हैं?
  • क्या बुजुर्गों को समय पर पेंशन मिल रही है?
  • क्या जिम्मेदार लोग अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं?