Summer Vacation: उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कई शहरों में तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐसे में राहत पाने के लिए लाखों लोग हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। मनाली-रोहतांग, नैनीताल, कैंचीधाम और चारधाम यात्रा मार्गों पर रिकॉर्ड भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे कई जगहों पर 15 से 20 किलोमीटर तक लंबे जाम लग रहे हैं। बढ़ती भीड़ अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
मैदानी इलाकों में गर्मी का कहर, पहाड़ बने सहारा
दिल्ली, यूपी, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई शहर इस समय भीषण लू की चपेट में हैं। तापमान 50°C तक पहुंचने से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ऐसे हालात में ठंडी हवाओं और सुहावने मौसम की तलाश में लोग बड़ी संख्या में पहाड़ों की ओर जा रहे हैं।
मनाली-रोहतांग में पर्यटकों का सैलाब, 50KM में लग रहे 8 घंटे
हिमाचल प्रदेश के मनाली और रोहतांग दर्रे में इस समय भारी भीड़ देखने को मिल रही है। समुद्र तल से करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग में अभी भी बर्फ देखने को मिल रही है, जो पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।
हालात ऐसे हैं कि 50 किलोमीटर का सफर तय करने में 7 से 8 घंटे तक लग रहे हैं। शनिवार को कई जगहों पर 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सुबह 6 बजे निकले पर्यटक दोपहर 1-2 बजे तक ही रोहतांग पहुंच पाए।
3-4 घंटे जाम में फंसे पर्यटक, प्रशासन पर उठे सवाल
पर्यटकों का कहना है कि उन्हें रास्ते में 3 से 4 घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ रहा है। कोलकाता से आए एक पर्यटक ने कहा कि ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने की जरूरत है, क्योंकि नियमों का पालन नहीं होने से स्थिति और खराब हो रही है।
पार्किंग की कमी बनी सबसे बड़ी समस्या
स्थानीय पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि मढ़ी से ग्रामफू के बीच पर्याप्त पार्किंग की सुविधा नहीं है। लोग सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे ट्रैफिक बाधित होता है और जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पार्किंग, टॉयलेट और बेसिक सुविधाओं में सुधार से समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
नैनीताल में हाउसफुल होटल, नैनी झील पर लंबी कतारें
उत्तराखंड के नैनीताल में भी वीकेंड के दौरान भारी भीड़ देखने को मिल रही है। माल रोड, स्नो व्यू, चिड़ियाघर और केव गार्डन जैसे प्रमुख स्थानों पर दिनभर सैलानियों की भीड़ लगी रहती है।
नैनी झील में बोटिंग के लिए सुबह से शाम तक लंबी कतारें लगी रहती हैं। होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे पूरी तरह फुल हैं।
कैंचीधाम में श्रद्धालुओं का सैलाब, विदेशों से भी पहुंच रहे लोग
बाबा नीम करौली महाराज के कैंचीधाम में भी भारी भीड़ उमड़ रही है। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। आने वाले स्थापना दिवस को देखते हुए भीड़ और बढ़ने की संभावना है।
चारधाम यात्रा ने बढ़ाया दबाव, जोशीमठ में 20KM तक जाम
उत्तराखंड के चमोली जिले में चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, औली और जोशीमठ में लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
जोशीमठ क्षेत्र में 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। सुबह से लेकर देर रात तक सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।
वन-वे ट्रैफिक सिस्टम भी पड़ा कमजोर
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया है, लेकिन भारी दबाव के कारण यह पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहा। कई यात्रियों को 2 से 3 घंटे तक गेट खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है।
बारिश और बर्फबारी के बीच भी जारी आस्था
ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। बद्रीनाथ धाम में अब तक 7.25 लाख से ज्यादा लोग दर्शन कर चुके हैं, जबकि चारधाम यात्रा में कुल संख्या 24 लाख पार कर चुकी है।
ऊंचाई पर स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ीं, डॉक्टरों की सलाह
डॉक्टरों के अनुसार, कई लोग सीधे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं, जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं।
विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि पहले निचले इलाकों में रुककर शरीर को वातावरण के अनुकूल बनाना चाहिए।
टूरिज्म इंडस्ट्री को जबरदस्त फायदा
पर्यटकों की भारी संख्या से होटल, टैक्सी, रेस्टोरेंट और लोकल मार्केट को बड़ा फायदा मिल रहा है। जोशीमठ होटल एसोसिएशन के मुताबिक, लगभग सभी होटल फुल हैं और कारोबार अपने चरम पर है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
बढ़ती भीड़ के कारण ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल ट्रैफिक मॉनिटरिंग और प्लानिंग की जरूरत और बढ़ेगी।