बिलसंडा व्यापारी हत्याकांड: ससुराल पक्ष की खूनी साजिश, मुठभेड़ में दो और शूटर गिरफ्तार
व्यापारी पप्पू गुप्ता की गोली मारकर हत्या; अब तक छह आरोपी गिरफ्तार, तीन पुलिसकर्मी निलंबित
पीलीभीत के बिलसंडा में हुए चर्चित व्यापारी पप्पू गुप्ता हत्याकांड में पुलिस ने शनिवार रात मुठभेड़ के बाद दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले के खुलासे की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई फायरिंग में दो आरोपी तथा एक सिपाही घायल हुए हैं। दूसरी ओर, मुख्य बाजार में दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात के दौरान ड्यूटी में लापरवाही सामने आने पर कस्बा चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। एक ओर पुलिस लगातार आरोपियों तक पहुंच रही है, वहीं दूसरी ओर इस हत्याकांड ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। आइए सिलसिलेवार जानते हैं कि आखिर 28 मई को क्या हुआ, वारदात कैसे अंजाम दी गई और जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया है।
28 मई: मुख्य बाजार में दिनदहाड़े बरसी गोलियां
बिलसंडा कस्बे के मुख्य बाजार में 28 मई की शाम करीब पांच बजे तीन बाइकों पर सवार होकर पहुंचे करीब आठ हमलावरों ने साइकिल कारोबारी पंकज कटियार को घेर लिया। आरोपियों ने लोहे की रॉड और अन्य हथियारों से पंकज पर हमला शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और सीधे पंकज को निशाना बना रहे थे। अचानक हुए हमले से बाजार में अफरा-तफरी मच गई।
बीच-बचाव करना पड़ा भारी, पप्पू गुप्ता को मारी गोली
हमले के दौरान पास में कपड़े की दुकान चलाने वाले व्यापारी पप्पू गुप्ता पंकज को बचाने के लिए आगे आए। उन्होंने हमलावरों को रोकने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान बदमाशों ने उनके सीने में गोली मार दी।
गोली लगने के बाद पप्पू गुप्ता गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। व्यापारी की हत्या की खबर फैलते ही पूरे कस्बे में सनसनी फैल गई।
वारदात के बाद भी 10 मिनट तक मौके पर रहे हमलावर
स्थानीय लोगों के अनुसार हत्या के बाद भी हमलावर तुरंत नहीं भागे। वे 10 मिनट तक घटनास्थल और आसपास के इलाके में बने रहे और फिर फरार हो गए। मुख्य बाजार में हुई इस घटना ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
जांच में सामने आई साजिश की पूरी कहानी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हमलावरों का असली निशाना पंकज कटियार थे। पंकज का अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। उनके खिलाफ दहेज उत्पीड़न से संबंधित मुकदमा भी दर्ज था।
इसी रंजिश के चलते पंकज के ससुर रमेश चंद्र और उनके बेटों विमल व सीतेश ने हमला कराने की योजना बनाई। जांच के अनुसार लखीमपुर खीरी के उचौलिया निवासी शिवम के माध्यम से करीब 20 हजार रुपये में भाड़े के शूटर तय किए गए थे।
योजना पंकज को सबक सिखाने की थी, लेकिन घटनास्थल पर हालात ऐसे बने कि पप्पू गुप्ता की जान चली गई।
विरोध में सड़क पर उतरे व्यापारी
घटना के बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बाजार बंद होने लगे और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर आरोपियों की गिरफ्तारी और व्यापारी सुरक्षा की मांग उठाई।
व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही मृतक परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा देने की भी मांग रखी गई।
सबसे पहले साजिशकर्ताओं पर कसा शिकंजा
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने साजिश रचने के आरोप में रमेश चंद्र और उनके दोनों बेटों विमल व सीतेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की।
मुठभेड़ में पहले शूटर लकी हुआ गिरफ्तार
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस ने अभियान के दौरान एक शूटर लकी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शनिवार रात दूसरी मुठभेड़, शिव और कुनाल दबोचे गए
शनिवार रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की तो हत्या में शामिल दो अन्य आरोपी शिव और कुनाल पुलिस के सामने आ गए। पुलिस का दावा है कि दोनों ने खुद को घिरा देखकर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोली से सिपाही जियाउल हक भी घायल हो गए। सभी घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
इन गिरफ्तारियों के बाद हत्याकांड में अब तक कुल छह आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, तीन कर्मी निलंबित
घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हुए। प्रारंभिक जांच में क्षेत्र में गश्त और निगरानी व्यवस्था में लापरवाही सामने आने पर कस्बा चौकी प्रभारी अनिल सिंह, कांस्टेबल प्रणव और कांस्टेबल नरेंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
फिलहाल क्या है स्थिति
पुलिस का कहना है कि हत्याकांड की साजिश रचने वाले और वारदात को अंजाम देने वाले अधिकांश आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं व्यापारी संगठन पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
दिनदहाड़े हुए इस हत्याकांड ने एक बार फिर बाजारों की सुरक्षा, पुलिस की सतर्कता और संगठित आपराधिक घटनाओं को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।