Iran US War: भारतीय नाविकों से जुड़े जहाजों पर लगातार हमलों की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। गुरुवार को ओमान के तट के पास भारतीय क्रू वाले जहाज MT जलवीर पर हमला हुआ, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया। इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट के पास तेल टैंकर MT सेत्तेबेल्लो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बीते तीन दिनों में भारतीय क्रू वाले जहाजों से जुड़ी यह तीसरी बड़ी घटना है।
ओमान के पास MT जलवीर पर हमला, जहाज में लगी आग
गुरुवार को ओमान के शिनास बंदरगाह के पास भारतीय क्रू वाले जहाज MT जलवीर पर हमला हुआ। हमले के बाद जहाज में आग लग गई। घटना के बाद भारतीय दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज पर हमला किसने किया और इससे कितना नुकसान हुआ है। जहाज पर मौजूद भारतीय क्रू की सुरक्षा को लेकर भी निगरानी रखी जा रही है।
Watch | मस्कट, ओमान : भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि आज ओमान के शिनास पोर्ट के पास एक जहाज पर हुए हमले से जुड़ी एक घटना सामने आई है।
दूतावास ने कहा है कि वह स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।@Indemb_Muscat | #Oman |… pic.twitter.com/S4SR15uoGo
— यूनीवार्ता (@univartaindia1) June 11, 2026
MT सेत्तेबेल्लो हमले में 3 भारतीयों की मौत की पुष्टि
इससे पहले बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास तेल टैंकर MT सेत्तेबेल्लो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस घटना को बेहद दुखद बताया।
उन्होंने कहा कि पहले जिन तीन भारतीय नाविकों को लापता माना जा रहा था, अब उनकी मौत की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि तीसरे नाविक की भी मृत्यु की पुष्टि हो गई है।
मृत भारतीय नाविकों की पहचान हुई
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक इस हादसे में आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और पटनाला सुरेश की जान गई है।
शुरुआत में पटनाला सुरेश को लापता बताया गया था, लेकिन बाद में उनकी भी मौत की पुष्टि कर दी गई। इस खबर के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर है और पूरे समुद्री समुदाय में दुख का माहौल है।
अमेरिका ने हमले की जिम्मेदारी बताई
MT सेत्तेबेल्लो पर हुए हमले को लेकर अमेरिकी सेना का कहना है कि यह जहाज ईरानी तेल लेकर जा रहा था। अमेरिका के अनुसार जहाज को कई चेतावनियां दी गई थीं, लेकिन उसने उन्हें नजरअंदाज किया। इसके बाद उस पर हमला किया गया।
हालांकि इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है और कई सवाल भी उठ रहे हैं।
तीन दिन में भारतीय क्रू वाले दो जहाजों पर हमला
पिछले तीन दिनों में भारतीय नाविकों वाले दो तेल टैंकर हमलों का शिकार हो चुके हैं।
पहला हमला 8 जून को MT मैरीवेक्स पर हुआ था। इस जहाज पर कुल 28 नाविक सवार थे, जिनमें 24 भारतीय शामिल थे। हमले के बाद भारतीय तटरक्षक बल और ओमान की एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी नाविकों को सुरक्षित बचा लिया था।
इसके बाद 10 जून को MT सेत्तेबेल्लो पर हमला हुआ। यह जहाज पलाऊ के झंडे के तहत संचालित हो रहा था। इस पर भी कुल 24 क्रू मेंबर मौजूद थे। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।
भारत सरकार ने जताया विरोध
MT सेत्तेबेल्लो घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की है। सरकार ने इस मामले को लेकर अमेरिकी दूतावास के समक्ष औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया है।
भारत ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मामले की पूरी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।
मृतकों के परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि मोदी सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाए गए भारतीय नाविकों को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए।
साथ ही जिन नाविकों की मौत हुई है, उनके पार्थिव शरीरों को भी शीघ्र भारत लाने की व्यवस्था की जाए ताकि परिवार अंतिम संस्कार कर सकें।
लगातार बढ़ रहे समुद्री हमलों से चिंता
ओमान और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास लगातार हो रहे हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। भारतीय नाविक बड़ी संख्या में वैश्विक व्यापारिक जहाजों पर काम करते हैं, ऐसे में इस तरह की घटनाएं भारत के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
MT जलवीर पर हुए ताजा हमले के बाद अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।