UP News: वाराणसी में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही 19 वर्षीय छात्रा की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। छात्रा तीन महीने की गर्भवती थी। आरोप है कि उसके बॉयफ्रेंड ने शादी से इनकार करते हुए उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया और उसकी मर्जी के खिलाफ अबॉर्शन की दवा खिला दी। दवा खाने के कुछ देर बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ गई, तेज ब्लीडिंग शुरू हो गई और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपी बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया है।
हॉस्टल की सीढ़ियों पर खून से लथपथ मिली छात्रा
बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे वाराणसी के एक बॉयज हॉस्टल में काम करने आए इलेक्ट्रीशियन ने सीढ़ियों के पास एक छात्रा को बेहोश हालत में पड़ा देखा। उसके कपड़े खून से सने हुए थे।
इलेक्ट्रीशियन के शोर मचाने पर हॉस्टल गार्ड और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। छात्रा को तुरंत शिव सर्जिकल नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया बॉयफ्रेंड का नाम
घटना के बाद पुलिस ने छात्रा की कॉल डिटेल्स खंगालीं और हॉस्टल के कर्मचारियों व परिजनों से पूछताछ की।
हॉस्टल गार्ड ने पुलिस को बताया कि छात्रा अक्सर जौनपुर के करियाव मीरगंज निवासी मोहम्मद समीर से मिलने हॉस्टल आती थी। इसके बाद पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर बुधवार देर शाम आरोपी समीर को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने पूरा मामला कबूल कर लिया।
दो साल से चल रहा था प्रेम संबंध
पुलिस पूछताछ में आरोपी समीर ने बताया कि दोनों पिछले दो वर्षों से रिलेशनशिप में थे। दोनों एक ही नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई करते थे।
छात्रा GNM सेकेंड ईयर की छात्रा थी, जबकि मोहम्मद समीर नर्सिंग थर्ड ईयर का छात्र है। आरोपी ने बताया कि कुछ समय पहले छात्रा ने उसे अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में बताया था। अल्ट्रासाउंड कराने पर पता चला कि वह तीन महीने की गर्भवती है।
डॉक्टरों ने गर्भपात से किया था इनकार
समीर ने पुलिस को बताया कि दोनों ने गर्भपात कराने के लिए कई डॉक्टरों से संपर्क किया था। लेकिन परिजनों की मौजूदगी और कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना कोई भी डॉक्टर गर्भपात के लिए तैयार नहीं हुआ।
इसके बाद दोनों ने खुद ही गर्भपात कराने का फैसला किया।
यूट्यूब देखकर खरीदी अबॉर्शन पिल्स
आरोपी ने बताया कि मेडिकल क्षेत्र का छात्र होने के कारण पहले उसने किताबों में जानकारी खोजी। जब कोई स्पष्ट रास्ता नहीं मिला तो उसने यूट्यूब पर वीडियो देखने शुरू किए।
कई वीडियो देखने के बाद उसने गर्भपात की दवा खरीद ली। दवा लेने का तरीका भी यूट्यूब से ही सीखा गया था। इसके बाद तय किया गया कि बुधवार को छात्रा दवा खाएगी।
शादी की बात कही तो बॉयफ्रेंड ने नहीं मानी
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बुधवार सुबह छात्रा खाना लेकर हॉस्टल पहुंची थी।
जब उसे दवा खाने के लिए कहा गया तो वह डर गई और मना करने लगी। उसने समीर से कहा कि दोनों शादी कर लेते हैं, लेकिन आरोपी ने उसकी बात नहीं मानी।
आरोप है कि समीर ने छात्रा पर दबाव बनाया और उसकी इच्छा के खिलाफ गर्भपात की दवा खिला दी।
दवा खाने के बाद बिगड़ी हालत
दवा खाने के करीब एक घंटे बाद छात्रा को तेज पेट दर्द शुरू हो गया। इसके कुछ समय बाद ब्लीडिंग होने लगी।
हालत बिगड़ने पर छात्रा ने आरोपी से अस्पताल ले चलने की गुहार लगाई। लेकिन इससे पहले कि कोई मदद मिल पाती, वह कमरे से बाहर निकलकर सीढ़ियों की ओर चली गई।
लगातार खून बहने की वजह से उसे चक्कर आया और वह सीढ़ियों पर गिर गई।
खून देखकर आरोपी भाग गया
आरोपी ने पुलिस को बताया कि छात्रा की हालत देखकर वह घबरा गया था।
उसने बताया कि छात्रा के प्राइवेट पार्ट से लगातार खून बह रहा था। हॉस्टल की लिफ्ट खराब थी, इसलिए छात्रा सीढ़ियों से नीचे जा रही थी। इसी दौरान वह गिर गई।
समीर ने बताया कि वह डर गया और छात्रा की मदद करने के बजाय अपने कमरे में गया, ताला लगाया और बस पकड़कर जौनपुर स्थित अपने घर भाग गया।
सात महीने पहले भी कराया गया था गर्भपात
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान छात्रा के बैग से दर्द निवारक दवाएं और अन्य मेडिकल सामग्री मिली है।
पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि करीब सात महीने पहले भी छात्रा का गर्भपात कराया गया था। पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से छात्रा के साथ चैट, फोटो और वीडियो भी मिले हैं, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है।
गार्ड ने बताई छात्रा की गतिविधियां
हॉस्टल गार्ड के अनुसार छात्रा पिछले दो दिनों से लगातार हॉस्टल आ रही थी।
मंगलवार को भी वह कई घंटों तक कैंपस में घूमती रही थी। बुधवार सुबह करीब 9:20 बजे वह अकेले हॉस्टल की सीढ़ियों से ऊपर गई थी और सीधे आरोपी के कमरे में पहुंची थी।
कुछ घंटे बाद वह खून से लथपथ हालत में मिली।
पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी कराई गई
ACP सारनाथ विद्युत सक्सेना ने बताया कि छात्रा के शव का पोस्टमॉर्टम दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया गया है।
पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे आगे की पूछताछ जारी है।
डॉक्टरों ने बताया कितना खतरनाक हो सकता है ऐसा कदम
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संध्या यादव के अनुसार यदि गर्भ तीन महीने का हो चुका हो तो बिना डॉक्टर की निगरानी के अबॉर्शन पिल्स लेना बेहद खतरनाक हो सकता है।
उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में चिकित्सकीय निगरानी और उचित मेडिकल प्रक्रिया जरूरी होती है।
वहीं डॉ. कीर्तिका अग्रवाल ने बताया कि गर्भपात की दवा लेने के बाद कई बार तेज ब्लीडिंग, असहनीय दर्द, कमजोरी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
यदि ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है।
पूरे मामले ने खड़े किए कई सवाल
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर युवाओं में मेडिकल जानकारी के गलत इस्तेमाल, सोशल मीडिया और यूट्यूब पर अधूरी जानकारी के आधार पर लिए जाने वाले फैसलों तथा बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं के सेवन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).