Salim Vastik Video: गाजियाबाद के चर्चित एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर उनके दो वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें वह खुद को तिहाड़ जेल से बाहर आने का दावा करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में सलीम वास्तिक मुसलमानों की भलाई के लिए काम करने और उन्हें शिक्षा की ओर ले जाने की बात कर रहे हैं। हालांकि, गाजियाबाद पुलिस ने अभी तक उनके जेल से बाहर आने की पुष्टि नहीं की है और वीडियो की सत्यता की जांच शुरू कर दी गई है।
दो वीडियो सामने आए, तिहाड़ जेल से बाहर होने का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो वीडियो में सलीम वास्तिक अलग-अलग जगहों पर दिखाई दे रहे हैं।
पहला वीडियो 44 सेकंड का है, जिसमें वह रात के समय एक बिजली के टावर के पास खड़े नजर आते हैं। वीडियो में वह टावर की ओर इशारा करते हुए दावा करते हैं कि वह तिहाड़ जेल के बाहर खड़े हैं।
दूसरा वीडियो 65 सेकंड का है, जिसमें वह एक कमरे के अंदर बैठे हुए दिखाई देते हैं और अपने जेल से बाहर आने की बात करते हैं।
पहले वीडियो में क्या कहा?
44 सेकंड के वीडियो में सलीम वास्तिक कहते सुनाई देते हैं कि वह तिहाड़ जेल के बाहर हैं।
वीडियो में वह कहते हैं कि अब समय आ गया है कि मुसलमानों को शिक्षा और तरक्की की राह पर ले जाया जाए। साथ ही वह दावा करते हैं कि वह मुस्लिम समाज को पढ़ाई-लिखाई की ओर प्रेरित करेंगे।
दूसरे वीडियो में बोले- सच्चा आदमी कभी परेशान नहीं होता
65 सेकंड के दूसरे वीडियो में सलीम वास्तिक कहते हैं कि सच्चा आदमी कभी परेशान नहीं हो सकता।
वह दावा करते हैं कि जिस मामले में वह जेल गए थे, उसमें केवल वही व्यक्ति बाहर आ सकता है जो सही हो। वीडियो में वह यह भी कहते हैं कि जेल में उन्हें सम्मान मिला और अब वह मुस्लिम समाज के लिए काम करेंगे।
साथ ही उन्होंने कहा कि वह मुसलमानों को केवल मौलाना बनने तक सीमित नहीं देखना चाहते, बल्कि उन्हें आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।
Salim Wastik (whose real name is Mohammad Saleem Khan) recently released videos claiming that he has come out of Tihar Jail.@Sanjay_Dixit pic.twitter.com/abYYm3198k
— Vyom Pallav 🇮🇳 (@VyomPallav) June 11, 2026
पुलिस ने वीडियो की जांच शुरू की
गाजियाबाद के डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार सलीम वास्तिक उम्रकैद के एक मामले में दोषी हैं और पैरोल पर बाहर आने के बाद फरार चल रहे थे। बाद में उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
अधिकारियों का कहना है कि अभी तक ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है कि वह गाजियाबाद लौटे हैं।
परिवार और पड़ोसियों को भी नहीं जानकारी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि जिस घर से सलीम वास्तिक को गिरफ्तार किया गया था, वह फिलहाल बंद है।
उनके परिवार ने भी उनके घर लौटने की पुष्टि नहीं की है। वहीं पड़ोसियों को भी उनके जेल से बाहर आने की कोई जानकारी नहीं है।
दैनिक भास्कर द्वारा किए गए संपर्क में उनका मोबाइल फोन भी बंद मिला।
कौन हैं सलीम वास्तिक?
सलीम वास्तिक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले के रहने वाले हैं।
करीब 20 साल पहले वह गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र की अशोक विहार कॉलोनी में आकर बस गए थे। परिवार में उनकी पत्नी और बेटा उस्मान खान हैं।
शुरुआती दिनों में वह निर्माण कार्य और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे। कुछ समय तक उन्होंने मौलवी के रूप में भी काम किया।
इस्लाम छोड़ने के बाद बने एक्स-मुस्लिम
करीब सात साल पहले सलीम ने इस्लाम धर्म छोड़ने का दावा किया था।
इसके बाद उन्होंने अपने नाम के साथ “वास्तिक” जोड़ लिया और खुद को एक्स-मुस्लिम बताना शुरू किया। उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया, जहां वह धर्म, शिक्षा, तीन तलाक, हलाला और अन्य सामाजिक मुद्दों पर वीडियो बनाते रहे।
उनके वीडियो अक्सर चर्चा और विवाद का विषय बने रहे।
जानलेवा हमले में बची थी जान
सलीम वास्तिक उस समय भी चर्चा में आए थे जब फरवरी 2026 में उन पर जानलेवा हमला हुआ था।
27 फरवरी को उनके कार्यालय में घुसकर दो हमलावरों ने चाकू से कई वार किए थे और उनका गला रेतने की कोशिश की थी।
पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने उन पर करीब 14 बार चाकू से हमला किया था। गंभीर हालत में उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और फिर दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हमलावर दो सगे भाई निकले
पुलिस जांच में हमलावरों की पहचान गुलफाम और जीशान के रूप में हुई थी, जो आपस में सगे भाई थे।
पुलिस का दावा है कि बाद में दोनों आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया था।
जांच एजेंसियों का मानना था कि सलीम द्वारा बनाए जा रहे वीडियो और धार्मिक मुद्दों पर उनकी टिप्पणियों के कारण उन पर हमला किया गया था।
अस्पताल से लौटने के कुछ दिन बाद हुई गिरफ्तारी
करीब एक महीने इलाज के बाद सलीम वास्तिक को अस्पताल से छुट्टी मिली थी और वह अप्रैल 2026 में अपने घर लौटे थे।
इसके कुछ ही दिनों बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
1997 के अपहरण और हत्या मामले में उम्रकैद
दिल्ली पुलिस के अनुसार सलीम वास्तिक का नाम एक पुराने अपहरण और हत्या के मामले में सामने आया था।
आरोप था कि उन्होंने अपने एक साथी के साथ मिलकर एक कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे का अपहरण किया था और फिरौती मांगी थी।
फिरौती न मिलने पर बच्चे की हत्या कर दी गई थी। बाद में पुलिस ने बच्चे का शव बरामद किया और मामले में सलीम सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखी थी सजा
1997 में अदालत ने सलीम वास्तिक और उनके साथी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
बाद में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सजा रद्द करने की मांग की थी, लेकिन 2011 में हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा।
अब वीडियो की सच्चाई पर टिकी नजरें
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सलीम वास्तिक वास्तव में तिहाड़ जेल से बाहर आ चुके हैं या फिर वायरल वीडियो किसी अन्य समय के हैं।
गाजियाबाद पुलिस और दिल्ली पुलिस इस मामले में जानकारी जुटा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही वायरल वीडियो और सलीम वास्तिक की वर्तमान स्थिति को लेकर तस्वीर साफ हो पाएगी।