Ghar Wapsi UP: सहारनपुर में एक बड़ा धार्मिक और सामाजिक मामला सामने आया है, जहां 40 वर्षीय शहजाद ने अपनी पत्नी के साथ सनातन धर्म अपनाकर अपना नाम शंकर रख लिया है। यह पूरा परिवर्तन हरिद्वार में धार्मिक विधि-विधान के साथ हुआ, जिसके बाद दोनों अपने परिवार सहित 57 दिन तक वहीं रहे। गुरुवार (19 जून 2026) को वे सहारनपुर लौटे, जहां ग्रामीणों ने उनका तिलक और मालाओं से स्वागत किया।
हरिद्वार में गंगा स्नान और वैदिक विधि से हुआ धर्म परिवर्तन
शहजाद और उनके परिवार का धर्म परिवर्तन 21 अप्रैल को हरिद्वार में धर्माचार्य अरुण कृष्ण महाराज की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान गंगा स्नान कराया गया, उसके बाद हवन-पूजन और वैदिक रीति से सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए गए।
धर्म परिवर्तन के बाद शहजाद ने अपना नया नाम “शंकर” रख लिया और सनातन धर्म को अपनाने की घोषणा की।
57 दिन हरिद्वार में रहने के बाद सहारनपुर वापसी
धर्म परिवर्तन के बाद शंकर अपने परिवार के साथ करीब 57 दिन हरिद्वार में रहे। इसके बाद 19 जून 2026 को वे सहारनपुर लौटे। गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और तिलक लगाकर सम्मानित किया।
घर वापसी के बाद सबसे पहले वे शिव मंदिर गए और वहां पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
“मौलाना के फतवे से परेशान था”: शंकर का दावा
शंकर ने अपने बयान में कहा कि वे पहले से ही सनातन धर्म में आस्था रखते थे, लेकिन सामाजिक दबाव और धार्मिक कट्टरता के कारण छिपकर पूजा-पाठ करते थे।
उन्होंने दावा किया कि जब भी उनकी धार्मिक गतिविधियों की जानकारी स्थानीय मौलानाओं को होती थी, तो उनके खिलाफ फतवे जारी किए जाते थे। इसी वजह से उन्होंने सनातन धर्म अपनाने का फैसला किया।
छिपकर करता था पूजा-पाठ, डर के साये में जीने का दावा
शंकर ने कहा कि पहले उन्हें धार्मिक कार्यक्रमों और यात्राओं में शामिल होना पड़ता था लेकिन यह सब छिपकर करना पड़ता था। उन्हें हमेशा यह डर रहता था कि कहीं किसी को जानकारी न हो जाए।
उनका कहना है कि अब धर्म परिवर्तन के बाद उन्हें मानसिक शांति मिली है और वे खुलकर अपनी आस्था का पालन कर पा रहे हैं।
#BREAKING#सहारनपुर में शहजाद से बने शंकर का पैतृक गांव में भव्य स्वागत #हरिद्वार में परिवार सहित सनातन धर्म अपनाने के बाद शहजाद से शंकर बने व्यक्ति का सहारनपुर के बहेड़ी गुर्जर गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
ढोल-नगाड़ों, पुष्पमालाओं और पारंपरिक… pic.twitter.com/I1XXylvOzH
— UN News (@UNNEWS_24X7) June 19, 2026
परिवार और रिश्तों को लेकर बड़ा बयान
शंकर ने यह भी कहा कि अब उनके साथ उनकी पत्नी और बच्चा हैं, लेकिन बाकी रिश्तेदारों से उनका कोई संपर्क नहीं रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि जो लोग इस्लाम धर्म को मानते हैं, उनसे उन्होंने दूरी बना ली है।
उनके अनुसार यह फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था और विश्वास पर आधारित है।
योगी सरकार का जिक्र और खुलकर जीवन जीने की बात
शंकर ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद उनका साहस बढ़ा है। अब वे बिना किसी डर के अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने लोगों से सरकार का समर्थन करने की भी अपील की।
धर्माचार्य अरुण कृष्ण महाराज का बयान: “घर वापसी हुई है”
धर्माचार्य अरुण कृष्ण महाराज ने इस पूरे मामले को “घर वापसी” बताया। उनका कहना है कि भारत की संस्कृति की जड़ें सनातन धर्म में हैं और कई लोग विभिन्न कारणों से उससे दूर हो गए थे।
उनके अनुसार जब व्यक्ति को अपनी जड़ों का एहसास होता है, तो वह स्वाभाविक रूप से वापस लौटता है। शहजाद और उनका परिवार भी इसी प्रक्रिया से होकर गुजरे हैं।
गांव में चर्चा का विषय बना मामला
सहारनपुर लौटने के बाद यह मामला गांव में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शंकर पहले से ही धार्मिक प्रवृत्ति के थे और अक्सर मंदिरों व धार्मिक आयोजनों में शामिल होते थे।
अब उनका नया जीवन और धर्म परिवर्तन पूरे इलाके में सुर्खियों में है।