UP News: उत्तर प्रदेश के कैराना में एक वलीमा समारोह के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस को सूचना मिली कि दावत में कथित तौर पर संरक्षित पशु का मीट परोसा जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने देर रात मैरिज होम में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संदिग्ध मीट बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा एक नई स्कॉर्पियो-एन गाड़ी भी कब्जे में ली गई है और दूल्हे समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सूचना के बाद देर रात पुलिस ने की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि यमुना किनारे क्षेत्र में किसी संरक्षित पशु का वध किया गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
छापेमारी के दौरान पुलिस को पशुओं के कुछ अवशेष मिले। इसके बाद मौके पर पशु चिकित्सक को बुलाया गया और प्रारंभिक जांच कराई गई। प्राथमिक परीक्षण के बाद अवशेषों को गड्ढे में दबा दिया गया। अब पुलिस विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
CCTV फुटेज ने खोला मामला
पुलिस जांच में सामने आया कि कथित तौर पर संदिग्ध मीट एक नई काले रंग की स्कॉर्पियो-एन गाड़ी से कैराना लाया गया था। इसके बाद पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए।
फुटेज की जांच के दौरान पुलिस मोहल्ला रेतावाला स्थित मुगल गार्डन मैरिज होम तक पहुंची। उस समय वहां निकाह के बाद दावत-ए-वलीमा का कार्यक्रम चल रहा था।
मैरिज होम में छापेमारी से मचा हड़कंप
पुलिस जैसे ही मैरिज होम पहुंची, वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके से कथित संदिग्ध मीट बरामद करने का दावा किया और उसी स्कॉर्पियो-एन गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया, जिस पर मीट लाने का शक जताया जा रहा है।
हालांकि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और पुलिस ने बरामद मीट की अंतिम पुष्टि नहीं की है।
दूल्हा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दूल्हे सहित कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि अभी जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी बरामद मीट की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने सिर्फ संदिग्ध मीट मिलने का दावा किया है और इसकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
ऐसे में रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला वास्तव में संरक्षित पशु से जुड़ा है या नहीं।