Accident Video: महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां यशवाड़ी देवस्थान स्थित हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभामंडप की छत अचानक गिर गई। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
मंदिर के सामने चल रहा था सभामंडप का निर्माण
रिपोर्ट्स के अनुसार हनुमान मंदिर के ठीक सामने सभा मंडप का निर्माण कार्य चल रहा था। शनिवार होने की वजह से मंदिर में सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा भीड़ थी।
दोपहर के समय बड़ी संख्या में लोग मंदिर में दर्शन और प्रसाद लेने पहुंचे हुए थे। इसी दौरान अचानक निर्माणाधीन ढांचा भरभराकर गिर पड़ा।
CCTV में कैद हुई पूरी घटना
हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोपहर करीब 3 बजे कई श्रद्धालु लाइन में खड़े होकर प्रसाद ले रहे थे और पूजा कर रहे थे।
इसी दौरान बांस और लोहे की रॉड से बना सेंट्रिंग स्ट्रक्चर अचानक टूट गया और पूरा निर्माणाधीन हिस्सा लोगों पर गिर गया।
#महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के परभणी जिले में यशवाड़ी देवस्थान में हनुमान मंदिर के हाल की छत गिरी। 6 की मौत। हादसे में 30 से 40 श्रद्धालु घायल हुए हैं। #hanumanmandir #parbhani #treagdy #maharashtra #templecollapse pic.twitter.com/DReb4Jb46W
— Sunil Maurya (@smaurya_journo) June 20, 2026
मलबे में दब गए कई लोग
हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते कई लोग मलबे के नीचे दब गए।
मौके पर मौजूद लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और अपने स्तर पर मलबा हटाने की कोशिश की।
32 लोगों में से 7 की मौत, 25 घायल
जिला प्रशासन के अनुसार हादसे में कुल 32 लोग प्रभावित हुए। जिला कलेक्टर संजय चव्हाण, उपमंडल अधिकारी संगीता चव्हाण और तहसीलदार पांडुरंग माछेवाड़ ने जानकारी दी कि इनमें से 7 लोगों की मौत हो गई है जबकि 25 लोग घायल हैं।
घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
कई विभागों ने मिलकर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। आपदा प्रबंधन विभाग, पथरी अग्निशमन विभाग, मानवत लोक निर्माण विभाग, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा टीम, परभणी नगर निगम और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से बचाव अभियान चलाया गया।
कई घंटों की मेहनत के बाद राहत और बचाव अभियान पूरा किया गया।
हादसे के बाद उठे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी भीड़ वाले धार्मिक स्थल पर निर्माण कार्य के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए थे। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है।