यूपी में अपराधियों पर पुलिस का प्रहार जारी: पप्पू गुप्ता हत्याकांड का मुख्य मास्टरमाइंड पुलिस मुठभेड़ में ढेर, योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर
उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लगातार जमीन पर दिखाई दे रही है। पीलीभीत में चर्चित पप्पू गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी और इनामी बदमाश शिवम उर्फ सरबजीत का शनिवार देर रात पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में अंत हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गंभीर रूप से घायल हुए बदमाश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए, जिनका उपचार चल रहा है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक अपराधी के अंत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में कानून व्यवस्था के प्रति सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का संदेश भी है।
क्या था पप्पू गुप्ता हत्याकांड?
पीलीभीत जिले के बिलसंडा क्षेत्र में मई 2026 के अंतिम सप्ताह में हुए पप्पू गुप्ता हत्याकांड ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पंकज कटियार से जुड़े विवाद के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे पप्पू गुप्ता को गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल पप्पू गुप्ता को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे जिले में भारी जनाक्रोश देखने को मिला। पुलिस ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए एसओजी, सर्विलांस, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की कई टीमों का गठन किया। शुरुआती में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुख्य आरोपी शिवम उर्फ सरबजीत लगातार फरार चल रहा था। उसके विरुद्ध हत्या, गैंगस्टर एक्ट सहित करीब एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित किया था और लगातार उसकी तलाश की जा रही थी।
जंगल में हुई आमने-सामने मुठभेड़
शनिवार देर रात पीलीभीत पुलिस शीतलपुर-मरोरी जंगल क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध पुलिस टीम के सामने पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन दोनों बदमाशों ने बिना समय गंवाए पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
अचानक हुई गोलीबारी के बावजूद पुलिस टीम ने संयम बनाए रखा और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग के दौरान एक बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका साथी जंगल का फायदा उठाकर अंधेरे में फरार होने में सफल रहा।
घायल बदमाश को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बाद में उसकी पहचान पप्पू गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी शिवम उर्फ सरबजीत के रूप में हुई।
मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल
इस मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोलीबारी में एक उपनिरीक्षक और एक मुख्य आरक्षी भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल भेजा गया और बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
मौके से बरामद हुआ हथियारों का जखीरा
घटनास्थल से पुलिस ने .32 बोर की सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, .315 बोर की सीएमपी तथा बड़ी मात्रा में जिंदा और खोखा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किन-किन वारदातों में किया गया था।
उधर फरार दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जंगल और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है।
लगातार कार्रवाई से अपराधियों की कमर तोड़ रही पुलिस
पप्पू गुप्ता हत्याकांड के बाद पुलिस ने लगातार अभियान चलाकर एक-एक कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। कई आरोपियों को मुठभेड़ों के दौरान पकड़ा गया और अब मुख्य आरोपी भी पुलिस कार्रवाई में मारा गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि पुलिस ने इस मामले को किसी भी स्तर पर हल्के में नहीं लिया और प्रत्येक आरोपी तक पहुंचने के लिए लगातार अभियान चलाया।
एसपी सुकीर्ति माधव मिश्रा का बयान
पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा ने बताया कि पप्पू गुप्ता हत्याकांड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल था। घटना के तुरंत बाद विभिन्न विशेषज्ञ टीमों का गठन कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया गया। अधिकांश अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि मुख्य आरोपी शिवम उर्फ सरबजीत लगातार फरार था और उस पर इनाम घोषित था।
एसपी ने बताया कि शनिवार रात पुलिस को उसके मूवमेंट की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने संदिग्धों की घेराबंदी कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी, जिसमें आरोपी घायल हुआ। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है। मौके से अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं। फरार साथी की तलाश लगातार जारी है और उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
एसपी ने कहा कि पीलीभीत पुलिस कानून के दायरे में रहते हुए हर अपराधी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी अपराधी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। जो व्यक्ति कानून हाथ में लेगा, उसके विरुद्ध वैधानिक और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का एक और उदाहरण
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार शुरू से ही अपराध और माफिया के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम करने की बात कहती रही है। पुलिस लगातार वांछित अपराधियों के विरुद्ध अभियान चला रही है और गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती, गैंगस्टर एक्ट तथा अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पीलीभीत की यह कार्रवाई भी उसी नीति की निरंतरता के रूप में देखी जा रही है, जहां पुलिस ने फरार इनामी आरोपी तक पहुंचकर कानून के दायरे में कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।