पीलीभीत: गविष्ठि यात्रा को प्रशासन ने नहीं दी अनुमति, आयोजकों का आरोप- पोस्टर फड़वाए गए
1 जुलाई को पीलीभीत पहुंचेगी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गविष्ठि यात्रा, आयोजकों ने प्रशासन पर लगाया कार्यक्रम में बाधा डालने का आरोप
पीलीभीत में 1 जुलाई को प्रस्तावित गविष्ठि यात्रा को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अगुवाई में निकल रही यात्रा के आयोजकों ने प्रशासन पर कार्यक्रम में बाधा डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। आयोजकों का कहना है कि यात्रा के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए पोस्टर और बैनर हटवा दिए गए हैं तथा कार्यक्रम की अनुमति भी नहीं दी जा रही है। वहीं उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी कीमत पर कार्यक्रम रद्द नहीं होने दिया जाएगा।
गोरखपुर से शुरू हुई गविष्ठि यात्रा 1 जुलाई को पहुंचेगी पीलीभीत
गोरखपुर से 3 मई को शुरू हुई गविष्ठि यात्रा 1 जुलाई को पीलीभीत पहुंचेगी। के.के. पुरम कॉलोनी में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रस्तावित कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में पादुका पूजन और आशीर्वचन का आयोजन होना है। यात्रा का उद्देश्य गौसंरक्षण, गौसम्मान और सनातन धर्म के प्रति जनजागरण का संदेश देना बताया गया है।
आयोजकों का आरोप- प्रशासन ने हटवाए पोस्टर, नहीं दी कार्यक्रम की अनुमति
इधर कार्यक्रम के संयोजक राजीव अग्रवाल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि यात्रा के स्वागत में पीलीभीत शहर और जिले के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए बैनर और होर्डिंग्स हटवा दिए गए। उनका आरोप है कि प्रशासन यात्रा को रोकना चाहता है और कार्यक्रम की अनुमति भी नहीं दी जा रही है।
राजीव अग्रवाल बोले- जान देनी पड़े तो भी हर हाल में होगा कार्यक्रम
राजीव अग्रवाल ने मीडिया के माध्यम से कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह अपनी जान की परवाह किए बिना भी इस जनजागरण यात्रा का आयोजन कराएंगे। उनका कहना है कि किसी भी कीमत पर कार्यक्रम रद्द नहीं होने दिया जाएगा।
विधायक जयद्रथ उर्फ प्रवक्ता नंद पर भी साधा निशाना
आपको बताते चले कि बरखेड़ा विधायक जयद्रथ उर्फ प्रवक्ता नंद, जो स्वयं पंचायती निर्मल अखाड़े के महामंडलेश्वर भी हैं, उनको गौमाता के सम्मान और सनातन से जुड़े इस अभियान में सहयोग करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।