Pilibhit News: नशे के कारोबार पर कसेगा शिकंजा, डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को दिया सख्त एक्शन प्लान
एनसीओआरडी (NCORD) बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता और बॉर्डर क्षेत्रों में कड़ी निगरानी के निर्देश
पीलीभीत। भारत सरकार के नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) अभियान के तहत जनपद में नशे के खिलाफ लड़ाई को और प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में गांधी सभागार में जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोकथाम, अवैध कारोबार पर कार्रवाई, युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई। NCORD केंद्र और राज्य की विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर नशे की तस्करी और दुरुपयोग पर अंकुश लगाने का राष्ट्रीय तंत्र है।
Pilibhit News: पुराने निर्देशों की समीक्षा, कार्रवाई में तेजी लाने के आदेश
बैठक की शुरुआत पिछली एनसीओआरडी बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा से हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि केवल बैठकें करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाई देने चाहिए। उन्होंने पुलिस, आबकारी और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन और तस्करी में शामिल नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाए तथा जब्ती और गिरफ्तारी की कार्रवाई में तेजी लाई जाए।
स्कूल-कॉलेज बनेंगे ‘नशा मुक्त जागरूकता केंद्र’
डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ सबसे बड़ी लड़ाई जागरूकता है। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जिले के स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं। विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधान और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाए ताकि युवा नशे की ओर आकर्षित न हों। यह पहल केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के उद्देश्यों के अनुरूप भी है।
नशे के सौदागरों पर प्रशासन की पैनी नजर, मेडिकल स्टोर भी जांच के दायरे में
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने अधिकारियों से कहा कि जनपद में नशे के अवैध कारोबार से जुड़े प्रत्येक नेटवर्क पर पैनी नजर रखी जाए। विशेष रूप से ऐसे मेडिकल स्टोरों और अन्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जाए, जहां प्रतिबंधित या नियंत्रित श्रेणी की नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की आशंका हो। उन्होंने कहा कि युवाओं और नई पीढ़ी को नशे का आदी बनाकर समाज को खोखला करने वाले किसी भी व्यक्ति, गिरोह या तस्कर को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस, आबकारी और औषधि विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर ऐसे तत्वों की पहचान करें और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि जनपद को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके।
नेपाल सीमा और संवेदनशील इलाकों पर विशेष फोकस
नेपाल सीमा से लगे जनपद होने के कारण पीलीभीत में सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी को बैठक का अहम मुद्दा बनाया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सीमा से जुड़े गांवों में सूचना तंत्र को और मजबूत किया जाए। पुलिस और संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से नियमित चेकिंग अभियान चलाएं ताकि किसी भी प्रकार की मादक पदार्थों की तस्करी को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।
समन्वित कार्रवाई पर दिया गया जोर
बैठक में कहा गया कि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई तभी संभव है जब पुलिस, आबकारी, समाज कल्याण, शिक्षा और अन्य विभाग मिलकर काम करें। केंद्र सरकार ने भी NCORD व्यवस्था को इसी उद्देश्य से विकसित किया है ताकि जिला स्तर पर विभिन्न एजेंसियां एक मंच पर आकर सूचनाओं का आदान-प्रदान करें और तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस अधीक्षक, जिला आबकारी अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने स्तर पर तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करें और अगली समीक्षा बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
‘नशा मुक्त पीलीभीत’ की दिशा में प्रशासन का बड़ा संदेश
बैठक के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया कि जनपद में नशे के अवैध कारोबार, तस्करी और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान और अधिक सख्ती से चलाया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य कानून के कड़ाई से पालन के साथ-साथ जनजागरूकता बढ़ाकर पीलीभीत को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस और स्थायी परिणाम हासिल करना है।