Kanwar Yatra 2026: हरिद्वार से गंगाजल लेकर उत्तर प्रदेश लौट रहे दो कांवड़ियों की शनिवार को उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। दोनों श्रद्धालु निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे बैठकर आराम कर रहे थे। इसी दौरान वहां रखा भारी लोहे का गार्डर अचानक उनके ऊपर गिर पड़ा, जिससे दोनों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
फ्लाईओवर के नीचे आराम कर रहे थे कांवड़िए
यह हादसा शनिवार दोपहर करीब 2:20 बजे हरिद्वार के बहादराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ेड़ी राजपूतान में हुआ।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों का एक समूह निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे कुछ देर आराम करने के लिए रुका था। इसी दौरान वहां रखा भारी लोहे का गार्डर अचानक नीचे गिर गया।
शुरुआती जांच में क्या सामने आया?
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, एक कांवड़िया कथित तौर पर वहां रखे भारी लोहे के गार्डर पर चढ़ गया था। इससे गार्डर का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे बैठे श्रद्धालुओं पर गिर पड़ा।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हादसे की वास्तविक वजह और सभी परिस्थितियों की जांच अभी जारी है।
दोनों कांवड़ियों के सिर पर आई गंभीर चोट
गार्डर गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे।
पुलिस की सहायता से दोनों घायलों को गार्डर के नीचे से निकालकर रुड़की उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मेरठ और गाजियाबाद के रहने वाले थे मृतक
एसपी क्राइम निशा यादव के अनुसार, मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- तनुज (21), पुत्र महेश चंद्र, निवासी छोटा हरिद्वार, जलालाबाद, थाना मुरादनगर (मेरठ)
- कृष्ण (22), पुत्र मटरु, निवासी शकूरपुर, थाना भोजपुर, जिला गाजियाबाद
दोनों हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने घर लौट रहे थे।
पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए शव
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए रुड़की उप जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया है।
पुलिस ने मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है।
सुरक्षा इंतजामों की भी होगी जांच
एसपी क्राइम निशा यादव ने बताया कि पुलिस केवल गार्डर गिरने की वजह ही नहीं, बल्कि निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कर रही है।
जांच के दौरान इन बिंदुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है:
- गार्डर किस तरह रखा गया था?
- क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था?
- निर्माण स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी व्यवस्था थी या नहीं?
- हादसा किन परिस्थितियों में हुआ?
एक दिन पहले भी कांवड़ यात्रा में हुआ था बड़ा हादसा
इस हादसे से एक दिन पहले यानी शुक्रवार को भी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा हुआ था।
ज्वालापुर के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के चार कांवड़ियों की मौत हो गई थी।
जानकारी के अनुसार, हरकी पैड़ी से गंगाजल भरने के बाद एक किशोर नहाने के लिए गंगनहर में उतरा था। तेज बहाव और दलदली मिट्टी में फंसने पर उसे बचाने के लिए तीन साथी भी पानी में कूद गए, लेकिन चारों की डूबने से मौत हो गई।
जल पुलिस, SDRF और स्थानीय पुलिस ने चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
पुलिस के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां न तो अधिकृत स्नान घाट था और न ही नहाने की अनुमति थी। वहां चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे।
लगातार हादसों ने बढ़ाई चिंता
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान लगातार हो रहे हादसों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन श्रद्धालुओं से निर्माण स्थलों, प्रतिबंधित क्षेत्रों और असुरक्षित स्थानों से दूर रहने की अपील कर रहे हैं। साथ ही इस हादसे में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी जांच भी की जा रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).