Shocking: उत्तर प्रदेश के झांसी से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। रविवार तड़के एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों को घर में सोते समय करैत सांप ने काट लिया। इलाज के दौरान 6 वर्षीय बेटे की मौत हो गई, जबकि 4 वर्षीय बेटी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। मां का कहना है कि अगर उन्हें पहले कमरे में सांप होने का पता चल जाता, तो शायद आज उनका बेटा जिंदा होता।
मां ने सुनाई उस रात की दर्दनाक कहानी
26 वर्षीय नेहा कुशवाहा ने रोते हुए बताया कि वह अपने दोनों बच्चों के साथ बेड पर सो रही थीं। रविवार तड़के करीब 3:30 बजे उनकी 4 साल की बेटी प्रगति जोर-जोर से रोने लगी। उन्हें लगा कि किसी चीज ने काट लिया है, इसलिए वह तुरंत उसे उठाकर अपनी सास के पास ले गईं।
करीब दो मिनट बाद 6 साल का बेटा मयंक भी जोर-जोर से चीखने लगा। जब वह उसके पास पहुंचीं तो देखा कि एक काला सांप उसके शरीर से लिपटा हुआ था और उसे कई जगह काट चुका था।
नेहा कहती हैं, “अगर मैं बेटी के साथ बेटे को भी उसी समय उठा लेती, तो शायद आज वह जिंदा होता। लेकिन मुझे पहले सांप दिखाई ही नहीं दिया।”
कुछ दिन पहले भी कमरे में निकला था सांप
परिवार के मुताबिक, घटना से 2-3 दिन पहले भी उसी कमरे में सांप का एक जोड़ा निकला था। उस समय परिवार वालों ने एक सांप को मार दिया था, जबकि दूसरा निकल गया था।
परिजनों का मानना है कि वही दूसरा सांप दोबारा घर में आया और बच्चों को डस लिया।
अप्रैल में पहली बार स्कूल गया था मयंक
यह घटना झांसी शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर बड़ागांव कस्बे के हरदौलपुरा मोहल्ले की है।
परिवार के मुखिया बलराम कुशवाहा खेती-किसानी करते हैं। उनके बेटे प्रदीप एपेक्स फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। प्रदीप अपनी पत्नी नेहा और दोनों बच्चों के साथ घर के आगे वाले हिस्से में रहते थे।
नेहा ने बताया कि अप्रैल में ही मयंक का एलकेजी में एडमिशन कराया गया था। छोटी बेटी प्रगति भी कभी-कभी उसके साथ स्कूल चली जाया करती थी। पूरा परिवार दोनों बच्चों से बेहद प्यार करता था।
पिता ड्यूटी पर गए, तभी हुआ हादसा
मयंक के ताऊ हरचरण कुशवाहा ने बताया कि रविवार तड़के करीब 3 बजे प्रदीप ड्यूटी पर चले गए थे। घर के बाकी लोग सो रहे थे। इसी दौरान करैत सांप बच्चों के कमरे में पहुंच गया और दोनों को काट लिया।
बच्चों की चीख सुनकर परिवार के लोग कमरे में पहुंचे और प्रदीप को भी तुरंत फोन कर वापस बुलाया।
दोनों बच्चों को बिना देर किए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
इलाज के दौरान बेटे की मौत, बेटी की हालत गंभीर
अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार सुबह करीब 9:30 बजे 6 वर्षीय मयंक ने दम तोड़ दिया।
वहीं, 4 वर्षीय प्रगति की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं और वह वेंटिलेटर पर भर्ती है।
रविवार शाम करीब 7 बजे मयंक के शव को दफनाया गया।
बेटे के शव से लिपटकर रोती रही मां
पोस्टमॉर्टम के बाद जब मयंक का शव घर पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया।
मां नेहा बेटे के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीं। बार-बार बेहोश हो जातीं और होश आने पर यही कहतीं कि अगर उन्हें कमरे में सांप होने का जरा भी अंदाजा होता, तो वह बच्चों को वहां कभी नहीं सुलातीं।
घटना के बाद भी नहीं मिला सांप
वार्ड पार्षद सुशील कुमार कुशवाहा ने बताया कि हादसे के बाद परिवार के लोग घर के अंदर जाने से भी डर रहे हैं।
सांप पकड़ने वालों को बुलाया गया। एक बार सांप कमरे के बाहर दिखाई भी दिया, लेकिन कुछ ही देर में वह घर के अंदर बने एक बिल में घुस गया। बाद में आसपास खुदाई भी कराई गई, लेकिन सांप नहीं मिला।
करैत सांप क्यों होता है इतना खतरनाक?
करैत भारत के चार सबसे जहरीले सांपों में गिना जाता है।
इसकी खास बातें:
- यह ज्यादातर रात में सक्रिय रहता है।
- इसका जहर सीधे तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) पर असर करता है।
- शुरुआत में दर्द या सूजन बहुत कम हो सकती है, जिससे खतरे का अंदाजा नहीं लग पाता।
- समय पर इलाज न मिलने पर सांस रुकने जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
- इसके काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) लगवाना बेहद जरूरी होता है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
एक ही रात में परिवार ने अपने 6 साल के बेटे को खो दिया, जबकि 4 साल की बेटी अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रही है। पूरे इलाके में इस दर्दनाक घटना के बाद शोक का माहौल है और हर कोई प्रगति के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है।