Pratapgarh Accident: लगातार हो रही बारिश के बीच उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में बुधवार देर रात करीब 100 साल पुराना मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त परिवार के सभी सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे। मलबे में दबने से माता-पिता, छोटे बेटे, बहू और उसके दो मासूम बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई। परिवार के 7 सदस्यों में अब सिर्फ बड़ा बेटा अमन श्रीवास्तव ही जीवित बचा है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
रात 2 बजे अचानक गिरी छत, किसी को संभलने का मौका नहीं मिला
जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात गर्मी और उमस की वजह से परिवार के सभी सात सदस्य AC वाले कमरे में सो रहे थे। रात करीब 2 बजे अचानक कमरे की छत भरभराकर गिर गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को चीखने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। पूरा परिवार कई फीट ऊंचे मलबे में दब गया।
कमरे के किनारे सोने से बच गई अमन की जान
हादसे के समय बड़ा बेटा अमन श्रीवास्तव कमरे के किनारे सो रहा था। छत गिरने के बाद वह किसी तरह मलबे से बाहर निकल आया। इसके बाद उसने जोर-जोर से शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
दो घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिसकर्मियों ने लोहे की रॉड से खिड़की तोड़कर घर में प्रवेश किया और एक-एक कर सभी लोगों को मलबे से बाहर निकाला। सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मलबे में दबने और दम घुटने से उनकी मौत हुई।
हादसे में किन-किन लोगों की गई जान?
इस दर्दनाक हादसे में मकान मालिक प्रमोद श्रीवास्तव (60), उनकी पत्नी रीता श्रीवास्तव (55), छोटा बेटा नितिन (25), बहू माधुरी (23) और उनके दो मासूम बेटे माधव (2 वर्ष) तथा अद्विक (10 माह) की मौत हो गई।
परिवार के सात सदस्यों में सिर्फ अमन श्रीवास्तव (28) जीवित बचे हैं और उनका जिला अस्पताल में इलाज जारी है।
पुश्तैनी मकान में रहता था परिवार
प्रमोद श्रीवास्तव दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई पवन अलग मकान में रहते हैं और प्रतापगढ़ कचहरी परिसर में चाय की दुकान चलाते हैं। प्रमोद अपने पुश्तैनी मकान में रहते थे और रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे, जबकि उनकी पत्नी गृहिणी थीं।
कुछ समय पहले दोनों भाइयों ने अपनी पैतृक जमीन करीब 75 लाख रुपये में बेची थी। इसके बाद परिवार मकान को बेहतर बनाने की तैयारी में था।
तीन साल पहले पहली मंजिल की दीवारें बनी थीं
करीब 1,300 वर्गफीट में बने इस मकान में दो कमरे, रसोई, शौचालय और बाथरूम था। पूरे घर के चारों तरफ बाउंड्रीवाल बनी हुई थी। लगभग तीन साल पहले पहली मंजिल की दीवारें खड़ी कर दी गई थीं, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से उस पर लिंटर नहीं डल पाया था। परिवार जल्द ही लिंटर डलवाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले यह बड़ा हादसा हो गया।
अमन ने सुनाई उस रात की दर्दनाक कहानी
हादसे में बचे अमन श्रीवास्तव ने बताया कि रात करीब साढ़े 10 बजे पूरा परिवार खाना खाकर सो गया था। रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई। आंख खुली तो पूरा कमरा मलबे में तब्दील हो चुका था और उनका शरीर भी मिट्टी में दबा था।
उन्होंने किसी तरह खुद को बाहर निकाला और देखा कि परिवार के बाकी सभी सदस्य मलबे के नीचे दबे हुए हैं। अमन ने अकेले उन्हें निकालने की कोशिश की, लेकिन मलबा बहुत ज्यादा होने के कारण सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने मदद के लिए जोर-जोर से आवाज लगाई, जिसके बाद आसपास के लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे।
प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा मिलने वाला था
प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय और एसपी दीपक भूकर ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। डीएम ने बताया कि यह बेहद दुखद घटना है। शासन की ओर से पीड़ित परिवार के खाते में 26 लाख रुपये की सहायता राशि तत्काल भेजी जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस परिवार के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने की धनराशि स्वीकृत हो चुकी थी और जल्द ही पैसा मिलने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर प्रयागराज मंडल के एडीजी ज्योति नारायण और आईजी अजय कुमार मिश्रा घटनास्थल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने डीएम और एसपी से राहत एवं बचाव कार्य की पूरी जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).