Crime News: मथुरा के गोविंद नगर थाना क्षेत्र में 42 वर्षीय मनोज सोनी के करीब चार महीने से लापता होने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मनोज की उसकी पत्नी नैना, बेटी और बेटी के प्रेमी ने मिलकर हत्या कर दी। आरोप है कि मनोज ने बेटी को उसके प्रेमी के साथ देख लिया था और इसका विरोध किया था। इसके बाद उसे दूध में नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया गया और सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी गई। शव को अक्रूर के जंगल में दफनाने का भी आरोप है। हालांकि, पुलिस की कई जगह JCB से खुदाई और सर्च ऑपरेशन के बावजूद अभी तक शव बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने पत्नी, बेटी और बेटी के प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
18 अप्रैल की रात पति-पत्नी में विवाद के बाद लापता हुए मनोज
जयसिंहपुरा के राधा कृष्ण वाटिका निवासी रामबाबू ने पुलिस को बताया कि उनके तीन भाइयों में सबसे छोटे मनोज सोनी थे। 18 अप्रैल की रात पत्नी से विवाद के बाद मनोज अचानक लापता हो गए। इसके बाद उनकी पत्नी नैना ने 21 अप्रैल को गोविंद नगर थाने में गुमशुदगी की सूचना दी थी, लेकिन अगले ही दिन वह प्रार्थना पत्र वापस ले गई।
जेठ ने 9 मई को दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत
मनोज के लापता होने के बाद उनके बड़े भाई रामबाबू ने 9 मई को गोविंद नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई और पुलिस से मनोज की तलाश करने की मांग की। परिजनों के मुताबिक, उस समय उन्हें कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी।
इसके बाद 7 जून को नैना घर में ताला लगाकर अपनी छोटी बेटी को साथ लेकर चली गई। घर पर ताला लगा देखकर परिजनों को शक हुआ। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई।
SSP के आदेश पर दोबारा शुरू हुई तलाश
परिजनों की शिकायत के बाद SSP के आदेश पर 11 जुलाई को गोविंद नगर पुलिस ने मनोज की गुमशुदगी दर्ज की और उनकी पत्नी व बेटी की तलाश शुरू की। पुलिस ने करीब एक सप्ताह पहले मां-बेटी को मथुरा बुलाकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद नैना अपने मायके चली गई।
मायके में पिता के सामने नैना ने खोले राज-परिजनों का दावा
परिजनों के अनुसार, मायके में पिता के पूछने पर नैना ने कथित तौर पर पूरी घटना के बारे में जानकारी दी। आरोप है कि उसने बताया कि छोटी बेटी और उसके प्रेमी ने मनोज को दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया था। इससे मनोज बेहोश हो गए और इसके बाद उनके सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी गई।
परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद शव को अक्रूर के जंगल में दफना दिया गया। बताया गया कि मनोज ने अपनी बेटी को उसके प्रेमी के साथ देख लिया था और इसका कड़ा विरोध किया था। इसी वजह से हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया है।
बेटी का प्रेमी डिलीवरी बॉय भी हिरासत में
पुलिस ने इसी कॉलोनी में रहने वाले बेटी के कथित प्रेमी विमल चौधरी को हिरासत में लिया। वह डिलीवरी बॉय बताया जा रहा है। पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसके द्वारा बताई गई जानकारी के आधार पर अक्रूर के जंगल में शव की तलाश शुरू की।
JCB से जंगल में खुदाई, लेकिन नहीं मिला शव
बृहस्पतिवार रात पुलिस ने JCB मशीन की मदद से अक्रूर के जंगल में शव की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। शुक्रवार को भी अक्रूर के जंगल, घाट और मनोज के घर में तलाशी ली गई। कई जगह खुदाई कराई गई, लेकिन अभी तक शव का कोई सुराग नहीं मिला है।
पुलिस फिलहाल पत्नी, बेटी और बेटी के प्रेमी से पूछताछ कर रही है और शव की तलाश जारी है।
गोसेवा का काम करते थे मनोज
रामबाबू के मुताबिक, मनोज सोनी राधे बाबा गोशाला में गोसेवक थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और 12 साल का एक बेटा है। बड़ी बेटी की शादी आगरा में हुई है और बेटा भी वहीं रहता है। फिलहाल मनोज अपनी पत्नी नैना और छोटी बेटी के साथ जयसिंहपुरा में रहते थे।
पति के दिल्ली जाने की कहानी बताने का आरोप
मनोज की बहन भावना भी उसी कॉलोनी की दूसरी गली में रहती हैं। उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले नैना अपनी बेटी के साथ घर आई थी और बाद में उन्हें अपने घर ले गई।
भावना के मुताबिक, जब उन्होंने मनोज के बारे में पूछा तो नैना ने बताया कि वह नौकरी करने के लिए दिल्ली गए हैं। उसने कथित तौर पर बताया कि मनोज पर कर्ज था और वह नौकरी करके जल्द कर्ज चुकाने की बात कहकर गए हैं।
कपड़े और दस्तावेज जलाने का भी आरोप
भावना ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान नैना ने घर में रखे कुछ कपड़े और जरूरी दस्तावेज बाहर निकाले और उन्हें आग लगा दी। इसके बाद उसने घर में ताला लगाया और वहां से चली गई।
परिजनों का आरोप है कि उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि इन घटनाओं के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।
परिजनों ने सुनियोजित हत्या का लगाया आरोप
मनोज के भाई रामबाबू ने आरोप लगाया कि उनके भाई की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई। उनका कहना है कि हत्या के बाद पत्नी, बेटी और बेटी के प्रेमी ने घटना से जुड़े साक्ष्य मिटाने की कोशिश की, ताकि किसी को वारदात की जानकारी न मिल सके।
परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। नैना के घर से जाने के बाद परिजनों ने घर पर ‘मकान बिकाऊ है’ भी लिखवा दिया है।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
पुलिस का कहना है कि परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को जांच में शामिल किया गया है। घर से मिले साक्ष्यों, फोरेंसिक जांच और पत्नी, बेटी व उसके कथित प्रेमी से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अभी मनोज के शव को बरामद करना है। अक्रूर के जंगल, घाट और घर समेत कई जगह तलाश के बावजूद शव नहीं मिलने से जांच जारी है।
SSP ने कहा- शव की तलाश जारी
SSP श्लोक कुमार के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात और शुक्रवार को शव की तलाश के लिए अक्रूर के जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस मनोज के शव की तलाश में जुटी हुई है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).