UP News: झांसी में एक 62 वर्षीय पुजारी की पुलिस हिरासत के दौरान मौत का मामला सामने आया है। गुरसराय थाने में हिरासत में रखे गए पुजारी की हालत सोमवार सुबह गंभीर मिली, जिसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुजारी पर 9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था। वहीं, परिजनों ने आरोपों को झूठा बताते हुए पुलिस पर दबाव बनाने और पूरे मामले में साजिश की आशंका जताई है। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात की गई है।
9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में हिरासत में लिए गए थे पुजारी
पुलिस के मुताबिक, सिंगार गांव निवासी 62 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद मंदिर के पुजारी थे। रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे 9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। उन्हें गुरसराय थाने लाया गया, जहां पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
सोमवार सुबह थाने के टॉयलेट में गंभीर हालत में मिले
पुलिस के अनुसार सोमवार सुबह करीब 6 बजे पुलिसकर्मियों ने पुजारी को थाने के टॉयलेट में गंभीर हालत में देखा। पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल नीचे उतारा और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
इलाज के दौरान पुजारी की मौत
मेडिकल कॉलेज में पुजारी का इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इलाज के दौरान सुबह करीब 10:15 बजे उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पुलिस उन्हें सुबह करीब 8:15 बजे अस्पताल लेकर पहुंची थी।
परिजनों ने थाने में किया हंगामा
पुजारी की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन थाने पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। परिवार ने पुजारी पर लगाए गए छेड़छाड़ के आरोपों को झूठा बताया। उनका कहना है कि राजेंद्र प्रसाद आरोप को सहन नहीं कर पाए और उन पर मानसिक दबाव बनाया गया।
बेटे का दावा- पिता निर्दोष थे
राजेंद्र प्रसाद के बड़े बेटे विनय ने बताया कि उनके गांव में राधा-कृष्ण का मंदिर है और मंदिर की करीब 8 बीघा जमीन है। उनके परिवार की तीन पीढ़ियां मंदिर में पूजा करती आ रही हैं। वर्तमान में उनके पिता और वह मंदिर में पूजा करते थे।
विनय का आरोप है कि गांव के कुछ लोग उनके परिवार को मंदिर से हटाना चाहते हैं। इसी विवाद के कारण उनके पिता को झूठे मामले में फंसाया गया।
फूल तोड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद
विनय के मुताबिक रविवार सुबह करीब 8:30 बजे उनके पिता सबमर्सिबल पंप बंद करने गए थे। उसी दौरान 9 साल की बच्ची गेट पर लगे पेड़ से कनेर के फूल तोड़ रही थी। विनय का दावा है कि गांव के अन्य लोग भी वहां से फूल तोड़ते हैं।
बेटे के मुताबिक, उनके पिता ने बच्ची को केवल डांटा था और इसके बाद बच्ची अपने घर चली गई। कुछ देर बाद बच्ची के परिवार की ओर से पुजारी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया।
डायल-112 की सूचना पर पुलिस पहुंची
विनय ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे बच्ची के परिवार की ओर से डायल-112 पर सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उनके पिता को पूछताछ के लिए थाने ले गई।
परिवार के अनुसार जब वे थाने पहुंचे तो शुरुआत में उन्हें राजेंद्र प्रसाद से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। शाम करीब 7 बजे उन्हें पिता से मिलने दिया गया।
रात में बेटे ने पिता से की थी मुलाकात
विनय के मुताबिक रात करीब 10:30 बजे थाने में उनके पिता को खाना खिलाया गया था। इसके बाद परिवार के लोग घर लौट गए। उस समय राजेंद्र प्रसाद अपने बेटे से खुद को निर्दोष बता रहे थे।
विनय का कहना है कि उस वक्त उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि अगले दिन उनके पिता की मौत की खबर मिलेगी।
सुबह अस्पताल भेजे जाने की दी गई जानकारी
विनय के अनुसार सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे वह अपने पिता के लिए चाय लेकर थाने पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि उनके पिता की तबीयत खराब हो गई थी और उन्हें सुबह करीब 6 बजे अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस की ओर से उन्हें पथरी, गैस और सांस लेने में दिक्कत होने की बात बताई गई थी। करीब एक घंटे बाद परिवार को पता चला कि थाने के टॉयलेट में राजेंद्र प्रसाद ने अपनी जान लेने की कोशिश की थी।
मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद मौत की जानकारी मिली
परिजन जब मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि राजेंद्र प्रसाद का इलाज चल रहा है। विनय के मुताबिक कुछ देर बाद पुलिस जब शव लेकर जाने लगी, तब परिवार को पता चला कि उनके पिता की मौत हो चुकी है।
इस पर विनय ने पुलिस के सामने नाराजगी जताई और कहा कि परिवार को पहले ही मौत की जानकारी दी जानी चाहिए थी। इसके बाद इंस्पेक्टर ने उन्हें समझाकर शांत कराया।
बेटे ने लगाया दबाव बनाने का आरोप
विनय ने आरोप लगाया कि उनके 62 वर्षीय पिता पर झूठे आरोप लगाए गए और उन पर दबाव बनाया गया। उनका कहना है कि परिवार ने पहले ही आरोपों को गलत बताया था, लेकिन गांव के लोगों के दबाव में पुलिस ने उनके पिता को हिरासत में लिया।
विनय ने मामले में मिलीभगत की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर किसी ने साजिश रची है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
परिवार बोला- निष्पक्ष जांच हो
मृतक के बेटे ने कहा कि परिवार को भरोसा है कि निष्पक्ष जांच होने पर पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। परिवार ने पुलिस और प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
अस्पताल प्रशासन ने क्या बताया?
सीएमएस डॉ. सचिन माहुर के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 8:15 बजे पुलिस राजेंद्र प्रसाद को अस्पताल लेकर पहुंची थी। उन्होंने बताया कि थाने के टॉयलेट में घटना के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया था और गले पर फंदे के निशान थे। डॉक्टरों ने इलाज किया, लेकिन सुबह करीब 10:15 बजे उनकी मौत हो गई।
एसएसपी ने दिए जांच के आदेश
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि थाना परिसर के टॉयलेट में पॉक्सो और छेड़छाड़ के आरोपी ने अपनी जान लेने की कोशिश की थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एसएसपी ने मामले की जांच के लिए एसपी ग्रामीण को निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अगर जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गांव में तनाव, पुलिस और पीएसी तैनात
पुजारी की मौत के बाद उनके परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी है। मामले को देखते हुए गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है।
अब जांच में इन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे
पुजारी की मौत के बाद पुलिस की हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि हिरासत के दौरान उनकी निगरानी किस तरह की जा रही थी, घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या पुलिस स्तर पर किसी तरह की लापरवाही हुई थी। एसपी ग्रामीण की जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।