Accident News: झारखंड के रामगढ़ के बरकाकाना में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात फैक्ट्री में काम के दौरान अचानक टरबाइन ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि प्लांट में भीषण आग लग गई। हादसे में 3 इंजीनियर्स की झुलसने से मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मजदूर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे में 3 इंजीनियर्स की मौत
हादसे में जान गंवाने वाले इंजीनियर्स की पहचान रांची निवासी संजीव कुमार केसरी (50), बोकारो के जगेश्वर बिहार निवासी विनीत महतो (25) और गढ़वा निवासी अभिषेक पांडेय (24) के रूप में हुई है। वहीं, घायल मजदूर की पहचान तरुण रजवार के रूप में हुई है। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
टरबाइन ब्लास्ट के बाद प्लांट में लगी भीषण आग
शुक्रवार देर रात फैक्ट्री के पावर प्लांट में अचानक टरबाइन ब्लास्ट हुआ। धमाके के बाद प्लांट में आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद रामगढ़ से चार-पांच फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं।
रामगढ़।।बरकाकाना थाना क्षेत्र के हेहल स्थित सीमेंट एंड इस्पात के पावर प्लांट में अचानक ब्लास्ट हो गया. हादसे में प्लांट में कार्यरत तीन इंजीनियरों की मौत हो गई।#Jharkhand pic.twitter.com/KIdUo1tfwe
— Sohan singh (@sohansingh05) August 22, 2026
दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग बुझाई
फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद फैक्ट्री के पावर प्लांट में लगी आग पर काबू पाया। ब्लास्ट और आग के बाद फैक्ट्री परिसर में देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हादसे के बाद प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
यूनिट इंचार्ज ने ओवरहीटिंग को बताया हादसे की वजह
फैक्ट्री के पावर प्लांट यूनिट के इंचार्ज अनुराग त्रिपाठी ने हादसे के लिए प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि प्लांट में तापमान बढ़ने और ओवरहीटिंग के कारण हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि तापमान को नियंत्रित करने के लिए प्रबंधन से कई बार AC लगाने का अनुरोध किया गया था, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।
समय रहते तापमान कंट्रोल होता तो हादसा टल सकता था: यूनिट इंचार्ज
अनुराग त्रिपाठी के मुताबिक, प्लांट में तापमान लगातार बढ़ रहा था। इसे नियंत्रित करने के लिए AC लगाने की जरूरत थी। उनका आरोप है कि अगर समय रहते तापमान को नियंत्रित करने की व्यवस्था की जाती तो हादसे को टाला जा सकता था।
कर्मचारी ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
फैक्ट्री में काम करने वाले अशोक गोराई ने बताया कि टरबाइन की मदद से बिजली पैदा की जाती है और यहीं से पावर सप्लाई होती है। इस वजह से इस हिस्से में तापमान ज्यादा रहता है और इसे ठंडा रखने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि तापमान को नियंत्रित करने के लिए यहां AC नहीं था और इसे प्रबंधन की लापरवाही बताया।
ग्रामीणों में फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी
हादसे की जानकारी मिलने के बाद शनिवार सुबह बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण फैक्ट्री के सामने इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों में फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी है। लोगों ने हादसे में मारे गए कर्मचारियों के आश्रितों को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।
फैक्ट्री गेट जाम करने की तैयारी
ग्रामीण फैक्ट्री गेट को जाम करने की तैयारी में हैं। वहीं, तीनों मृतकों के शव वापस फैक्ट्री के पास लाए जा रहे हैं। घटना को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ रोजगार भी दिया जाए।
विनीत महतो पांच बहनों के इकलौते भाई थे
हादसे में जान गंवाने वाले बोकारो के जगेश्वर बिहार निवासी विनीत महतो अपने परिवार में पांच बहनों के इकलौते भाई थे। करीब चार साल पहले उनकी शादी हुई थी। उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। परिवार में बूढ़े मां-बाप भी हैं, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी विनीत के कंधों पर थी।
बहन बोली- विनीत ही परिवार में कमाने वाले इकलौते सदस्य थे
विनीत की बहन फुलेश्वरी ने बताया कि विनीत ही परिवार में कमाने वाले इकलौते सदस्य थे। उन्होंने कहा कि भाई की मौत के बाद परिवार के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर का गुजारा कैसे चलेगा। फुलेश्वरी के मुताबिक, विनीत की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
बहन ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
फुलेश्वरी देवी ने हादसे के लिए फैक्ट्री प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विनीत की मौत हो चुकी थी तो प्रबंधन उसे रिम्स क्यों लेकर गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण उनके भाई की जान गई और सरकार के साथ-साथ फैक्ट्री प्रबंधन से परिवार की आर्थिक मदद करने की मांग की।
आधिकारिक जांच के बाद ही साफ होगी हादसे की असली वजह
हालांकि, टरबाइन ब्लास्ट और आग लगने की वास्तविक वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। यूनिट इंचार्ज ने ओवरहीटिंग और तापमान नियंत्रण की व्यवस्था नहीं होने को हादसे की वजह बताया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस और फैक्ट्री प्रबंधन घटना के कारणों की जानकारी जुटा रहे हैं।
फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। तीन इंजीनियर्स की मौत और एक मजदूर के गंभीर रूप से घायल होने के बाद अब यह भी जांच का विषय है कि प्लांट में तापमान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं।
ग्रामीणों की मांग- मृतकों के परिवार को मुआवजा और नौकरी मिले
ग्रामीणों ने साफ तौर पर मांग की है कि हादसे में जान गंवाने वाले तीनों कर्मचारियों के आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। फिलहाल मृतकों के शव फैक्ट्री के पास लाए जा रहे हैं और ग्रामीणों के विरोध के चलते इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।