UP Crime: भदोही में डिजिटल लाइब्रेरी के वॉशरूम में छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिल्डिंग मालिक के बेटे ने वॉशरूम की दीवार में छेद कर मोबाइल के जरिए छात्राओं के वीडियो रिकॉर्ड किए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी करीब दो महीने से ऐसा कर रहा था। मामला जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर गोपीगंज थाना क्षेत्र का है।
शक होने पर छात्राओं ने लाइब्रेरी संचालक से की शिकायत
गुरुवार को शक होने पर छात्राओं ने लाइब्रेरी संचालक भरथरी बिंद से शिकायत की। इसी दौरान छात्र-छात्राओं ने आरोपी का मोबाइल अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच की। मोबाइल में छात्राओं के 12 वीडियो मिलने के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कबूल की बात
पुलिस के पहुंचने के बाद आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई। आरोप है कि पूछताछ के दौरान उसने वीडियो रिकॉर्ड करने की बात कबूल कर ली और माफी मांगने लगा। उसने कहा कि दोबारा ऐसी गलती नहीं होगी। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
2 साल से चल रही थी न्यू डिजिटल लाइब्रेरी
लालानगर में एक मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर न्यू डिजिटल नाम से लाइब्रेरी चल रही थी। लाइब्रेरी संचालक भरथरी बिंद पिछले 2 साल से इसे चला रहे थे। यहां ऑनलाइन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले 28 छात्र-छात्राएं पढ़ते थे। इनमें 12 छात्राएं और 16 छात्र शामिल हैं।
लाइब्रेरी के नीचे आरोपी की किराने की दुकान
यह बिल्डिंग लाल बहादुर गुप्ता की है। पहली मंजिल पर लाइब्रेरी चलती थी, जबकि नीचे उनके बेटे रवि गुप्ता की किराने की दुकान थी। लाइब्रेरी के ठीक बगल में रवि का एक कमरा था, जिसमें वह सामान रखता था। छात्राओं के वॉशरूम की दीवार इसी कमरे से सटी हुई थी।
वॉशरूम की दीवार में छेद कर मोबाइल से बनाता था वीडियो
लाइब्रेरी संचालक भरथरी बिंद के मुताबिक, आरोपी ने छात्राओं के वॉशरूम की दीवार में छेद कर रखा था। छात्राएं जब वॉशरूम जाती थीं, तब वह कथित तौर पर उस छेद में मोबाइल लगाकर छिपकर वीडियो रिकॉर्ड करता था। छात्राओं को पहले भी कई बार रवि पर शक हुआ था, लेकिन उस समय किसी ने शिकायत नहीं की थी।
इंटरनेट में दिक्कत के दौरान आरोपी पर फिर हुआ शक
लाइब्रेरी संचालक के मुताबिक, गुरुवार को लाइब्रेरी के इंटरनेट में दिक्कत आ गई। इस वजह से छात्र-छात्राएं बाहर आए। इसी दौरान रवि बार-बार अपने कमरे में आ-जा रहा था। उसके इस व्यवहार को देखकर छात्राओं को फिर शक हुआ और उन्होंने इसकी शिकायत लाइब्रेरी संचालक से की।
शक होते ही मोबाइल छोड़कर भाग गया आरोपी
शिकायत के बाद जब मामला रवि तक पहुंचा तो वह मोबाइल छोड़कर वहां से भाग गया। बाद में जब वह वापस आया तो लाइब्रेरी संचालक और छात्र-छात्राएं उसके कमरे में पहुंचे। उन्होंने उससे मोबाइल का लॉक खुलवाया और फोन की जांच की।
मोबाइल में मिले छात्राओं के वीडियो
मोबाइल की जांच के दौरान छात्राओं के वीडियो मिले। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पीआरबी पुलिस आरोपी रवि को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। लाइब्रेरी संचालक ने थाने में आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत भी दी।
कई छात्राओं के परिजन भी थाने पहुंचे
मामले की जानकारी मिलने के बाद कई छात्राओं के माता-पिता भी थाने पहुंचे। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद लाइब्रेरी संचालक ने लाइब्रेरी बंद कर दी है। उनका कहना है कि अब वह वहां लाइब्रेरी नहीं चलाएंगे।
पुलिस ने मोबाइल की जांच शुरू की
गोपीगंज थाना पुलिस ने आरोपी का मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक कितने वीडियो रिकॉर्ड किए, उनमें से कितने वीडियो किसी को शेयर किए गए और कितने डिलीट किए गए।
एक वीडियो 56 दिन पुराना मिला
थानाध्यक्ष सच्चिदानंद पांडेय ने बताया कि आरोपी के मोबाइल में मिला एक वीडियो 56 दिन पुराना है। इससे आशंका है कि आरोपी करीब दो महीने से वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल की जांच में आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं।
आरोपी को जेल भेजा गया
थानाध्यक्ष ने बताया कि पीआरबी पुलिस आरोपी युवक को हिरासत में लेकर थाने लाई थी। मोबाइल की जांच के बाद उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। मामले में मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है।
आरोपी के परिवार की जानकारी
बताया गया है कि रवि गुप्ता छह भाइयों में पांचवें नंबर का है। उसके तीन भाई मुंबई में नौकरी करते हैं, जबकि एक भाई गांव में रहकर तैयारी करता है। रवि की किराने की दुकान मेन रोड पर है, जबकि परिवार का घर गांव के अंदर है। वहां उसके माता-पिता और छोटा भाई रहते हैं। रवि की पत्नी और दो बच्चे भी उसके माता-पिता के साथ रहते हैं।
पुलिस जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस मोबाइल की तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने कितने वीडियो बनाए और उनके साथ क्या किया। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले से जुड़े अन्य तथ्य पूरी तरह स्पष्ट होंगे।