Video: बिहार के भागलपुर जिले में बुधवार को गंगा नदी में मजदूरों से भरी नाव पलटने से हड़कंप मच गया। नाव पर फ्लड-फाइटिंग के काम में लगे मजदूर सवार थे और गंगा के कटाव को रोकने के लिए रेत की बोरियां नदी किनारे डालने का काम कर रहे थे। इसी दौरान नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह गंगा में पलट गई। हादसे के बाद सभी मजदूर नदी में गिर गए। रेस्क्यू टीम ने ज्यादातर मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि एक मजदूर के लापता होने की खबर है।
राघोपुर तटबंध के पास हुआ हादसा
यह हादसा नवगछिया पुलिस जिले के खरीक प्रखंड के राघोपुर तटबंध के पास गंगा नदी में हुआ। इलाके में गंगा के कटाव से तटबंध को बचाने के लिए फ्लड-फाइटिंग का काम चल रहा था। इसी अभियान में मजदूरों को नाव के जरिए नदी के किनारे तक ले जाया जा रहा था।
कटाव रोकने के लिए नदी में डाल रहे थे रेत की बोरियां
हादसे के वक्त मजदूर गंगा नदी के तेज बहाव से तटबंध को बचाने के लिए रेत और बालू से भरी बोरियां तथा जियोबैग नदी के किनारे डाल रहे थे। बाढ़ और कटाव की स्थिति को देखते हुए यह काम तेजी से कराया जा रहा था।
रेत की बोरियों के वजन से बिगड़ा नाव का संतुलन
मिली जानकारी के मुताबिक, नाव पर रेत की बड़ी संख्या में बोरियां रखी गई थीं। इन्हें नदी में डालते समय नाव का वजन एक तरफ ज्यादा हो गया। इससे नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह अचानक पलट गई। नाव पलटते ही उसमें सवार मजदूर गंगा नदी में जा गिरे।
ये वीडियो बिहार के भागलपुर का बताया जा रहा है, कुछ मजदूर नाव से नदी के बांध को मजबूत कर रहे थे, तभी नदी का जलस्तर बढ़ा और नाव का संतुलन बिगड़ गया।
जिसके बाद देखते ही देखते पूरी नाव नदी ने समा गई। दर्जनों लोग लापता हैं। NDRF मौके पर पहुँची। pic.twitter.com/cXVt3aJIXo
— Ashish Paswan (@ashishpaswan0) August 26, 2026
22 मजदूर नाव पर थे, 21 सुरक्षित निकले
शुरुआती जानकारी में नाव पर 21 मजदूरों के सवार होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद की रिपोर्टों में नाव पर 22 मजदूरों के होने की जानकारी दी गई है। प्रमुख रिपोर्टों के मुताबिक, 21 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि एक मजदूर अभी लापता है।
हालांकि, कुछ रिपोर्टों में 20 मजदूरों के रेस्क्यू और 2 मजदूरों के लापता होने की जानकारी भी सामने आई है। इसलिए लापता मजदूरों की अंतिम संख्या को लेकर प्रशासन की पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
कुछ मजदूरों ने तैरकर बचाई जान
नाव पलटने के बाद मजदूर गंगा की तेज धारा में गिर गए। हादसे के बाद कुछ मजदूरों ने तैरकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम और SDRF को मौके पर भेजा गया। टीम ने नदी में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया।
लापता मजदूर की तलाश जारी
हादसे के बाद एक मजदूर के लापता होने की जानकारी है। SDRF और रेस्क्यू टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है। गंगा में तेज बहाव होने की वजह से तलाशी अभियान में मुश्किलें भी आ रही हैं। प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
हादसे से दो दिन पहले टूटा था राघोपुर तटबंध
राघोपुर इलाके में यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब वहां पहले से ही बाढ़ और कटाव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब दो दिन पहले रात लगभग 2 बजे राघोपुर में तटबंध टूट गया था। इसके बाद कटाव को रोकने और तटबंध की मरम्मत के लिए फ्लड-फाइटिंग का काम शुरू किया गया था।
इसी मरम्मत और बचाव अभियान के दौरान मजदूरों को नदी में रेत की बोरियां डालने के लिए नाव से ले जाया जा रहा था।
भागलपुर में बढ़ा हुआ है बाढ़ और कटाव का खतरा
भागलपुर और आसपास के इलाकों में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण पहले से ही बाढ़ और कटाव का खतरा बना हुआ है। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है और तटबंधों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
CM सम्राट चौधरी ने किया था बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अगस्त को पटना, बेगूसराय और भागलपुर के बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और जरूरत के मुताबिक तटबंधों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे।
गंडक नदी को लेकर भी प्रशासन अलर्ट
बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच गंडक नदी के बेसिन वाले इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। साथ ही मुख्यालय स्तर से तकनीकी टीम भेजी गई है और गंडक नदी के बेसिन में आने वाले जिलों को चेतावनी संदेश जारी किया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन पर प्रशासन की नजर
भागलपुर में नाव पलटने के बाद प्रशासन और SDRF की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा फोकस लापता मजदूर की तलाश पर है। वहीं, गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए नदी में काम कर रहे लोगों की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।