Nepal Flood: नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। बाढ़ के बाद कई विदेशी पर्यटकों से संपर्क टूट गया था, जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों की भी थी। हालांकि, अब राहत की खबर सामने आई है। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक करीब 100 लापता भारतीय पर्यटकों का पता लगा लिया गया है। इसके साथ ही 25 चीनी कामगारों को भी सुरक्षित खोज लिया गया है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें अभी भी प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
रसुवा में 517 विदेशी पर्यटकों से टूटा संपर्क
नेपाल पर्यटन बोर्ड की गुरुवार दोपहर 12 बजे तक की जानकारी के मुताबिक, रसुवा जिले में बाढ़ के बाद 517 विदेशी पर्यटकों से संपर्क टूट गया था। इनमें सबसे ज्यादा 178 पर्यटक भारत के हैं। इसके अलावा नेपाल के 127 स्थानीय पर्यटक भी बाढ़ के बाद संपर्क में नहीं आ पा रहे हैं।
भारत के बाद अमेरिका के सबसे ज्यादा पर्यटक लापता
पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक भारत के बाद सबसे ज्यादा 65 अमेरिकी पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा यूक्रेन के 53, मलेशिया के 51, ऑस्ट्रेलिया के 35 और ब्रिटेन के 33 पर्यटक भी बाढ़ प्रभावित इलाके में लापता बताए गए हैं। वहीं कनाडा के 25 पर्यटक भी संपर्क से बाहर हैं।
कई देशों के पर्यटक भी बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक सिंगापुर के 9 पर्यटक भी संपर्क में नहीं हैं। वहीं रूस और जर्मनी के 8-8 पर्यटक भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे बताए जा रहे हैं। इसके अलावा लातविया और दक्षिण अफ्रीका के 6-6, जबकि न्यूजीलैंड और जापान के 5-5 पर्यटक संपर्क से बाहर हैं।
फ्रांस और स्पेन समेत इन देशों के पर्यटक भी लापता
बाढ़ के बाद फ्रांस के 4 और स्पेन के 3 पर्यटकों से भी संपर्क नहीं हो पाया है। वहीं इटली, आयरलैंड, कजाकिस्तान, नीदरलैंड और पुर्तगाल के 2-2 पर्यटक भी लापता बताए गए हैं।
इन देशों का एक-एक पर्यटक भी संपर्क से बाहर
इसके अलावा बेलारूस, बुल्गारिया, फिनलैंड, हंगरी, इजरायल, लिथुआनिया, फिलीपींस, सर्बिया, स्वीडन और स्विट्जरलैंड का एक-एक पर्यटक भी संपर्क से बाहर बताया गया है। प्रशासन इन सभी पर्यटकों की जानकारी जुटाने और उनका पता लगाने की कोशिश कर रहा है।
100 भारतीय पर्यटकों के मिलने से बड़ी राहत
नेपाल में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच करीब 100 लापता भारतीय पर्यटकों का पता लगना बड़ी राहत की खबर है। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक इन भारतीयों को खोज लिया गया है। इसके साथ ही 25 चीनी कामगारों का भी पता लगा लिया गया है। हालांकि, प्रभावित क्षेत्र में अभी भी कई लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है, इसलिए बचाव अभियान लगातार जारी है।
31 कैलाश मानसरोवर यात्री भी सुरक्षित
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई फ्लैश फ्लड के बीच हैदराबाद के 31 कैलाश मानसरोवर यात्री बाल-बाल बच गए। ये सभी यात्री फ्लैश फ्लड की चपेट में आने से कुछ घंटे पहले प्रभावित इलाके से निकल गए थे। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और तिब्बत के सागा में मौजूद हैं।
पूर्व DRDO चीफ सतीश रेड्डी भी यात्रियों के साथ सुरक्षित
इन 31 कैलाश मानसरोवर यात्रियों के समूह में पूर्व DRDO चेयरमैन डॉ. जी. सतीश रेड्डी भी शामिल थे। राहत की बात यह है कि वे भी पूरी तरह सुरक्षित हैं। समूह ने बाढ़ प्रभावित इलाके से कुछ घंटे पहले ही निकलकर खुद को इस भयावह आपदा से बचा लिया।
रेस्क्यू टीमों की तलाश अभी भी जारी
रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ के बाद प्रशासन और बचाव टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। रेस्क्यू टीमों का फोकस संपर्क से बाहर लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर है। 100 भारतीय पर्यटकों और 25 चीनी कामगारों के मिलने से राहत जरूर मिली है, लेकिन बाकी लापता लोगों की तलाश अभी जारी है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).