UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के मिनी बाईपास स्थित 5 मंजिला नवोदय हॉस्पिटल की सबसे ऊपरी मंजिल पर बने एक कमरे में सुबह करीब 10 बजे अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया।
धुआं भरते ही अस्पताल में मची अफरा-तफरी
आग लगने के बाद देखते ही देखते धुआं पूरे अस्पताल में फैलने लगा। फायर अलार्म बजते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। वार्डों में भर्ती मरीजों को उनके परिजन किसी तरह बाहर लेकर भागने लगे। अस्पताल में मौजूद लोगों के बीच कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।
नवजात बच्चों को गोद में लेकर बाहर भागे माता-पिता
हादसे के दौरान अस्पताल में भर्ती नवजात बच्चों को उनके मां-बाप गोद में लेकर बाहर की ओर दौड़े। वहीं अस्पताल कर्मियों ने ICU में भर्ती गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर पर बाहर निकाला। जिस समय आग लगी, उस वक्त अस्पताल की OPD भी मरीजों से भरी हुई थी।
ICU समेत वार्डों में करीब 100 मरीज और तीमारदार मौजूद थे
हादसे के समय ICU समेत अस्पताल के दूसरे वार्डों में करीब 100 मरीज और तीमारदार मौजूद थे। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर टीम ने बगल की बिल्डिंग से अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर पानी डालकर आग बुझाने का काम शुरू किया।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू
फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग को नियंत्रित कर लिया गया, जिससे यह दूसरे फ्लोर तक नहीं फैल सकी। हालांकि, धुआं पूरे अस्पताल में फैलने के कारण हर फ्लोर पर फायर अलार्म बजने लगे।
सभी मरीजों को नजदीकी अस्पतालों में कराया गया शिफ्ट
अस्पताल प्रशासन ने एम्बुलेंस की मदद से सभी मरीजों को एहतियातन नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट कराया। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, राज अस्पताल और प्रसाप अस्पताल से संपर्क कर मरीजों को वहां भेजा गया। अस्पताल के कर्मचारियों को भी शिफ्ट किया गया और मरीजों की निगरानी की जा रही है।
अस्पताल मालिक उमेश गंगवार ने बताया कैसे लगी आग
अस्पताल के मालिक उमेश गंगवार ने बताया कि अस्पताल की सबसे ऊपरी मंजिल पर एक रेस्ट रूम है। आग उसी कमरे में भड़की। कमरे में सोफे आदि रखे होने के कारण आग फैलने लगी और इससे काफी धुआं उठ गया।
उन्होंने बताया कि फायर ब्रिगेड की टीम समय पर पहुंच गई और आग पर काबू पा लिया। इससे आग अन्य फ्लोर तक नहीं पहुंची, लेकिन धुएं के कारण हर मंजिल पर फायर अलार्म बजने लगे।
टॉप फ्लोर पर आमतौर पर नहीं होती आवाजाही
डॉ. उमेश गंगवार ने बताया कि अस्पताल के टॉप फ्लोर का इस्तेमाल आमतौर पर नहीं होता है और वहां लोगों की आवाजाही भी कम रहती है। उनके मुताबिक अस्पताल में अग्निशमन के जरूरी इंतजाम मौजूद हैं।
उन्होंने बताया कि ऊपर बनी कैंटीन भी करीब डेढ़ साल से बंद है और वहां कोई गतिविधि नहीं होती। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग से केवल एक-दो सोफे जलने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि किसी मरीज या अन्य व्यक्ति को नुकसान नहीं हुआ है।
टॉप फ्लोर पर 4-5 लोग फंसे, सीढ़ी से निकाला गया
फायर ब्रिगेड कर्मचारी कपिल सिंह ने बताया कि अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर करीब 4-5 लोग फंसे हुए थे। धुआं ज्यादा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी हुई। टीम तत्काल ऊपर पहुंची और सभी लोगों को सीढ़ियों के रास्ते सुरक्षित नीचे उतारा।
उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों के साथ-साथ अस्पताल के प्रवेश और निकास के रास्तों तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की जा रही है।
शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका
आग लगने की शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को इसकी वजह बताया जा रहा है। हालांकि, घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की जा रही है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).