UP News: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कोर्ट में मानहानि का परिवाद दाखिल किया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा की कोर्ट में दाखिल किए गए परिवाद में सीएम योगी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई है। अजय राय की ओर से आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ने बिना तथ्यों की पुष्टि किए रायबरेली की जनसभा में उनके खिलाफ बयान दिया, जिससे उनकी सामाजिक, पारिवारिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा।
अयोध्या के निषाद समाज के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद
अजय राय के अधिवक्ता संजीव पांडेय ने कोर्ट में परिवाद दाखिल करते हुए बताया कि 23 अगस्त को अयोध्या में कांग्रेस नेता राम निहाल निषाद ने निषाद समाज का एक कार्यक्रम और जनसभा आयोजित की थी। इस कार्यक्रम में अजय राय को संबोधित करने के लिए बुलाया गया था।
कार्यक्रम के बाद हुआ था मत्स्य भोज
परिवाद के मुताबिक, कार्यक्रम खत्म होने के बाद निषाद समाज की परंपरा के अनुसार वहां मत्स्य भोज का आयोजन किया गया था। बताया गया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष होने के कारण जैसे ही अजय राय कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, मीडिया ने उनकी तस्वीरें खींचीं।
इसके बाद निषाद समाज के लोगों द्वारा मछली खाते हुए फोटो भी मीडिया में प्रसारित हुईं। इसी फोटो को लेकर आगे राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ।
फोटो के आधार पर CM योगी पर बयान देने का आरोप
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि इसी फोटो के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना वास्तविकता जाने 24 अगस्त को रायबरेली में आयोजित एक जनसभा में अजय राय के खिलाफ भ्रामक बयान दिया।
परिवाद में मुख्यमंत्री के उस बयान का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनका आचरण देखा होगा—हनुमान गढ़ी में दर्शन करने जाते हैं और बाहर जाकर मछली की दावत उड़ाते हैं।
‘राम-राम चिल्लाते हैं और बाहर जाकर मछली की दावत उड़ाते हैं’
परिवाद के अनुसार मुख्यमंत्री ने जनसभा में कहा था कि “राम-राम चिल्लाते हैं, बेशर्मी की भी सीमा होती है” और मंदिर में राम-राम चिल्लाने तथा बजरंगबली के सामने दंडवत होने का ढोंग करने के बाद बाहर जाकर मछली की दावत उड़ाने की बात कही थी।
अजय राय की ओर से दाखिल परिवाद में इसी बयान को मानहानि का आधार बनाया गया है।
CM के एक्स अकाउंट से भी जारी हुआ वीडियो
परिवाद में कहा गया है कि 24 अगस्त को रायबरेली की जनसभा में दिए गए मुख्यमंत्री के बयान का वीडियो उनके आधिकारिक/व्यक्तिगत X अकाउंट से भी जारी किया गया।
दावे के मुताबिक, इस वीडियो को करीब 2 लाख 75 हजार लोगों ने देखा और साझा किया। इसके बाद बयान और उससे जुड़ी चर्चा समाचार पत्रों, न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया तक पहुंच गई।
‘सनातन धर्म में आस्था है, मांस-मछली से कोई नाता नहीं’
परिवाद में अजय राय ने खुद को सनातन धर्म में आस्था रखने वाला व्यक्ति बताया है। उनका दावा है कि उनका मांस-मछली से कभी कोई नाता नहीं रहा है।
उनकी ओर से आरोप लगाया गया है कि इसके बावजूद उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी की गई और बिना तथ्यों की पुष्टि किए उनके खिलाफ बयान दिया गया।
‘सुनी-सुनाई बातों के आधार पर छवि धूमिल की’
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ने बिना किसी प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य के और सुनी-सुनाई बातों के आधार पर अजय राय की सामाजिक, पारिवारिक और राजनीतिक छवि को धूमिल किया।
अजय राय की ओर से कहा गया है कि बयान के बाद यह मामला अखबारों, न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिससे लाखों-करोड़ों लोगों के बीच उनकी मानहानि हुई।
समाज से बहिष्कार की बातें होने का भी दावा
परिवाद में यह भी कहा गया है कि बयान और उसके बाद हुई चर्चा के कारण अजय राय को लेकर समाज से बहिष्कृत करने तक की बातें कही जा रही हैं।
उनकी ओर से दावा किया गया है कि इस पूरे घटनाक्रम से उन्हें मानसिक और सामाजिक आघात पहुंचा है।
CM योगी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग
इन्हीं आरोपों और दावों के आधार पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा की कोर्ट में मानहानि का परिवाद दाखिल किया है। परिवाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई है।
अब इस मामले में कोर्ट की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल यह मामला अजय राय की ओर से लगाए गए आरोपों और दाखिल किए गए मानहानि परिवाद पर आधारित है।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).