Army Boat Accident: हरियाणा के यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज पर सेना के अभ्यास के दौरान यमुना में बोट डूबने से लापता हुए दो जवानों की तलाश तेज कर दी गई है। अब करीब 15 किलोमीटर के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सेना की टीमें 10 से ज्यादा जगहों पर पानी की गति कम होने वाले पॉइंट यानी झाल पर नजर रख रही हैं। दो हेलिकॉप्टर भी सर्च अभियान में लगाए गए हैं। जवानों के पैरों में लगे ट्रैकर से फिलहाल कोई सिग्नल नहीं मिल रहा है।
चिनूक से बोट में कूदे थे 5 जवान
हादसा मंगलवार शाम करीब 5 बजे सेना की वन पैरा स्पेशल फोर्स के बाढ़ बचाव अभ्यास के दौरान हुआ। अभ्यास के दौरान चिनूक हेलिकॉप्टर से नदी में खड़ी मोटर बोट में पांच जवान एक-एक करके कूदे थे।
बोट डूबने लगी तो नदी में कूदे जवान
बताया जा रहा है कि जवानों के बोट में पहुंचने के बाद मोटर बोट स्टार्ट नहीं हुई और अचानक डूबने लगी। इसके बाद पांचों जवान ऑक्सीजन सिलेंडर और लाइफ जैकेट के साथ नदी में कूद गए। जवानों के बोट में पहुंचते ही चिनूक हेलिकॉप्टर वहां से निकल गया था।
तीन जवान तैरकर बाहर निकले, दो लापता
बोट डूबने के बाद जवानों को यमुना के तेज बहाव और गहरे पानी में उतरना पड़ा। इनमें से तीन जवान तैरते हुए पश्चिमी यमुना नहर के गेट की तरफ पहुंचे और करीब 600 मीटर का सफर तय करके बाहर निकल आए।
हालांकि, महाराष्ट्र के आर्यन पाटिल और जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय का अभी तक पता नहीं चल सका है।
15 किलोमीटर क्षेत्र में चल रहा सर्च अभियान
दो जवानों के लापता होने के बाद अब सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाकर करीब 15 किलोमीटर कर दिया गया है। सेना की टीमें 10 से ज्यादा स्थानों पर झाल यानी ऐसे पॉइंट जहां पानी की गति अपेक्षाकृत कम होती है, वहां निगरानी कर रही हैं।
Yamunanagar – Two Indian Army Special Forces soldiers are missing after their boat capsized during a training exercise at Hathnikund Barrage in Haryana on. Personnel of 1 Para, based at Nahan in Himachal Pradesh, were conducting a watermanship and flood-rescue drill on the Yamuna… pic.twitter.com/8dIyA5Jdiw
— NextMinute News (@nextminutenews7) September 2, 2026
दो हेलिकॉप्टर भी तलाश में जुटे
जवानों की तलाश में सेना के साथ अन्य रेस्क्यू टीमें भी लगी हैं। दो हेलिकॉप्टर भी इलाके में सर्च ऑपरेशन कर रहे हैं, ताकि नदी और नहर के बड़े हिस्से पर नजर रखी जा सके।
ट्रैकर से नहीं मिल रहा कोई सिग्नल
लापता जवानों के पैरों में ट्रैकर लगे हुए थे। लेकिन फिलहाल इन ट्रैकर्स से कोई सिग्नल नहीं मिल रहा है। आशंका जताई जा रही है कि कीचड़ में धंसने की वजह से ट्रैकर का सिग्नल प्रभावित हुआ हो सकता है। इससे जवानों को लोकेट करने में मुश्किल बढ़ गई है।
हरियाणा के साथ UP SDRF भी सर्च में शामिल
सर्च ऑपरेशन में हरियाणा की टीमों के साथ उत्तर प्रदेश SDRF की टीमें भी जुटी हुई हैं। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और लगातार अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
बैराज पर 31,850 क्यूसेक पानी
बुधवार को हथिनीकुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर करीब 31,850 क्यूसेक दर्ज किया गया। तेज बहाव और नदी की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू टीमों के सामने चुनौती बनी हुई है।
बैराज के सभी रास्ते किए गए बंद
सर्च अभियान को देखते हुए हथिनीकुंड बैराज पर हरियाणा और यूपी की तरफ जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। हरियाणा की ओर जाने वाली पश्चिमी यमुना नहर में पानी रोक दिया गया है।
पानी दिल्ली की तरफ डायवर्ट किया गया
सर्च ऑपरेशन में किसी तरह की परेशानी न हो और नहर में पानी का बहाव नियंत्रित किया जा सके, इसके लिए पानी को दिल्ली की तरफ डायवर्ट किया गया है।
सर्च ऑपरेशन के सामने 4 बड़ी चुनौतियां
लापता जवानों की तलाश में रेस्क्यू टीमों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें चार बड़ी चुनौतियां खास तौर पर सामने हैं।
1. बारिश के कारण पानी में भारी सिल्ट
पहाड़ों पर लगातार बारिश के कारण यमुना नदी के पानी में भारी मात्रा में सिल्ट यानी रेत और मिट्टी आ रही है। इससे पानी काफी मटमैला हो गया है और उसके अंदर सर्च करना मुश्किल हो रहा है।
2. ट्रैकर काम नहीं कर रहे
जवानों के पैरों में लगाए गए ट्रैकर्स से कोई सिग्नल नहीं मिल रहा है। बताया जा रहा है कि जवानों के कीचड़ में धंसने की स्थिति में ट्रैकर का सिग्नल प्रभावित हो सकता है। इससे रेस्क्यू टीमों के लिए उनकी लोकेशन पता करना मुश्किल हो रहा है।
3. एक किलोमीटर बाद नहर दो धाराओं में बंटती है
हथिनीकुंड बैराज से पश्चिमी यमुना नहर (WJC) निकलती है। करीब एक किलोमीटर आगे जाकर यह नहर दो धाराओं में बंट जाती है। इसी जगह से पानी हाइडल लिंक चैनल की तरफ डायवर्ट होता है।
हाइडल लिंक चैनल पर कई प्रोजेक्ट
इस लिंक चैनल पर ताजेवाला, नैनोंवाली, भूड़कलां और बेगपुर हाइडल प्रोजेक्ट मौजूद हैं। नहर के अलग-अलग हिस्सों में बंटने से सर्च ऑपरेशन का क्षेत्र और चुनौती दोनों बढ़ जाती हैं।
4. 83 किलोमीटर तक बहने की आशंका
फिलहाल सर्च ऑपरेशन का दायरा हथिनीकुंड बैराज से दादूपुर तक रखा गया है। हालांकि, पहले कई मामलों में डूबे हुए लोग पानी के बहाव के साथ करनाल के इंद्री तक पहुंच चुके हैं।
हथिनीकुंड बैराज से इंद्री की दूरी करीब 83 किलोमीटर है। ऐसे में अगर पानी के तेज बहाव में जवान आगे बह गए हैं, तो सर्च का दायरा काफी बड़ा हो सकता है। इतने बड़े इलाके में तलाश करने में 3 से 4 दिन तक लग सकते हैं।
रात में 10 किलोमीटर तक खंगाली गई नहर
जवानों के लापता होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की ओर से SDM जसपाल गिल और DSP रजत गुलिया मौके पर पहुंचे।
प्रतापनगर थाना प्रभारी रोहताश सिंह के अनुसार, सूचना मिलते ही हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश SDRF की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। रेस्क्यू टीमों ने हथिनीकुंड बैराज से आगे निकलने वाली नहर में करीब 10 किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया।
तेज बहाव में गोताखोरों के लिए मुश्किल
तेज बहाव के कारण कई जगहों पर पानी में उतरना गोताखोरों के लिए बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है। यही वजह है कि रेस्क्यू टीमें अलग-अलग तरीकों से नदी और नहर के हिस्सों को खंगाल रही हैं।
गांवों के सरपंचों को भी किया गया अलर्ट
हथिनीकुंड बैराज से निकलने वाली नहर आगे जाकर कई हिस्सों में बंट जाती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नहर के किनारे पड़ने वाले सभी गांवों के सरपंचों को अलर्ट कर दिया है।
सरपंचों को नहर पर नजर रखने और अगर दोनों जवानों में से कोई पानी के बहाव के साथ आगे पहुंचता हुआ दिखाई दे तो तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना देने के लिए कहा गया है।
नहर पर आगे 7 पुल भी पड़ते हैं
बैराज से निकलने वाली नहर के आगे करीब सात पुल भी हैं। इन पुलों के नीचे से पानी काफी तेज गति से बह रहा है। ऐसे में रेस्क्यू टीमों के साथ स्थानीय प्रशासन भी इन जगहों पर नजर बनाए हुए है।
30 अगस्त से चल रहा था सेना का अभ्यास
सेना की वन पैरा स्पेशल फोर्स का बाढ़ बचाव अभ्यास 30 अगस्त से चल रहा था। मंगलवार को अभ्यास का अंतिम दिन था। इसी दौरान शाम करीब 5 बजे यह हादसा हुआ।
कलेसर और हथिनीकुंड बैराज के बीच हुआ हादसा
हादसा कलेसर से नीचे और हथिनीकुंड बैराज से कुछ पहले, यमुना की अपस्ट्रीम में हुआ था। यहां सेना बाढ़ बचाव से जुड़ा अभ्यास कर रही थी।
बोट स्टार्ट नहीं हुई और अचानक डूबने लगी
अभ्यास के दौरान चिनूक हेलिकॉप्टर से जवान एक-एक करके यमुना में खड़ी मोटर बोट में कूदे। जवानों के बोट में पहुंचने के बाद मोटर बोट स्टार्ट नहीं हुई और अचानक डूबने लगी।
बोट के डूबने के बाद पांचों जवानों को तेज बहाव और गहरे पानी में उतरना पड़ा। तीन जवान किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन आर्यन पाटिल और अजय अभी भी लापता हैं।
जवानों की तलाश में हर संभव कोशिश जारी
फिलहाल सेना, हरियाणा प्रशासन, पुलिस और उत्तर प्रदेश SDRF की टीमें मिलकर दोनों लापता जवानों की तलाश कर रही हैं। सर्च अभियान का दायरा बढ़ाया गया है और नदी-नहर के संभावित रास्तों पर निगरानी की जा रही है। दो हेलिकॉप्टर भी अभियान में शामिल हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि लापता दोनों जवानों का जल्द से जल्द पता चल सके।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).