Archery World Cup: भारत के युवा रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया है। रविवार को खेले गए फाइनल में धीरज ने जापान के नाकानिशी जुन्या को बेहद रोमांचक मुकाबले में हराया। पांच सेट के बाद दोनों तीरंदाज 5-5 की बराबरी पर थे, जिसके बाद शूट-ऑफ में धीरज ने परफेक्ट 10 लगाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ वह आर्चरी वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतने वाले भारत के सिर्फ दूसरे तीरंदाज बन गए हैं।
शूट-ऑफ में परफेक्ट 10 लगाकर जीता गोल्ड
फाइनल मुकाबला पांच सेट तक चला और दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पांचवें सेट के बाद स्कोर 5-5 से बराबर हो गया। इसके बाद मुकाबले का फैसला शूट-ऑफ से हुआ।
शूट-ऑफ में दोनों खिलाड़ियों को सिर्फ एक-एक तीर चलाने का मौका मिलता है। इसमें ज्यादा अंक हासिल करने वाला तीरंदाज विजेता बनता है। धीरज ने दबाव के बीच शानदार निशाना लगाते हुए परफेक्ट 10 अंक हासिल किए, जबकि जापान के जुन्या 9 अंक ही बना सके। इस तरह धीरज ने शूट-ऑफ में 10-9 से जीत दर्ज की और कुल मुकाबला 6-5 से अपने नाम कर लिया।
दो बार पिछड़ने के बाद धीरज ने की शानदार वापसी
फाइनल की शुरुआत जापान के नाकानिशी जुन्या के पक्ष में रही। उन्होंने पहले दो सेट में बेहतर प्रदर्शन करते हुए धीरज के खिलाफ 3-1 की बढ़त बना ली।
इसके बाद धीरज ने तीसरे सेट में शानदार वापसी की। उन्होंने 29 अंक हासिल किए और स्कोर को 3-3 से बराबर कर दिया। हालांकि, चौथे सेट में जुन्या ने एक बार फिर दबाव बनाया और तीनों तीर परफेक्ट लगाते हुए 5-3 की बढ़त हासिल कर ली।
मुकाबले के पांचवें सेट में धीरज के सामने हार से बचने की चुनौती थी। जुन्या ने 27 अंक बनाए, जबकि धीरज ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 28 अंक हासिल किए। इससे स्कोर 5-5 हो गया और मुकाबला शूट-ऑफ तक पहुंच गया।
लक्ष्य पर निशाना, तिरंगे की शान!
धीरज बोम्मदेवरा ने Archery World Cup Final में पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय तीरंदाजी में नया इतिहास रच दिया। इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई! देश को आप पर गर्व है। 👏🇮🇳 pic.twitter.com/Q1iGYLZvkT
— Kausar Jahan (@Kausarjahan213) September 14, 2026
शूट-ऑफ में धीरज ने दिखाया चैंपियन वाला हौसला
निर्णायक शूट-ऑफ में धीरज ने अपना तीर बिल्कुल निशाने के केंद्र के करीब लगाया और 10 अंक हासिल किए। जुन्या का तीर 9 अंक पर रहा। एक अंक के इस अंतर ने धीरज को वर्ल्ड कप फाइनल का चैंपियन बना दिया।
भारत के दूसरे तीरंदाज बने जिन्होंने जीता वर्ल्ड कप गोल्ड
धीरज बोम्मादेवरा आर्चरी वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के दूसरे तीरंदाज बन गए हैं। उनसे पहले डोला बनर्जी ने 2007 में दुबई में विमेंस इंडिविजुअल रिकर्व इवेंट का खिताब जीता था।
भारत के आर्चरी वर्ल्ड कप में व्यक्तिगत पदक जीतने वाले तीरंदाजों का रिकॉर्ड इस तरह रहा है:
| साल | तीरंदाज | इवेंट | मेडल |
|---|---|---|---|
| 2007 | डोला बनर्जी | विमेंस इंडिविजुअल रिकर्व | 🥇 गोल्ड |
| 2010 | जयंत तालुकदार | मेंस इंडिविजुअल रिकर्व | 🥉 ब्रॉन्ज |
| 2011 | दीपिका कुमारी | विमेंस इंडिविजुअल रिकर्व | 🥈 सिल्वर |
| 2012 | दीपिका कुमारी | विमेंस इंडिविजुअल रिकर्व | 🥈 सिल्वर |
| 2013 | दीपिका कुमारी | विमेंस इंडिविजुअल रिकर्व | 🥈 सिल्वर |
| 2017 | दीपिका कुमारी | विमेंस इंडिविजुअल रिकर्व | 🥈 सिल्वर |
| 2018 | दीपिका कुमारी | विमेंस इंडिविजुअल रिकर्व | 🥉 ब्रॉन्ज |
| 2018 | अभिषेक वर्मा | मेंस इंडिविजुअल कंपाउंड | 🥉 ब्रॉन्ज |
| 2023 | प्रथमेश जाक्कर | मेंस इंडिविजुअल कंपाउंड | 🥈 सिल्वर |
| 2024 | दीपिका कुमारी | विमेंस इंडिविजुअल रिकर्व | 🥈 सिल्वर |
| 2026 | धीरज बोम्मादेवरा | मेंस इंडिविजुअल रिकर्व | 🥇 गोल्ड |
क्वार्टर फाइनल में तुर्की के तीरंदाज को 7-1 से हराया
विश्व रैंकिंग में 10वें स्थान पर मौजूद धीरज ने फाइनल तक पहुंचने के सफर में भी दमदार प्रदर्शन किया। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना तुर्की के बर्किम ट्यूमर से हुआ। धीरज ने उन्हें सीधे सेटों में 7-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सेमीफाइनल में रियो ओलिंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट को दी मात
सेमीफाइनल में धीरज के सामने फ्रांस के ज्यां-चार्ल्स वेलाडोंट थे, जो रियो ओलिंपिक के रजत पदक विजेता रह चुके हैं। धीरज ने यहां भी दबदबा बनाए रखा और उन्हें 7-1 से शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया।
धीरज पहली बार आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचे थे और पहली ही बार में उन्होंने खिताब अपने नाम कर लिया। इससे पहले 2023 में वह वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में हार गए थे। 2024 में भी वह कोई पदक नहीं जीत सके थे।
अंताल्या में जीत के बाद फाइनल के लिए किया था क्वालिफाई
धीरज ने तुर्की के अंताल्या में आयोजित वर्ल्ड कप स्टेज-3 जीतकर आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था। फाइनल के लिए चुने गए आठ सदस्यीय एलीट फील्ड में भारत की ओर से सिर्फ धीरज ही जगह बनाने में सफल रहे थे।
अब एशियाई खेलों में भारतीय रिकर्व टीम की अगुआई करेंगे
वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड मेडल जीतने के बाद धीरज का अगला बड़ा लक्ष्य एशियाई खेल हैं। वह अब भारतीय रिकर्व टीम की अगुआई करेंगे।
पिछली बार हांगझू एशियाई खेलों में धीरज ने टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था। हालांकि, व्यक्तिगत स्पर्धा में उनका सफर क्वार्टर फाइनल में खत्म हो गया था। इस बार वर्ल्ड कप गोल्ड जीतने के बाद उनसे एशियाई खेलों में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
रिकर्व और कंपाउंड तीरंदाजी में क्या अंतर है?
धीरज बोम्मादेवरा ने रिकर्व कैटेगरी में यह खिताब जीता है। रिकर्व और कंपाउंड तीरंदाजी देखने में एक जैसी लग सकती हैं, लेकिन दोनों के धनुष और तकनीक में बड़ा अंतर होता है।
| पहलू | रिकर्व तीरंदाजी | कंपाउंड तीरंदाजी |
|---|---|---|
| धनुष की बनावट | दोनों सिरों पर धनुष बाहर की ओर मुड़े होते हैं | छोटे पहियों और तारों का सिस्टम होता है |
| ताकत | डोरी खींचने और थामने में ज्यादा ताकत लगती है | पहियों के कारण डोरी थामना आसान होता है |
| निशाना | ताकत, तकनीक और एकाग्रता से सटीक निशाना लगाया जाता है | स्थिरता और तकनीक से सटीक निशाना लगाया जाता है |
| ओलंपिक में स्थिति | ओलंपिक में शामिल है | ओलंपिक में शामिल नहीं है |
धीरज की ऐतिहासिक जीत से भारतीय तीरंदाजी को बड़ी उम्मीद
धीरज बोम्मादेवरा की यह जीत भारतीय तीरंदाजी के लिए बड़ी उपलब्धि है। वर्ल्ड कप फाइनल जैसे बड़े मंच पर शूट-ऑफ के दबाव में परफेक्ट 10 लगाकर गोल्ड जीतना उनकी मानसिक मजबूती और शानदार तकनीक को दिखाता है। अब उनकी नजर एशियाई खेलों पर होगी, जहां वह भारतीय रिकर्व टीम को एक और बड़ी सफलता दिलाने की कोशिश करेंगे।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).