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Pilibhit News: बच्चों की सुरक्षा को ठेंगा दिखाते चालक, पीलीभीत ARTO का एक्शन; ताबड़तोड़ चालान, कई वाहन सीज..

Pilibhit News: बच्चों की सुरक्षा को ठेंगा दिखाते चालक, पीलीभीत ARTO का एक्शन; ताबड़तोड़ चालान, कई वाहन सीज..

Pilibhit News: स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा को लेकर शासन की सख्ती अब पीलीभीत की सड़कों पर भी दिखाई देने लगी है। मिशन सेफ फ्यूचर-3 के तहत परिवहन विभाग ने अनधिकृत तरीके से स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ सघन अभियान चलाया। इस दौरान 15 वाहनों पर कार्रवाई की गई। इनमें पांच वाहनों को सीज/निरुद्ध किया गया, जबकि 10 वाहनों के चालान किए गए। कार्रवाई के बाद निजी उपयोग के लिए पंजीकृत वाहनों, टेंपो और ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहन संचालकों में खलबली मच गई।

पीलीभीत में 15 स्कूली वाहनों पर कार्रवाई

एआरटीओ और यात्रीकर अधिकारी के नेतृत्व में चेकिंग

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) सुशील कुमार मिश्रा और यात्रीकर अधिकारी बर्डिस चतुर्वेदी के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न मार्गों पर स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की सघन जांच की। अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे वाहनों पर लगाम लगाना रहा, जो निर्धारित स्कूली परिवहन मानकों के अनुरूप नहीं हैं और जिनसे बच्चों की आवाजाही कराई जा रही है।

पंजीयन से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस तक जांच

चेकिंग के दौरान वाहनों के पंजीयन, फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र और चालक के वैध ड्राइविंग लाइसेंस समेत जरूरी अभिलेखों की पड़ताल की गई। विभाग ने केवल दस्तावेजों की जांच ही नहीं की, बल्कि नियमों में कमी मिलने पर मौके पर ही प्रवर्तन कार्रवाई भी की।

निजी वाहन, टेंपो और ई-रिक्शा पर सख्ती

बच्चों के परिवहन में अनधिकृत वाहनों पर कार्रवाई

चेकिंग के दौरान निजी प्रयोग के लिए पंजीकृत वाहनों, टेंपो और ई-रिक्शा से स्कूली बच्चों का परिवहन करते पाए जाने पर विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई की। पांच वाहनों को मौके पर ही निरुद्ध किया गया, जबकि 10 वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई।

परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिला है कि स्कूल पहुंचाने के नाम पर ऐसे वाहनों का संचालन अब आसानी से नहीं चलने दिया जाएगा, जो स्कूली परिवहन के निर्धारित मानकों और जरूरी दस्तावेजों की शर्तों को पूरा नहीं करते।

फिटनेस, परमिट और बीमा भी जांच के दायरे में

अभियान के दौरान फिटनेस, परमिट, बीमा और प्रदूषण प्रमाण-पत्र के साथ वाहन के पंजीयन और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की भी जांच की गई। प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विशेष स्कूली वाहन प्रावधान लागू हैं और परिवहन विभाग इन मानकों के अनुपालन की निगरानी करता है।

मिशन सेफ फ्यूचर-3 के तहत विशेष प्रवर्तन

सिर्फ सामान्य चेकिंग नहीं, सुरक्षा मानकों पर फोकस

मिशन सेफ फ्यूचर-3 को स्कूली बच्चों की यात्रा सुरक्षित बनाने के लिए विशेष प्रवर्तन अभियान के तौर पर चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, सुरक्षा उपकरण और अन्य निर्धारित मानकों की जांच की जाती है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर चालान से लेकर वाहन को सीज/निरुद्ध करने तक की कार्रवाई की जा रही है।

दूसरे जिलों में भी हो रही कार्रवाई

प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस अभियान के तहत स्कूली वाहनों की जांच की जा रही है। परिवहन विभाग की ओर से फिटनेस, परमिट, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मानकों में कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

एआरटीओ ने वाहन संचालकों को दिया संदेश

मानक पूरे करो, वरना कार्रवाई के लिए रहें तैयार

एआरटीओ सुशील कुमार मिश्रा और यात्रीकर अधिकारी बर्डिस चतुर्वेदी ने वाहन संचालकों को स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले और वैध अभिलेखों से युक्त अधिकृत वाहनों का ही इस्तेमाल किया जाए।

अभियान के दौरान सामने आई अनियमितताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है। विभाग की कार्रवाई से वाहन संचालकों को यह संदेश दिया गया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी करने पर प्रवर्तन कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की भी जिम्मेदारी

सुरक्षित वाहन का चयन जरूरी

स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा केवल परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों और वाहन संचालकों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों को लाने-ले जाने के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप अधिकृत वाहन ही लगाए जाएं।

पीलीभीत जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी मानकों के अनुरूप स्कूली वाहनों की सूची उपलब्ध कराई गई है। इससे अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को अधिकृत स्कूली परिवहन व्यवस्था की जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है।

15 वाहनों पर कार्रवाई से सख्ती का संकेत

पीलीभीत में एक साथ 15 स्कूली वाहनों पर हुई कार्रवाई ने संकेत दिया है कि परिवहन विभाग स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर प्रवर्तन जारी रखेगा। पांच वाहनों को सीज/निरुद्ध करने और 10 के चालान की कार्रवाई के बाद अनधिकृत तरीके से बच्चों का परिवहन करने वाले वाहन संचालकों पर दबाव बढ़ा है।

मिशन सेफ फ्यूचर-3 के तहत की गई कार्रवाई से विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि नौनिहालों की सुरक्षित आवाजाही के लिए निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है और नियमों में कमी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।