UP Crime: झांसी में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के BA LLB अंतिम वर्ष के छात्र परवेज अली की मौत के मामले में पुलिस ने पांच दिन बाद बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, ड्रग्स तस्करी से जुड़ी रकम की वसूली के लिए परवेज को सैंपल लेने के बहाने बुलाया गया, फिर कार में बैठाकर ले जाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। गंभीर हालत में आरोपी उसे नगरा हाट मैदान के पास छोड़कर फरार हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान परवेज की मौत हो गई। मामले में प्रेमनगर थाने के सिपाही आशीष सिंह समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सिपाही को निलंबित भी कर दिया गया है।
रविवार रात घर से निकला था परवेज, फिर घायल मिला
झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नहर रोड स्थित विजय नगर मोहल्ले के रहने वाले 21 वर्षीय परवेज अली, पुत्र एहसान, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में BA LLB अंतिम वर्ष का छात्र था। रविवार रात वह अपने दोस्त से मिलने के लिए घर से निकला था।
आधी रात के बाद परवेज घायल अवस्था में नगरा हाट मैदान के पास पड़ा मिला। उसके सिर और सीने पर चोट के निशान थे। पुलिस उसे मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां इलाज के दौरान कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।
पुलिस के अनुसार, परवेज के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले थे। उसकी जांघ पर दांत से काटने का निशान भी मिला था। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पांच दिन बाद पुलिस ने किया मामले का खुलासा
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र परवेज अली की मौत के मामले में पुलिस ने वारदात के पांच दिन बाद शुक्रवार को खुलासा किया।
एसएसपी विकास कुमार के अनुसार, पुलिस ने घटना की कड़ियां जोड़ने के लिए चार दिनों तक अलग-अलग स्तर पर जांच की। सुकुवां-ढुकवां से लेकर नगरा हाट तक 150 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके साथ ही आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की भी जांच की गई।
जांच के आधार पर पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में पूछताछ के दौरान सामने आए सिपाही आशीष सिंह के नाम के आधार पर उसे भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने सिपाही समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में बड़ाबाजार घास मंडी निवासी प्रियांशु उर्फ प्रयांश, जुगियाना निवासी जय श्रीवास्तव उर्फ अमन, साहिल मिश्रा, शनि नामदेव, बंगला घाट गोपाल की बगिया निवासी भूपेंद्र वंशकार, लक्ष्मीपुर कॉलोनी निवासी यश शिवहरे उर्फ बिट्टू और तलैया मोहल्ला निवासी अर्शिल खान शामिल हैं।
इनके अलावा प्रेमनगर थाने में तैनात सिपाही आशीष सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। आशीष सिंह मूल रूप से बांदा के तिंदवारी रोड का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद उसे निलंबित कर दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल तीन कार और सात मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
सैंपल लेने के बहाने परवेज को कार में बैठाया
पुलिस के मुताबिक, परवेज आरोपियों को पहले से जानता था। इसी वजह से साहिल मिश्रा ने उसे ड्रग्स के सैंपल लेने के बहाने बुलाया।
इसके बाद सुकुवां-ढुकवां कॉलोनी के बाहर से परवेज को लाल रंग की कार में बैठा लिया गया। उसके पीछे दो और कारें चल रही थीं, जिनमें दूसरे आरोपी सवार थे।
पुलिस का कहना है कि उस समय परवेज नशे में था। कुछ देर बाद उसे शक हुआ और उसने कार के अंदर शोर मचाकर विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि उसे काबू करने के लिए उसके साथ मारपीट की गई।
हालत बिगड़ने के बाद आरोपी उसे नगरा हाट मैदान में छोड़कर फरार हो गए। बाद में वह घायल अवस्था में मिला और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
ड्रग्स की रकम वसूली की साजिश का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, आरोपियों को जानकारी थी कि परवेज ड्रग्स तस्करी से जुड़ा हुआ है। इसी जानकारी के आधार पर उससे रकम वसूलने की साजिश रची गई थी।
पुलिस का आरोप है कि सिपाही आशीष सिंह भी इस साजिश में शामिल था और घटना के समय वह आरोपियों के साथ मौजूद था। पूछताछ में अन्य आरोपियों ने सिपाही का नाम बताया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, ये सभी बातें पुलिस की जांच और आरोपियों से पूछताछ में सामने आए दावों पर आधारित हैं। मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।
परवेज का वीडियो बनाने से शुरू हुआ था विवाद?
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि परवेज को कार में ले जाने के बाद उसमें सवार युवक उसका वीडियो बना रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, करीब दो से ढाई मिनट का एक वीडियो बनाया गया था। वीडियो बनाए जाने पर परवेज ने आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद बढ़ने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, बाद में यह वीडियो मोबाइल से डिलीट कर दिया गया। हालांकि, पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए हैं और अब डिलीट किए गए वीडियो को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।
जांच एजेंसी के लिए यह वीडियो अहम डिजिटल सबूत हो सकता है और अदालत में भी इसकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
फोन और CCTV से मिले अहम डिजिटल सबूत
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच शुरू कर दी है। इनमें आरोपी साहिल मिश्रा का फोन भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, साहिल के फोन से परवेज को किए गए 5,000 रुपये के लेनदेन से जुड़े सबूत मिले हैं। इसके अलावा CCTV फुटेज में परवेज को साहिल की कार में बैठते हुए भी देखा गया है।
पुलिस अब इन डिजिटल सबूतों को दूसरे साक्ष्यों से जोड़कर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
प्रयांश पर पहले भी दर्ज हैं मामले
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल प्रयांश सोनी ड्रग्स के कारोबार से जुड़ा रहा है। पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज किए गए हैं और उसे पूर्व में जेल भेजा जा चुका है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके खिलाफ पहले से कोई अन्य आपराधिक मामला दर्ज है या नहीं।
तीन आरोपी अभी भी फरार
इस मामले में सिपाही समेत आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन पुलिस के मुताबिक तीन अन्य वांछित आरोपी अभी भी फरार हैं।
पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय के सामने पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया।
सिपाही की गिरफ्तारी से पुलिस पर भी उठे सवाल
परवेज अली हत्याकांड में प्रेमनगर थाने के सिपाही आशीष सिंह की गिरफ्तारी के बाद झांसी पुलिस से जुड़े हाल के कुछ मामलों की भी चर्चा हो रही है। पिछले कुछ महीनों में डकैती, ऑनलाइन सट्टा और रिश्वतखोरी के मामलों में भी कुछ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है।
जुलाई में 24.90 लाख रुपये की डकैती के मामले में उरई पुलिस लाइन के तीन सिपाही गिरफ्तार किए गए थे। वहीं ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़े एक सिपाही को बर्खास्त कर जेल भेजा गया था। इसी दौरान बड़ागांव गेट चौकी प्रभारी और एक सिपाही को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).