UP Election 2027: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बैंकिंग व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘बारह साल, बारह सवाल’ शीर्षक से बैंकिंग सेवाओं से जुड़े 12 सवाल पूछे। अखिलेश ने बैंक शाखाओं और एटीएम बंद होने, गरीबों के खातों से पैसे कटने, केवाईसी के नाम पर परेशानी, साइबर ठगी और महंगे कर्ज जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने किसानों, छात्रों, छोटे दुकानदारों, बुजुर्गों और बैंक कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं पर भी सरकार से जवाब मांगा।
अखिलेश यादव ने बैंकिंग व्यवस्था पर क्यों उठाए सवाल?
‘बैंक मजबूत हैं तो फिर बेचे क्यों जा रहे हैं?’
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में बैंकिंग व्यवस्था को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि अगर बैंक मजबूत हुए हैं तो उन्हें बेचा क्यों जा रहा है और गरीब जनता के बैंक खातों से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं? उन्होंने बार-बार केवाईसी (KYC) के नाम पर ग्राहकों को परेशान किए जाने का मुद्दा भी उठाया।
सपा प्रमुख ने बैंकों से भारी कर्ज लेकर विदेश भागने वालों का मामला उठाते हुए सवाल किया कि ऐसे लोगों को वापस देश लाकर सजा दिलाने में देरी क्यों हो रही है। उनके सवालों का मुख्य केंद्र बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता, ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा और कर्ज से जुड़ी परेशानियां रहीं।
ग्रामीण बैंकिंग सुविधाओं से लेकर किसानों के कर्ज तक पर सवाल
गांवों में बैंक शाखाएं और ATM बंद होने का मुद्दा
अखिलेश यादव ने ग्रामीण इलाकों में बैंक शाखाओं और एटीएम बंद किए जाने पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि इससे लोगों को नकदी निकालने के लिए परेशान होना पड़ता है। उन्होंने सवाल किया कि अगर बैंक मजबूत हैं तो ग्रामीण जनता को कैश के लिए भटकना क्यों पड़ रहा है?
किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को आसानी से लोन क्यों नहीं?
सपा अध्यक्ष ने किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को कर्ज मिलने में आने वाली दिक्कतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पूछा कि इन लोगों को बिना बिचौलिये और बिना गारंटर के लोन क्यों नहीं मिल पा रहा है।
उनके सवालों में आम लोगों के लिए बैंकिंग सेवाओं को आसान बनाने और जरूरतमंदों को कर्ज उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रही।
साइबर ठगी, महंगे होम लोन और डिजिटल ट्रांजेक्शन पर सवाल
ठगी का शिकार हुए लोगों को पैसा वापस मिलने में देरी क्यों?
अखिलेश यादव ने साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों की परेशानी का जिक्र करते हुए पूछा कि गरीब व्यक्ति का पैसा तुरंत वापस क्यों नहीं मिलता। उन्होंने बैंक और थाने के चक्कर लगाने की मजबूरी पर भी सवाल उठाया।
होम लोन और एजुकेशन लोन पर ब्याज को लेकर घेरा
सपा प्रमुख ने होम लोन और शिक्षा ऋण पर ब्याज दरों को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि अगर बैंक मजबूत हैं तो कर्ज पर ब्याज इतना ज्यादा क्यों है कि आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
डिजिटल पेमेंट फेल होने पर पैसा कई दिन तक क्यों अटकता है?
अखिलेश ने डिजिटल ट्रांजेक्शन फेल होने के बाद ग्राहकों का पैसा कई-कई दिन तक होल्ड पर रहने का मुद्दा उठाया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि सिबिल (CIBIL) स्कोर में छोटी-सी चूक होने पर नौजवानों को डिफॉल्टर बताकर उनके भविष्य पर असर क्यों पड़ता है।
बुजुर्गों की डिजिटल सुरक्षा और बैंक कर्मचारियों की भर्ती का मुद्दा
UPI और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए सहायता काउंटर क्यों नहीं?
अखिलेश यादव ने बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने के लिए बैंक शाखाओं में सहायता काउंटर की जरूरत का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि हर बैंक शाखा में ऐसा काउंटर क्यों नहीं है, जहां लोगों को UPI और ऑनलाइन फ्रॉड से बचने में मदद मिल सके।
बैंक कर्मचारियों की मांगें और नई भर्तियां
सपा प्रमुख ने बैंक कर्मचारियों की स्थिति पर भी सवाल किए। उन्होंने पूछा कि कर्मचारियों की जायज मांगें क्यों नहीं मानी जा रही हैं और बैंकों में नई भर्तियां क्यों नहीं हो रही हैं।
उन्होंने मौजूदा कर्मचारियों पर बढ़ते काम के दबाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे ग्राहक सेवा प्रभावित हो रही है। उनके मुताबिक, बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल उठाते समय कर्मचारियों की समस्याओं और आम ग्राहकों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।
अखिलेश यादव के ‘बारह साल, बारह सवाल’ के सभी 12 सवाल
अखिलेश यादव ने बैंकिंग व्यवस्था को लेकर अपनी पोस्ट में कुल 12 सवाल उठाए। ये सवाल बैंकिंग सेवाओं, खाताधारकों की सुरक्षा, कर्ज, डिजिटल भुगतान और बैंक कर्मचारियों से जुड़े हैं।
1. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर बेचे क्यों जा रहे हैं?
अखिलेश ने बैंकों की मजबूती के दावों के बीच उन्हें बेचे जाने पर सवाल उठाया।
2. गरीब जनता के खातों से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं?
उन्होंने पूछा कि बैंक मजबूत हैं तो गरीब लोगों के बैंक खातों से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं।
3. KYC के नाम पर ग्राहकों को परेशान क्यों किया जा रहा है?
सपा प्रमुख ने सवाल किया कि बार-बार केवाईसी के नाम पर ग्राहकों को उनके पैसे देने से इनकार क्यों किया जा रहा है।
4. बैंकों से भारी कर्ज लेकर भागने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
उन्होंने पूछा कि बैंकों से खरबों रुपये का कर्ज लेकर विदेश भागने वालों को वापस लाकर सजा क्यों नहीं दी जा रही है।
5. ग्रामीण इलाकों में बैंक शाखाएं और ATM क्यों बंद हो रहे हैं?
अखिलेश ने सवाल उठाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाएं और एटीएम बंद करके लोगों को नकदी के लिए क्यों भटकाया जा रहा है।
6. किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को आसानी से लोन क्यों नहीं?
उन्होंने पूछा कि किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को बिना बिचौलिये और बिना गारंटर के कर्ज क्यों नहीं मिल रहा है।
7. साइबर ठगी में पैसा तुरंत वापस क्यों नहीं मिलता?
सपा प्रमुख ने सवाल किया कि साइबर ठगी का शिकार हुए गरीब व्यक्ति का पैसा तुरंत वापस क्यों नहीं किया जाता और उसे बैंक व थाने के चक्कर क्यों लगाने पड़ते हैं।
8. होम लोन और शिक्षा ऋण पर ब्याज इतना ज्यादा क्यों है?
उन्होंने पूछा कि कर्ज पर ज्यादा ब्याज के कारण आम आदमी पर आर्थिक बोझ क्यों बढ़ रहा है।
9. डिजिटल ट्रांजेक्शन फेल होने पर पैसा कई दिन तक क्यों अटकता है?
अखिलेश ने सवाल उठाया कि डिजिटल भुगतान असफल होने के बाद ग्राहकों का पैसा कई दिनों तक होल्ड पर क्यों रखा जाता है।
10. CIBIL स्कोर की छोटी चूक पर युवाओं को डिफॉल्टर क्यों बताया जाता है?
उन्होंने पूछा कि सिबिल स्कोर में छोटी-सी गलती के कारण युवाओं का भविष्य क्यों प्रभावित किया जा रहा है।
11. बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए सहायता काउंटर क्यों नहीं हैं?
सपा प्रमुख ने सवाल किया कि बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को UPI और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए हर बैंक शाखा में सहायता काउंटर क्यों नहीं है।
12. बैंक कर्मचारियों की भर्ती क्यों नहीं हो रही?
अखिलेश ने पूछा कि बैंक कर्मचारियों की जायज मांगें क्यों नहीं मानी जा रही हैं, नई भर्तियां क्यों नहीं हो रही हैं और मौजूदा कर्मचारियों पर इतना दबाव क्यों है कि ग्राहक सेवा प्रभावित हो रही है।
@DFS_India
बारह साल, बारह सवाल
1. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर बेचे क्यों जा रहे हैं?
2. बैंक मजबूत हुए हैं तो ग़रीब जनता के खाते से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं?
3. बैंक मजबूत हुए हैं तो बार-बार केवाईसी के नाम पर जनता के पैसे देने से इंकार क्यों किया जा रहा है?
4. बैंक मजबूत हुए हैं तो उन लोगों को पकड़कर देश में लाकर सज़ा क्यों नहीं दी जा रही है, जो बैंको से खरबों का लोन लेकर भाग गये हैं?
5. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर ग्रामीण इलाकों में ब्रांच और ATM बंद करके जनता को कैश के लिए क्यों भटकाया जा रहा है?
6. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को बिना बिचौलिये और बिना गारंटर के लोन क्यों नहीं मिल रहा है?
7. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर साइबर ठगी का शिकार हुए गरीब आदमी का पैसा तुरंत वापस क्यों नहीं होता, उसे थाने और बैंक के चक्कर क्यों कटवाए जाते हैं?
8. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर होम लोन और शिक्षा लोन पर ब्याज इतना ज़्यादा क्यों है कि आम आदमी की कमर टूट रही है?
9. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर डिजिटल ट्रांजेक्शन फेल होने पर जनता का पैसा कई-कई दिन तक होल्ड पर क्यों रखा जा रहा है?
10. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर CIBIL स्कोर में छोटी सी चूक पर नौजवानों को डिफॉल्टर बताकर उनका भविष्य क्यों खराब किया जा रहा है?
11. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर बुजुर्गों और अनपढ़ लोगों को UPI और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए हर ब्रांच में सहायता काउंटर क्यों नहीं है?
12. बैंक मजबूत हुए हैं तो बैंक कर्मियों की जायज़ माँगे क्यों नहीं मानी जा रही हैं और बैंकों में नई भर्ती क्यों नहीं हो रही और मौजूदा कर्मचारियों पर इतना दबाव क्यों है कि ग्राहक सेवा ही चौपट हो रही है?
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 17, 2026
बैंकिंग व्यवस्था पर सवालों के जरिए BJP पर राजनीतिक निशाना
अखिलेश यादव की ‘बारह साल, बारह सवाल’ वाली पोस्ट में बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी कई समस्याओं को उठाया गया है। इसमें ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता, ग्राहकों के पैसों की सुरक्षा, कर्ज की शर्तें, डिजिटल भुगतान और कर्मचारियों की कमी जैसे मुद्दे शामिल हैं।
सपा अध्यक्ष ने इन सवालों के जरिए भाजपा पर राजनीतिक निशाना साधते हुए बैंकिंग व्यवस्था को लेकर जवाब मांगा है। हालांकि, ये सवाल उनकी ओर से उठाए गए आरोप और सवाल हैं; इनके आधार पर बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े सभी मुद्दों पर सरकार की स्थिति या संबंधित आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).