Kolkata Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से दुर्गा पूजा के बीच एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पंडाल में भारी भीड़ के बीच मची अफरा-तफरी में कई लोगों के घायल होने की खबर है। ABP बांग्ला की रिपोर्ट में हादसे में 17 लोगों की मौत का दावा किया गया है, जबकि PTI के हवाले से 25 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में कैसे मचा हड़कंप?
कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी की शाम बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचे थे। पंडाल में भीड़ लगातार बढ़ रही थी। इसी बीच बारिश शुरू होने के बाद वहां अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंडाल के बाहर इंतजार कर रही भीड़ अचानक आगे बढ़ने लगी। इस दौरान कई लोग गिर पड़े और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि पंडाल के अंदर आने और बाहर निकलने वाले लोगों की भीड़ एक साथ होने से हालात बिगड़ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोग दर्शन करके बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, जबकि दूसरे लोग अंदर प्रवेश करना चाह रहे थे। इसी दौरान धक्का-मुक्की बढ़ गई और कई लोग जमीन पर गिर गए। भीड़ का दबाव बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई। हालांकि, घटना के सटीक कारणों की आधिकारिक जांच और पुष्टि का इंतजार है।
17 लोगों की मौत की खबर, 25 घायल होने की जानकारी
इस हादसे में जनहानि को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं। ABP बांग्ला की रिपोर्ट में 17 लोगों की मौत का दावा किया गया है। वहीं, PTI के हवाले से 25 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी पुलिस के हवाले से कम से कम 25 लोगों के घायल होने की खबर दी है।
घायलों को इलाज के लिए कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स में कुछ घायलों की हालत गंभीर होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, मृतकों की संख्या, घायलों की वर्तमान स्थिति और हादसे में प्रभावित लोगों की कुल संख्या को लेकर आधिकारिक आंकड़ों की प्रतीक्षा है।
महत्वपूर्ण: 17 मौतों का आंकड़ा अभी मीडिया रिपोर्ट के दावे के रूप में ही बताया जा रहा है। प्रशासन की ओर से इसकी स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि सामने आने तक इसे अंतिम आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
Tragic Scenes at Durga Puja in Kolkata!
Sudden rain sends visitors rushing into the Chorbagan Sarbojanin pandal for shelter, triggering a stampede-like situation. Reports of injuries and deaths make the incident even more heartbreaking.
Rescue and relief operations are underway, with the administration stepping in.
Prayers 🙏🏻
— Arjya Singh Roy (@ArjyaNeel) October 17, 2026
क्या दुर्गा पूजा पंडाल का ढांचा गिरने से हुआ हादसा?
हादसे की वजह को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। एक चश्मदीद ने आशंका जताई कि पंडाल के किसी हिस्से या ढांचे के गिरने से वहां भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई हो सकती है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में भी पंडाल के एक हिस्से के टूटने या ढहने की बात कही गई है। हालांकि, आयोजकों की ओर से शुरुआती जानकारी में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि दुर्घटना आखिर किस वजह से हुई। इसलिए यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि हादसा केवल ढांचा गिरने के कारण हुआ या भीड़ के दबाव और धक्का-मुक्की ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई।
घटना के बाद पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों के मौके पर पहुंचने की खबर है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंडाल में लोगों के प्रवेश को अस्थायी रूप से रोकने की जानकारी भी सामने आई है।
चोरबागान पंडाल में क्यों उमड़ी थी इतनी भीड़?
चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव इस साल अपनी खास थीम के कारण चर्चा में था। इस दुर्गा पूजा आयोजन के 91 साल पूरे हो रहे हैं। इस बार पंडाल की थीम ‘Beyond Sound’ रखी गई थी, जिसका हिंदी अर्थ ‘ध्वनि से परे’ है।
इस थीम के जरिए आवाज और ध्वनि की सामान्य सीमाओं से आगे जाकर मौन के अनुभव को दर्शाने की अवधारणा पेश की गई थी। पंडाल में 360 डिग्री का अनुभव देने वाला एक विशेष कॉरिडोर भी बनाया गया था, जहां से श्रद्धालु घूमकर आगे बढ़ते थे।
दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता के चर्चित पंडालों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। चोरबागान की खास थीम और लंबे समय से चली आ रही पूजा परंपरा के चलते यहां भी श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी। हालांकि, हादसे के समय पंडाल में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या की पुष्टि नहीं हुई है।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद कुछ श्रद्धालुओं ने भीड़ प्रबंधन और मौके पर उपलब्ध सहायता को लेकर सवाल उठाए हैं। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में लोगों की ओर से अव्यवस्था की शिकायतों का भी जिक्र है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जिम्मेदारी तय करने के लिए आधिकारिक जांच जरूरी है।
दुर्गा पूजा जैसे बड़े आयोजनों में प्रवेश और निकास के रास्तों को व्यवस्थित रखना, भीड़ के दबाव पर नजर रखना और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद जरूरी होता है। चोरबागान की घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल, हादसे की पूरी परिस्थितियों, मृतकों की संख्या और घायलों की स्थिति को लेकर अधिकृत जानकारी का इंतजार है। जैसे-जैसे प्रशासन और अस्पताल की ओर से पुष्टि होगी, घटना से जुड़े विवरण स्पष्ट हो सकेंगे।
I have started working as a crime reporter in 2011 for a daily local newspaper named ‘Khusro Mail’. I have also worked for many news organization such as Public Vibe app and Oneindia Hindi news portal. Now I am working as Editor In Chief for Rocket Post Bharat (rocketpostbharat.com).