रॉकेट पोस्ट विशेष: जानिए “घर” में “वास्तु दोष” के “लक्षण” और “उपाय” – “ज्योतिषाचार्य पं. नीरज शर्मा” के साथ
रिपोर्ट – सर्वेश शर्मा – कानपुर नगर
साथियों हमारे जीवन में वास्तु दोष एक बहुत बड़ा साथी होता है। कभी यह नुकसान पंहुचा देता है तो कभी फायदा पहुंचा देता है इसका कुछ पता नहीं। लेकिन इसकी सटीक जानकारी होनी चाहिए। क्योंकि वास्तु दोष घर में सभी कार्यों को लगातार बाधित करते रहते हैं। व्यक्ति का भाग्य साथ नहीं देता है। इन सभी समस्याओं के निदान के लिए यह जान लेना बहुत जरूरी है कि वास्तु दोष के लक्षण क्या होते हैं और इनसे छुटकारा कैसे पाया जा सकता है?तो चलिए आज इस वास्तु शास्त्री नीरज शर्मा आपको इसके उपाय बता रहे हैं।
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वास्तु दोष को अधिकतर उत्तर भारत में मान्यता दी जाती है। वास्तु शास्त्र के जनक कहे जाने वाले देव शिल्पी विश्वकर्मा ने वास्तु दोषों के लक्षण और उसके निवारण के बारे में अच्छी तरह से वर्णन किया है। ऐसी मान्यता है कि सभी तरह की पौराणिक और प्राचीन रचनाएं भगवान विश्वकर्मा द्वारा बनाई गई हैं|
जानिए वास्तु दोष के लक्षण
- घर में कभी भी ताजापन महसूस न होना।
- धन का हमेशा अपव्यय होना।
- बार-बार गलत लोगों से पाला पड़ना।
- अपने तनाव भरे जीवन से बाहर न निकल पाना।
- घर में हमेशा किसी न किसी को बीमारी बनी रहना।
- किसी भी नए कार्य में अड़चन पैदा होना।
- घर में किसी की अचानक एवं दुर्घटना से अकाल मृत्यु हो जाना।
- परिवार में हमेशा चिंतामय माहौल बना रहना।
- योजना और कार्यों में तरक्की न मिलना।
- घर में किसी पालतू पशु तथा दुधारू जानवर की अचानक मृत्यु हो जाना।
अब जानिए वास्तु दोष को दूर करने के उपाय
वास्तु दोषों को दूर करना बहुत जरूरी है। क्योंकि यह कई बार किसी भी काम को सफल नहीं होने देता है। बुरी परिस्थितियों से उबरने के लिए, सफलता प्राप्त करने के लिए घर में हंसी-खुशी का माहौल बनाए रखने के लिए हर सदस्य की तरक्की के लिए वास्तु दोषों का निवारण करना बहुत जरूरी है।
- वास्तु दोषों से छुटकारा पाने के लिए कपूर एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसलिए घर के हर कोने में कपूर की एक टिकिया रखनी चाहिए| इसी के साथ रोजाना प्रातः काल और संध्या के समय कपूर को घी में भिगोकर जलाना चाहिए। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। रात्रि के दौरान रसोई में सब काम खत्म होने के बाद एक छोटी कटोरी में लौंग और कपूर जलाना शुभ माना जाता है।
- घर में मौजूद वास्तु दोषों के निवारण के लिए संभव हो तो रोज या फिर हफ्ते में एक बार रामचरितमानस और सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
- स्वास्तिक का चिन्ह शुभता का प्रतीक ह। घर में मुख्य द्वार पर स्वास्तिक लगाने से बुरी शक्तियां दूर रहती हैं।
- घर में पौधे लगाने से घर पवित्र होता है और सकारात्मक ऊर्जा वातावरण में विस्तृत होती है।
- यदि आपकी रसोई सही दिशा में नहीं बनी है और वह वास्तु दोष का कारण है तो उससे निपटने के लिए किचन स्टैंड की ईशान कोण दिशा में गणेश जी की तस्वीर लगाएं। ऐसा करना बहुत शुभ माना जाता है।
- घर में संध्या के समय पानी के बर्तन के पास एक दीपक जलाएं।
- घर के सभी दरवाजे अंदर की ओर खुलने चाहिए। दरवाजों का बाहर की ओर खुलना अच्छा नहीं माना जाता।
- हर वर्ष नवग्रह शांति पाठ करने से वास्तु दोषों का निवारण होता है।
“ज्योतिष और वास्तु शास्त्री नीरज शर्मा”
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