राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने किया शस्त्र पूजन का आयोजन – बताया इसका महत्व
रिपोर्ट – तिवारी – कानपुर नगर
Kanpur News – असत्य पर सत्य की जीत का पर यानी विजयादशमी को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। सुबह शुभ मुहूर्त में दशमी की पूजा अर्चना के बाद दूसरा सबसे बड़ा तिलक शस्त्रों का किया जाता है। शस्त्र पूजा पर्व के नाम से भी जाना जाता है। कुछ इसी कड़ी में कानपुर में भी शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। जिसमे बड़े लोगों ने पूजन करते हुए बच्चों को इस पूजन के महत्व के विषय में जागरूक किया और सत्य की जीत कैसे हुई इसकी पटकथा सुनाई।
विधि विधान से की पूजा
चकेरी इलाके की एच ए एल कॉलोनी में बने भयहरणनाथ शिव मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में संघ के पदाधिकारियों के साथ उनके परिवार के कुछ सदस्य भी मौजूद थे, वहीं क्षेत्र के कुछ सम्मानित लोग भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण के साथ की गई। फिर सभी ने अपने शस्त्र को एक जगह रखकर मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना की। इस मौके पर वक्ता सह विभाग प्रचारक डॉ. अमित जी ने बताया कि नवरात्रि के नौ दिन माता कि आराधना के पश्चात विजयदशमी मनाते है। जिसके उपरांत विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजन की परंपरा चली आ रही है। जिसके संबंध में अलग अलग मान्यताएं है। उक्त कार्यक्रम में कानपुर पूर्व भाग के धर्म जागरण प्रमुख राम जी, पटेल नगर संघचालक मा0 रामप्रकाश जी, सह संघचालक राजेंद्र जी, महानगर कार्यवाह आदित्य जी एवं व्यवस्था प्रमुख सुरेंद्र जी उपस्थित रहे।
गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है
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