कानपुर कोर्ट में हुई सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी की पेशी – फिर दिखा शायराना अंदाज
रिपोर्ट – शिवा शर्मा – कानपुर नगर
Kanpur News – कानपुर के जाजमऊ अग्निकांड में फसे समाजवादी पार्टी के विधायक इरफ़ान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रहीं हैं। जिसके चलते दोनों भाइयों को एक बार फिर महराजगंज जेल से कानपुर कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया। जहां सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गए। वहीं इरफ़ान सोलंकी के परिवार में उनकी पत्नी और रिश्तेदार भी मिलने कोर्ट परिसर पहुंचे। जहां उन्हें अभी तक मिलने से रोका गया है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा की दृष्टि से पेशी के बाद पुलिस अभिरक्षा में कुछ समय के लिए छोटी सी मुलाकात का वक्त दिया जा सकता है।
जानिए क्या था अग्निकांड
आपको बताते चलें कि बीते 06 दिसंबर 2022 को कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र की डिफेन्स कॉलोनी में रहने वाली नजीर फातिमा ने सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी के ऊपर आरोप लगाया था कि दोनों भाइयों ने मिलकर उनके प्लाट को आग के हवाले कर दिया था। नजीर फातिमा के आरोप पर एक एफआईआर दर्ज करते हुए जांच शुरू की गई तो दोनों भाइयों की वारदात में होने की सलिंप्ता मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने गिरफ़्तारी वारंट जारी करते हुए सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी और उनके भाई की तलाश शुरू कर दी थी। लेकिन दोनों की गिरफ़्तारी नहीं की जा सकी। इसपर पुलिस ने कानून का अगला कदम उठाते हुए सम्पति कुर्की का नोटिस जारी कर दिया था। जिस कार्रवाई से सहमे सपा विधायक ने अपने भाई रिजवान के साथ कमिश्नर पुलिस कार्यालय पहुंचकर अपने आपको आत्मसमर्पण कर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को कानपुर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं कुछ दिनों बाद सुरक्षा की दृष्टि से दोनों भाइयों को महराजगंज जेल को रेफर किया गया था और तब से आज तक पेशी पर दोनों को लाया जा रहा है।
फिर दिखा शायराना अंदाज
कुछ इसी के चलते सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी को एमएलए एमपी कोर्ट में पेश किया गया और उनकेभाई रिजवान को भी पेशी के लिए लाया गया है। इस दौरान पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट परिसर में प्रवेश करते हुए सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी ने मिडिया को देखते ही कहा कि मेरे साथ फैसला नहीं इन्साफ होगा।
गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है
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