जनपद बांदा में सरकारी और संविदा डॉक्टर धड़ल्ले से सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आए मरीजों से मोटी रकम वसूलकर प्राइवेट में ऑपरेशन कर रहे हैं और जिंदगियों को दाव पे लगा रहे हैं। वहीं जो प्राइवेट में इलाज कराने से इनकार कर देते हैं उन्हे लंबा टाइम देकर लटका दिया जाता है और जान जाने की बात कहकर दहशत में भी डाला जाता है। जिससे मरीजों को मजबूरी में प्राइवेट में इलाज कराना पड़ता है और खून पसीने की कमाई इलाज में गवानी पड़ती है। वहीं अब इसी खेल में मेडिकल कालेज के जूनियर डॉक्टर भी जुट गए हैं। ऐसा ही मामला रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा से सामने आया है जहां मरीज के तीमारदारों से मोटी रकम भी वसूल ली गई और आपरेशन भी सफल नहीं हुआ।

अवैध कमाई भ्रष्टाचार का एक ऐसा कारनामा जिसकी संलिप्तता में धरती का भगवान कहा जाने वाला इंसान भी अपना फर्ज निभाना तक भूल जाता है अब मामला चाहे ट्रामा सेंटर का हो या फिर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज का दोनों जगह पर दलालों का जमावड़ा है और उनके इस कार्य में सहायक बनते हैं कुछ जूनियर डॉक्टर जो इनका भरपूर सहयोग करते हैं।
बीते दिनों आवास विकास की घटना मे एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टर द्वारा मोटी रकम लेकर प्राइवेट में किए गए गलत आपरेशन करने की वजह से एक व्यक्ति की जान तक चली गई थी जिसका मामला कई दिनों तक अखबारों एवं सोशलमीडिया की सुर्खियों में रहा जिसकी यादें अभी लोगों के मस्तिष्क से हटी भी नहीँ थी कि एक और मामला रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज से सामने आ गया जंहा एक जूनियर डॉक्टर मनोज कुमार माहोर ने आपरेशन के लिए अपने सीनियर डॉक्टर के नाम पर मरीज से 25000/ रूपये वसूल लिए और पूर्ण अनुभव ना होते हुए भी सीनियर डॉक्टर को बिना बताए मरीज के आपरेशन को स्वयं अंजाम दे दिया जिसके कारण मरीज का आपरेशन असफल हो गया और मरीज जिंदगी मौत से संघर्ष करने लगा।
मरीज जागेश्वर रैक्वार के पुत्र सुरेश रैकवार निवासी शंकर बाजार पुकारी ने बताया कि उनके पिता को पेशाब करने मे परेशानी थी जिन्हें हमलोग राजकीय रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा लेकर गये जंहा पर एक व्यक्ति मिला और उसने कहा कि आप महाराणा प्रताप (घोड़ा) चौराहे के पास डॉक्टर मनोज को दिखा दीजिये तो हमनें कहा कि नहीं हमें तो डॉक्टर श्री सोमेश त्रिपाठी जी को ही दिखाना है तभी उसने कहा कि आप डाक्टर मनोज को दिखाइए वह खुद डॉक्टर सोमेश त्रिपाठी के पास उन्हें ले जाएगें हम पीड़ित थे तथा हमारे सामने हमारे पिताजी की तकलीफ सामने थी हमें लग रहा था कि वो शीघ्र स्वस्थ हों जिसपर हम उसके कहने पर घोड़ा चौराहे पर गये और डॉक्टर मनोज कुमार माहोर असिस्टेंट प्रोफेसर सर्जरी विभाग रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा से मिले जंहा पर उन्होंने हमसे 25000/ रूपये आपरेशन करने के लिए लिए और कहा कि आपरेशन डॉक्टर सोमेश त्रिपाठी ही करेगें किंतु बाद में पता चला की डाक्टर सोमेश त्रिपाठी को हमारे मरीज के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है आपरेशन भी डाक्टर मनोज ने ही किया जिससे नतीजा यह निकला की 7 अक्टूबर 2023 से आज तक में इनके इलाज से हमारे मरीज के स्वास्थ्य में कोई सुधार नही है हुआ वल्कि उनकी हालत दिन बा दिन बिगड़ती जा रही है जबकि प्रतिदिन लगभग 2000 से3000₹ तक की दवायें बाहर मेडिकल स्टोर से मंगाई जा रही हैं अब हमारे पास इतना पैसा भी नहीं बचा है की हम इस हालत पर अपने मरीज को कहीं और जगह दिखा सकें जिसके संम्बंधमें सुरेश रैकवार ने कालेज प्रसाशन सहित जिला अधिकारी से ऐसे अनभिज्ञ डाक्टरों एवं दलालों द्वारा सरेआम की जा रही लूट एवं मरीजों की जिंदगी से हो रहे खिलवाड़ के प्रति संज्ञान लेते हुये कठोरतम कार्यवाही करने की मांग की है! अब देखने वाली बात होगी की जिम्मेदार इस भ्रष्टाचार पर लगाम लगा पाते हैं या फिर इसी तरह गरीब इन भ्रष्टाचारियों के चुंगल में फंसकर अपना तन और धन इन यमराज़ों के हाथों सौपते रहेंगे।