Kannauj News : खोदी गई सड़कों को सही न करवाने के विरोध में सपाइयों का धरना प्रदर्शन
( कन्नौज सदर से हिमांशु तिवारी की रिपोर्ट )
कन्नौज जनपद के कई ग्रामीण इलाके में जल निगम द्वारा पानी की पाइपलाइन को डालने के लिए को सड़कों को खोद कर उसी अवस्था में छोड़ दिया।इससे आवागमन में लोगों को परेशानी हो रही हैं।ग्रामीणों ने संबंधित ठेकेदारों से शिकायत की।जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो सपाइयों ने जल निगम कार्यालय के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया।
हर घर नल योजना के तहत जल निगम के द्वारा अंडरग्राउंड पाइप लाइन को डलवाने के लिए सड़को को खुदवा रहा हैं।ऐसे में जब कार्य पूरा हो गया।तो उनको उसी हालत में छोड़ दिया जा रहा। इससे इलाके में गंदगी जैसी समस्या और बीमारी बढ़ रही हैं।इससे ग्रामीणों ने परेशान होकर संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की।जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो सपा के वरिष्ठ नेता नवाब सिंह यादव ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर ग्रामीणों के समर्थन में जल निगम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया।
इस दौरान जल निगम अधिशाषी अभियंता को ज्ञापन देते हुए नवाब सिंह ने बताया है कि नगर और शहर में जल निगम पूर्ण रूप से देखा जाए तो भ्रष्टाचार से डूबा हुआ हैं।नगर में जो सीवर लाइन पड़ी थी।उसमे से ओवर फ्लो के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा हैं।सीवर लाइन में लगे ढक्कन पूरी तरह टूट चुके हैं।इससे कभी भी कोई मवेशी या इंसान को खतरा हो सकता है। गंदगी के कारण महामारी फैल रही है।गांव में जल कर योजना के तहत टंकिया बन रही थी। गांव-गांव पाइप लाइन बिछनी थी।इसे बिछाने के लिए मुश्किल से बनाई गई सड़को को ठेकेदारों ने खुदवा डाला।जबकि ठेकेदारों को मरम्मत कार्य तक का पैसा मिलता हैं।इसके बाद भी उन्होंने पैसा निकालकर सड़को की मरम्मत नहीं करवाई।इससे आए दिन गड्ढों में पानी भर रहा हैं। इससे बीमारी के साथ लोग उसमे गिर कर घायल हो रहे हैं।
इसी क्रम में उन्होंने कहा है कि सत्ता मद में चूर सत्ताधारियो को कुछ दिखाई नहीं पड़ता है तो जनता किस्से कहे। नेता ने कहा निगम कार्यालय पहुंचे तो विभागीय कर्मचारी विभाग छोड़कर भाग गए।इस दौरान संजय दुबे,रामवीर कठेरिया,धर्मवीर पाल,पप्पन वाजपेयी, सुरेंद्र कुशवाहा,वीरपाल यादव,सत्येंद्र यादव,मान सिंह, कल्लू शर्मा और अमित मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहें।
गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है
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