रिपोर्ट : मोबीन मंसूरी
कन्नौज मे स्वास्थ्य विभाग की बेहतर व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को सैफई से टीम पहुंची । इस टीम के द्वारा हर साल अस्पताल के जच्चा-बच्चा केंद्र पर सुविधाओं को लेकर जांच की जाती है । इसी सुविधाओं की देखरेख और व्यस्थाओं को लेकर टीम ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 शक्ति वसु से भी बात की । जिसको लेकर सीएमएस डॉ0 शक्ति बसु ने बताया कि यह लोग वर्ष पर्यंत कई चरणों मे यह ट्रेनिंग देते है और इसी ट्रेनिंग को लेकर वह आ करके यहाँ देखते है कि इसका क्या परिणाम रहा ।
आपको बताते चलें की सोमवार को जिला अस्पताल मे सैफई से डाक्टरों की पाँच सदस्यी टीम जिला अस्पताल मे जच्चा बच्चा केंद्र की जानकारी लेने पहुंची थी। जिसको लेकर ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 शक्ति वसु ने बताया कि सैफई रिजनल रिसोर्स ट्रेनिंग सेंटर है । उनके वहाँ से सैफई से वर्ष मे निरंतर आते रहेते है क्योंकि पहले तो हमारा यह जच्चा-बच्चा केंद्र यह इसको सपोर्ट करने के लिए जिसमे देखभाल के बारे मे और उनको ठीक से केयर मिल रहा है कि नहीं यह सभी चीजें देखते है तो इसमे सबसे पहले वो वर्ष पर्यंत कई चरणों मे यह ट्रेनिंग देते है और इस ट्रेनिंग मे हमारे डाक्टर्स और नरसेस ट्रेनिंग करते है और इसी को लेकर वह आकर यहा भ्रमण करते है और यह देखते है कि इस ट्रेनिंग का क्या परिणाम रहा और भ्रमण करने के बाद यह लोग एक स्कीन टेस्ट भी करते है हम लोगों का । तो एक किस्म का क्षमता वर्धन पहले किया जाता है उसके बाद आंकलन होता है तत्पश्चात मूल्यांकन करते है, तो आज उसी परपज से यह टीम आज यहा आई थी ।

गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है