Kannauj News : बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति की मनमानी से किसान परेशान
( छिबरामऊ से अश्वनी पाठक की रिपोर्ट )
छिबरामऊ में बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (बी- पैक्स) लि. छिबरामऊ पूर्वी की मनमानी से किसान परेशान हैं। यहां आए दिन किसानों से खाद को लेकर विवाद होता रहता है। किसानों का कहना है कि अपने चहेतों को खाद देकर खुश किया जा रहा है, जबकि किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इसी तरह खाता खोलने वाले नए किसानों को भी भारी समस्याओं का के खाते अधूरे कागजों पर ही खोल दिए जाते हैं तथा कुछ को काफी दिनों तक चक्कर कटवाया जाता है। कागज जमा करके घंटों इंतजार के बाद पूरा दिन खत्म होने पर एक नई कमी बता कर टहला दिया जाता है। जब किसान कमी पूरी करके ले जाता है, तो फिर से एक नई कमी बता कर टहला दिया जाता है। किसानों ने डीएम से पूरे मामले की जांच कर कार्यवाही किए जाने की मांग की है।
उधर, सचिव धीरेंद्र सिंह सेंगर का कहना है कि उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। अभी तक उनके द्वारा 2 करोड़ की खाद वितरित की जा चुकी है। किसी को भी कोई दिक्कत नहीं आई। बी-पैक्स के सदस्यता अभियान में 500 के लक्ष्य की अपेक्षा उन्होंने 504 नए सदस्य बनाए। इस वर्ष 1 मार्च से अब तक 1700 बोरी यूरिया, 2153 बोरी डीएपी, 4300 बोरी एनपीके व 4900 बोरी एमपी का वितरण 554 किसानों में किया जा चुका है।
गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है
Post Views: 21