रिश्तेदार की गोद के सहारे “पुलिस कार्यालय” पहुंची “80” साल की “बुजुर्ग” – कहा बेटा “न्याय” दिला दो
रिपोर्ट – शिवा शर्मा – कानपुर नगर
Kanpur News – यूपी के कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक मानवीय संवेदना जैसा नजारा देखने को मिला। जहां देखने वालों को मानो ऐसा लग रहा था कि अगर अगर उनके बस में होता तो जरूर मदद कर देते। यह मन को आकर्षित और दया भाव के इस नज़ारे की बात करें तो एक अस्सी वर्षीय बुजुर्ग महिला एक युवक की गोद के साहरे पुलिस कमिश्नर कार्यालय न्याय की गुहार लगाने के लिए पहुंची हुई थी। जो मीडिया को देखते ही बोल पड़ी बीटा बहुत परेशान हूँ।
खाना बनाने की लकड़ी बनी मुसीबत
यूपी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए भले ही मिशन शक्ति अभियान चला रही है। लेकिन दबंगों पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। आए दिन महिलाओं के साथ मारपीट की वारदात हो रही है। लेकिन दबंगों के रसूख के आगे पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करती है। जिसकी वजह से दबंगों के हौसले बुलंद है। ताजा मामला कानपुर का है। जहां पर वृद्ध महिला ने अपने नाती से खाना बनाने के लिए जंगल से लकड़ी मंगाई। यह बात दबंगो को नागवाजुगर गुजरी। उन्होंने बुजुर्ग महिला को अपशब्द कहते हुए उसके साथ मारपीट की।
आलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार
अपने रिश्तेदार की गोद में पुलिस आयुक्त कार्यालय के चक्कर लगा रही यह वृद्ध महिला है शकीरा बानो। शकीरा बाबूपुरवा थाना क्षेत्र के बेगमपुरवा की रहने वाली है। बकौल शकीरा उन्होंने अपने नाती से खाने बनाने के लिए जंगल से लकड़ी मंगाई थी। जिस पर पड़ोस के रहने वाले शमशाद और माजिद ने अपशब्द कहते हुए मारपीट की। बुजुर्ग महिला के परिजनों ने पुलिस हेल्प लाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। आलम यह है कि दबंग खुलेआम घूम कर लगातार धमकी दे रहे हैं। जिसके चलते बुजुर्ग महिला और उनके परिजनों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र का बीजेपी पार्षद शाबाज का संरक्षण दबंगों को मिला हुआ है। इसलिए बाबूपुरवा पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। बुजुर्ग महिला की फरियाद को सुनते ही अधिकारियों ने कार्रवाई के प्रति आश्वासित किया है।
गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है
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