Kartik Purnima 2023 – कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का है बहुत बड़ा महत्व, जानिए ऐसा क्यों
कार्तिक पूर्णिमा 2023 – भगवान शिव की पूजा से दूर होते हैं कष्ट, गंगा तट पर दिख रहा है आस्था का संगम
रिपोर्ट – शिवा शर्मा – कानपुर नगर
Kartik Purnima 2023 – कार्तिक के महीने की पूर्णिमा को वर्ष में सबसे पवित्र पूर्णिमाओं में से एक माना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरा पूर्णिमा या गंगा स्नान के नाम से भी जाना जाता है। इस पूर्णिमा को त्रिपुरा पूर्णिमा इसलिए कहते हैं क्योंकि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था। तब से लेकर आज तक इस दिन का बहुत बड़ा महत्व है।
जानिए आप भी कुछ खास
स्वयं नारायण ने भी कहा है कि माहों में, मैं कार्तिक माह हूं। शास्त्रों में उल्लेख है कि स्वयं विष्णुजी ने ब्रह्माजी को, ब्रह्मा जी ने नारद मुनि को और नारदजी ने महाराज पृथु को कार्तिक मास का महात्म्य बताया। इस माह की त्रयोदशी,चतुर्दशी और पूर्णिमा को पुराणों ने अति पुष्करिणी कहा है। स्कन्द पुराण के अनुसार जो प्राणी कार्तिक मास में प्रतिदिन स्नान करता है वह यदि केवल इन तीन तिथियों में सूर्योदय से पूर्व स्नान करे तो भी पूर्ण फल का भागी हो जाता है। शास्त्रों में कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने का बहुत महत्व बताया गया है। माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से पूरे वर्ष गंगा स्नान करने का फल मिलता है। इस दिन गंगा सहित पवित्र नदियों एवं तीर्थों में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है,पापों का नाश होता हैं। कार्तिक पूर्णिमा हमें देवों की उस दीपावली में शामिल होने का अवसर देती है जिसके प्रकाश से प्राणी के भीतर छिपी तामसिक वृतियों का नाश होता है।
जानिए क्या करना चाहिए
कार्तिक पूर्णिमा के दिन भक्त गंगा घाट पर जाकर स्नान करने के पश्चात प्रसाद चढ़ाते हैं. अनुष्ठान करते हैं.पवित्र गंगा नदी में स्नान करने से जीवन के कष्टों और पापों से मुक्ति मिलती है। भक्तजन उपवास भी रखते हैं और मंदिरों में शिव भगवान के लिए विशेष पूजा का आयोजन होता है। गंगा स्नान से लोगों की परेशानियों का अंत होता है और उन्हें नई राह मिलती है। साथ ही गंगा स्नान से परिवार में हमेशा खुशहाली और पवित्रता बनी रहती है।
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