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एसआईओयूपी के महासचिव भाई सलमान मुबीन ने युवाओं को संबोधित करते हुए सभ्य समाज के निर्माण के लिए नैतिक पैगम्बरों की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सभ्य समाज के निर्माण में नैतिक मूल्य मौलिक भूमिका निभाते हैं। ये नैतिक मूल्य छाती से छाती तक और पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होते रहते हैं। इनके अस्तित्व से ही सामाजिक संरचना अपना अस्तित्व कायम रखती हैसभ्यता का होगा विकास
महासचिव एसआईओयूपी सेंट्रल के सहयोग एवं अभ्यर्थी के मानसिक एवं बौद्धिक प्रशिक्षण के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। नई पीढ़ी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाज की इमारत नैतिकता, सहिष्णुता और प्रेम के स्तंभों पर खड़ी है और वर्तमान समाज इस कार्य से विहीन होता जा रहा है, उसे गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कुरान की समझ को मौजूदा समस्याओं के समाधान का स्रोत बताते हुए युवाओं से अपील की कि कुरान को समझना और उसे सही ढंग से पढ़ना पहला अधिकार है। आर्थिक एवं सामाजिक असमानता का उनके मन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। जिन कारणों से उन्होंने मौजूदा सामाजिक व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह किया है और नैतिक मूल्यों को ऊंचे स्थान पर रखा है। इन चिंताओं का समाधान और इन सवालों का जवाब कुरान और उसकी शिक्षाओं की समझ में निहित है।
चीनी का इलाज कुरान में मिलता है
SIOUP सेंट्रल के अध्यक्ष खिल्का रफी इस्लाम ने नई पीढ़ी का ध्यान जीवन के लक्ष्यों की ओर आकर्षित करते हुए बुराई को रोकने और अच्छाई को अपनाने पर जोर दिया। देने के कारण ही आज हमें कठिनाइयों और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, अब समय आ गया है कि हम इस चिंतित समाज को सही दिशा में ले जाने के लिए अपने जीवन की एक दिशा तय करें।
अंत में की गई अपील और किया गया सम्मान