Kannauj News : बिजली करेंट की चपेट में आने से दो गोवंशों की मौत
रिपोर्ट : संदीप शर्मा
सुबह से लेकर शाम और फिर रात तक सड़कों पर खुले गोवांशो से लेकर आवारा जानवरों को सड़कों से लेकर गलियों में आसानी से देखा जा सकता है। भूख प्यास से बिलखते गोवंश और आवारा जानवर या तो सड़कों पर झुंड के रूप में दिखाई देते हैं या फिर कूड़े कचड़ों के ढेरों पर। यह मजरा है कन्नौज जिले की तहसील तिर्वा नगर का। गोवंशो के संरक्षण का दावा करने वाले जिम्मेदार कहां हैं। वहीं तिर्वा नगर में बड़ी संख्या में खुले पड़े बिजली के बॉक्स को भी बिजली विभाग के जिम्मेदार लोगों द्वारा बारिश का मौसम होने के बाद भी बंद नहीं कराया गया। जिससे आय दिन चाहें जनमानस हो ता फिर जानवर, खतरा बना ही रहता है।
बताते चलें कि शनिवार को तिर्वा कन्नौज वाया बेला मार्ग पर नगर में ही मुख्य मार्ग से जुड़ा अवंतीबाई नगर मोहल्ला है। शुक्रवार से बारिश का जोरदार सिलसिला शुरू हुआ तो नगर में जगह जगह पानी भरा हुआ नजर आने लगा। इन गलियों और सड़कों पर सुबह होते ही आवारा जानवर और गोवंश घूमते नजर आने लगे। शुक्रवार को भी बिजली विभाग द्वारा बिजली बाक्सों को बंद ना कराये जाने का खामियाजा आखिर निर्दोश गोवंशो को भुगतना पड़ा। उपरोक्त मोहल्ले में खुले पड़े बिजली बॉक्स की चपेट में आखिर दो गोवंश आ गये, और उनकी मौत हो गई।

आसपास के लोग बताते हैं कि, भूख प्यास के कारण गोवंश टहलते हुये निकले होंगे, और बॉक्स में कुछ खाने को हो सकता है यह जानकर अनजान गोवंश ने मुख डाल दिया होगा जिससे करेंट की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई होगी। सवाल यह है कि उपरोक्त लापरवाही में जिम्मेदार कौन है? बिजली विभाग जिसने खुले पड़े बॉक्स को अभी तक बंद क्यों नहीं कराया या फिर गोवंश के संरक्षण के जिम्मेदार लोग। फिलहाल गोवंश को नगर पंचायत द्वारा हटवा दिया गया है। चेयरमैन नगर पंचायत तिर्वा मिताली गुप्ता के प्रतिनिधि सौरव गुप्ता बताते हैं कि गोवंश निजी लोगों के व्यक्तिगत थे। फिर भी सुबह मौके पर जाकर गोवंशो को हटवा दिया गया है। उधर बिजली विभाग के एसडीओ कुलदीप कुमार का कहना है कि उपभोक्ता सर्विस लाइन में कहीं कट होगा, जिसकी चपेट में गोवंश आये हैं। इसमें मोहल्ले के लोगों को जानकारी देनी चाहिये थी। जिससे तुरंत समस्या को हल कराया जाता। अब रही खुली बॉक्स की बात, तो इस पर एसडीओ का कहना था कि, जो बॉक्स दस साल पुराने हैं, उनको बदला गया है और बदला भी जा रहा है। कहीं कहीं बॉक्स की ऊपरी प्लेट को खोल लिया गया है, इस कारण बॉक्स खुले हैं। फिर भी टेंडर डाला गया है, जल्द ही खुले बॉक्स को पूरी तरह बांड कर दिया जायेगा। कुछ भी हो पर फिलहाल दो गोवंश की मौत तो हो ही चुकी है, अब सवाल यह कि, आगे ब्यबस्थायें बेहतर कब होंगी और समस्या कब सुलझेंगी। सवाल तो है ?
गोरखपुर में हाल ही में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को हिला दिया। पति-पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और तलाक की कचहरी में खिंचते मामले का नतीजा सरेआम खून-खराबे के रूप में सामने आया। पति ने दिनदहाड़े अपनी पत्नी को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल पारिवारिक कलह की भयावहता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सामाजिक और मानसिक तनाव किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकता है
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