3

Recent News

पीलीभीत, पूरनपुर तराई क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी। 26 जुलाई से कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस शुरू होगी, यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी सुविधा।

पीलीभीत रेल कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार: कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस से बदलेगी तराई की तस्वीर पीलीभीत। वर्षों से जिस रेल सेवा…

Facebook Verified: अब फ्री में मिलेगा ब्लू वेरिफिकेशन बैज, सेल्फी वीडियो से होगी पहचान; AI फेक प्रोफाइल्स पर लगेगी लगाम

Facebook Verified: अगर आप फेसबुक इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है। AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के दौर में…

NEET Protest: 36 दिन बाद खत्म हुआ CJP का आंदोलन, सरकार ने मानीं तीनों मांगें; जंतर-मंतर से घर लौटे प्रदर्शनकारी..

NEET Protest: करीब 36 दिनों तक जंतर-मंतर पर चला NEET परीक्षा विवाद को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन…

UP Sarkari Naukri 2026: यूपी में 62 हजार सरकारी नौकरियों की तैयारी तेज, TGT-PGT समेत कई पदों पर होगी भर्ती..

UP Sarkari Naukri 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है।…

UP News: सुहागरात पर दूल्हे को सांप ने डसा, शादी के कुछ घंटों बाद मौत; बदायूं में खुशियां मातम में बदलीं..

UP News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर…

3

Recent News

पीलीभीत रेल कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार: कासगंज–ऐशबाग एक्सप्रेस से बदलेगी तराई की तस्वीर पीलीभीत। वर्षों से जिस रेल सेवा…

Facebook Verified: अगर आप फेसबुक इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है। AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के दौर में…

NEET Protest: करीब 36 दिनों तक जंतर-मंतर पर चला NEET परीक्षा विवाद को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन…

UP Sarkari Naukri 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है।…

UP News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर…

Breaking News

 MAHOBA: बैंक ने मुर्दे को दिया लोन, जाने कैसे हुआ खेला

  •  बैंक ने बनाया मृतक किसान का क्रेडिट कार्डMAHOBA: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 20 साल पहले मृतक किसान के नाम पर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाकर 4 लाख 30 हजार रुपये का लोन निकाला गया। यह घटना बैंकिंग प्रणाली की लापरवाही और दलालों की जालसाजी की पोल खोलती है।

मृतक किसान के नाम पर लोन का खुलासा

स्यावान गांव के निवासी कपूरा ने जब अपनी जमीन की वरासत के लिए खतौनी की नकल निकाली, तो उन्हें चौंकाने वाली जानकारी मिली। उनके दादा, मुलुआ, जिनकी मृत्यु 20 साल पहले हो चुकी थी, के नाम पर 2022 में एक किसान क्रेडिट कार्ड लोन लिया गया था। यूपी के ग्राम कपूरा निवासी के पौत्र  ने बताया, “हमने जब देखा कि दादा के नाम पर लोन बकाया है, तो हम दंग रह गए। दादा की मौत के इतने सालों बाद यह कैसे संभव है?”

फर्जीवाड़े का खुलासा

यह मामला इंडियन बैंक की बेलाताल शाखा से जुड़ा है। जांच के दौरान पता चला कि बैंक के दलालों ने मृतक किसान के नाम पर एक फर्जी आधार कार्ड तैयार किया और उसकी फोटो बदलकर लोन लिया। इन दलालों ने इस फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करके बैंक से 4 लाख 30 हजार रुपये का लोन निकाल लिया और फरार हो गए।

बैंक की लापरवाही

बेलाताल बैंक के मैनेजर राजेश्वर वर्मा ने इस मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जब किसान के पौत्र ने शिकायत की, तो उनकी फाइल में किसी अन्य व्यक्ति की फोटो लगी हुई थी, जो लगभग 35 साल का लगता था। बैंक मैनेजर ने स्वीकार किया कि लोन के समय व्यक्ति की स्थलीय सत्यापन ठीक से नहीं की गई थी, जिसकी वजह से यह धोखाधड़ी हुई।

ग्रामीण क्षेत्रों में फर्जीवाड़े की समस्या

ग्रामीण इलाकों में लोन और किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े फर्जीवाड़े की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन इस तरह की घटना, जिसमें मृतक के नाम पर लोन लिया गया हो, ने सभी को चौंका दिया है। यह घटना दर्शाती है कि बैंकिंग प्रणाली में कितनी गंभीर खामियां हैं और किस तरह दलालों के माध्यम से फर्जीवाड़ा किया जा सकता है।

जांच और कार्रवाई की मांग

म्र्तक किसान के PAUTRऔर उनके परिवार ने मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वे कहते हैं कि उनके दादा के नाम पर लोन लेने से उनकी भूमि बंधक हो गई है और इससे परिवार को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

बैंक अधिकारियों का आश्वासन

इंडियन बैंक के एलडीएम (लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर) सरोज कुमार ने इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि मामले की तुरंत जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। “हम इस घटना की गंभीरता को समझते हैं और जो भी जिम्मेदार होगा, उसे दंडित किया जाएगा,” सरोज कुमार ने आश्वासन दिया।

निष्कर्ष

यह मामला बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर करता है। मृतक किसानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करके लोन निकालने का यह बड़ा रैकेट बैंकिंग सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। इसके साथ ही, यह घटना बैंकिंग प्रणाली में सख्त निगरानी और प्रभावी सत्यापन की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।