Bijnor Triple Murder: बिजनौर के मोहल्ला मिर्दगान की खलीफा कॉलोनी में हुई भीषण वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया है। कबाड़ी मंसूर उर्फ भूरा, उसकी पत्नी जुबेदा और उनके बेटे याकूब की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। इस तिहरे हत्याकांड की घटना ने मोहल्ले में सनसनी फैला दी है, वहीं पुलिस हर पहलू से जांच में जुट गई है।
घर में मिले तीन शव

रविवार सुबह कबाड़ी मंसूर, उसकी पत्नी जुबेदा और बेटे याकूब के शव उनके घर में मिले। पति-पत्नी के शव बरामदे में बिस्तर पर और बेटे याकूब का शव कमरे में पाया गया। पुलिस के अनुसार तीनों की हत्या धारदार हथियारों से की गई है, जिनमें पेचकस और चाकू शामिल हैं।
बिरयानी खाकर सो गया था परिवार
घटना से पहले मंसूर का बेटा याकूब बिरयानी लेकर घर लौटा था। परिवार ने डिनर में बिरयानी खाई और उसके बाद सो गया। सुबह जब मंसूर की मां हसीना ने घर जाकर देखा तो यह भयावह दृश्य सामने आया। पुलिस ने मौके से खून से सनी ईंट, एक चाकू और एक पेचकस बरामद किया है।
17 दिन पहले हुआ था झगड़ा: रंजिश की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, इस हत्या की वजह रंजिश मानी जा रही है। मृतक कबाड़ी के हिस्ट्रीशीटर बेटे जहूर का 23 अक्तूबर को फुरकान उर्फ पहिया से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद फुरकान अपना मकान बेचकर कांशीराम कॉलोनी में शिफ्ट हो गया था। इस झगड़े के बाद ही कबाड़ी मंसूर और उसके परिवार को धमकी भी दी गई थी।
फुरकान का आपराधिक इतिहास और नामजद आरोप
इस हत्याकांड में फुरकान उर्फ पहिया को मुख्य आरोपी नामजद किया गया है। फुरकान का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ हत्या, मारपीट, और जबरन निकाह सहित कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने घटना के आरोप में फुरकान और उसके बेटे शकील सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
हत्या की प्लानिंग: दरवाजा अंदर से बंद पाया गया
पुलिस की जांच में सामने आया कि हमलावरों ने घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर दिया था और दीवार फांदकर फरार हो गए। मौके पर छत पर एक कैंची मिली, लेकिन उस पर खून के निशान नहीं थे। इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि आरोपियों ने सोते हुए परिवार के हर सदस्य पर जानलेवा हमला किया ताकि कोई किसी को बचा न सके।
मृतकों का आपराधिक इतिहास
पुलिस ने इस तिहरे हत्याकांड के बाद मंसूर के परिवार की आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच की है। मंसूर और उसके बेटों पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मंसूर के पांच बेटों में से हर एक पर चोरी, गोकशी, और अन्य मामलों में केस दर्ज हैं। इन सबके बीच, तिहरे हत्याकांड में नामजद किए गए सभी आरोपियों का भी पुलिस रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
घटनास्थल पर पहुंचे आला अधिकारी
वहीं, तिहरे हत्याकांड की खबर मिलते ही एडीजी रमित शर्मा और डीआईजी मुनिराज भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। उनका कहना है कि सबूत इकट्ठा करने के लिए गठित टीमों को कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बताते चलें कि पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर पांच टीमों का गठन किया है, जो इस केस की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही हैं। हत्या की वजह चाहे पुरानी रंजिश हो या पारिवारिक विवाद, पुलिस किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं कर रही है।
बहरहाल, बिजनौर का यह तिहरा हत्याकांड सवाल खड़े करता है कि क्या यह पुरानी रंजिश का नतीजा है या फिर इसके पीछे कोई और वजह है। पुलिस की जांच और संदिग्धों की धरपकड़ से ही यह स्पष्ट होगा कि इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड के पीछे क्या कारण है।