UP News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ऐसा मार्मिक दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। दरअसल, यहां रहने वाले कामेश्वर उपाध्याय और उनकी प्रिय पत्नी चंपा उपाध्याय ने एक साथ अपनी अंतिम यात्रा तय की। इस जोड़ी ने जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाया, प्रेम, समझ और संग-साथ से भरा जीवन जिया। खासबात यह है कि उनका निधन भी साथ हुआ, जो उनके जानने वाले हर व्यक्ति पर गहरी छाप छोड़ गई।
उनके जानने वाले बताते हैं कि कामेश्वर और चंपा एक-दूसरे के प्रति अटूट प्रेम और परिवार के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उनके रिश्ते की गहराई को हर किसी ने महसूस किया – पड़ोसियों से लेकर दूर-दूर से आए रिश्तेदारों ने, जो उन्हें विदाई देने के लिए इकट्ठा हुए। लोगों का कहना था कि वे जीवन में कभी एक-दूसरे से अलग नहीं हुए, और ऐसा ही उचित था कि उनकी विदाई भी साथ ही हो।
बीमारी के चलते पत्नी का निधन
पूरा मामला गाजीपुर के रामपुर उर्फ साधोपुर गांव का है। इस गांव में रहने वाले वरिष्ठ नागरिक और लेखपाल पद से रिटायर कामेश्वर उपाध्याय (87) और उनकी पत्नी चम्पा उपाध्याय (85) लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वाराणसी में उनके इलाज का सिलसिला जारी था, लेकिन स्वास्थ्य में कुछ सुधार के बाद परिजन कामेश्वर उपाध्याय को घर ले आए, जबकि उनकी पत्नी चम्पा उपाध्याय वाराणसी के अस्पताल में भर्ती रहीं।
इसी बीच शनिवार की देर रात अस्पताल में चम्पा उपाध्याय का निधन हो गया। यह दुखद खबर उनके परिजनों ने कामेश्वर उपाध्याय को तुरंत नहीं बताई, उनकी नाजुक सेहत को देखते हुए इस खबर को छुपाने का प्रयास किया गया। रविवार सुबह, जब परिजनों ने आखिरकार उन्हें उनकी पत्नी के निधन की जानकारी दी, तो कामेश्वर उपाध्याय इस दुख को सहन नहीं कर पाए और अचानक जमीन पर गिर पड़े। कुछ ही पलों में उन्होंने भी दम तोड़ दिया, जिससे परिवार पर दोहरी त्रासदी आ पड़ी।
गांव में शोक की लहर
कामेश्वर और चम्पा उपाध्याय के निधन से पूरे धोपुर गांव में मातम छा गया है। लोग परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पर जुटे हैं। इस दुखद घटना ने सभी को गहराई से प्रभावित किया है, और गांव में शोक का माहौल है।
नम आँखों से विदाई
वहीं, दूसरी ओर उनकी अंतिम विदाई का दृश्य उनके अटूट बंधन का प्रतीक बन गया। वे एक साथ चिता पर लेटे हुए थे, चारों ओर पवित्र लकड़ियों से घिरे हुए, परिवार और मित्रों ने नम आँखों से उन्हें विदाई दी, और उनके प्रेम की उस अमर कहानी को सलाम किया जिसने उनके जीवन को परिभाषित किया। सभी की आँखों में आँसू और दिल में एक कृतज्ञता का भाव था, जो इस बात को दर्शाता था कि उन्होंने जीवन में जो प्रेम पाया, वह कितना दुर्लभ और मूल्यवान था।