3

Recent News

Arakshan Hatao Andolan: जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ा! हिरासत में लिया तो बस पर चढ़े..

Arakshan Hatao Andolan: जंतर-मंतर पर शुक्रवार को आरक्षण को लेकर खूब हलचल रही। सुबह से बड़ी संख्या में लोग यहां…

Pilibhit में सनसनीखेज वारदात! पिता ने बेटी के सर में मारी गोली, मौत; नशे में घर लौटा था, फिर जो हुआ वो हैरान करने वाला..

Pilibhit के बीसलपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई। ग्राम रामपुरा नौगवां में एक पिता ने…

बड़ी खबर: यमन-सोमालिया के पास समुद्री लुटेरों ने 2 जहाज किए हाईजैक, 22 भारतीय समेत 30 क्रू सदस्य सवार..

बड़ी खबर: अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में समुद्री लुटेरों ने दो कमर्शियल जहाजों को हाईजैक कर लिया है। यमन और सोमालिया के…

Lift Accident Video: अचानक चल पड़ी लिफ्ट, महिला की फंसकर दर्दनाक मौत; CCTV में कैद हुई खौफनाक घटना..

Lift Accident Video: आंध्र प्रदेश के ओंगोल शहर में लिफ्ट का एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। मार्केट सेंटर इलाके…

Rahul Gandhi Protest: झुकी दिल्ली पुलिस! पेलेट गन मामले में FIR दर्ज; घायल छात्र को लेकर धरने पर बैठे थे..

Rahul Gandhi Protest: पेलेट गन मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को…

3

Recent News

Arakshan Hatao Andolan: जंतर-मंतर पर शुक्रवार को आरक्षण को लेकर खूब हलचल रही। सुबह से बड़ी संख्या में लोग यहां…

Pilibhit के बीसलपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई। ग्राम रामपुरा नौगवां में एक पिता ने…

बड़ी खबर: अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में समुद्री लुटेरों ने दो कमर्शियल जहाजों को हाईजैक कर लिया है। यमन और सोमालिया के…

Lift Accident Video: आंध्र प्रदेश के ओंगोल शहर में लिफ्ट का एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। मार्केट सेंटर इलाके…

Rahul Gandhi Protest: पेलेट गन मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को…

Breaking News

UP News: सावधान ! 28 बच्चों में मिला कोरोना वायरस का संक्रमण, शोध में हुए यह खतरनाक खुलासे

UP News: गोरखपुर के क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (RMRC) द्वारा किए गए एक अध्ययन में बच्चों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहे खतरनाक वायरसों का खुलासा हुआ है। यह अध्ययन बच्चों में श्वसन संक्रमण की गंभीरता और उनके प्रभावों को समझने के लिए किया गया। रिपोर्ट से पता चला है कि कोरोना वायरस और स्वाइन फ्लू जैसे वायरस बच्चों के फेफड़ों को प्रभावित कर रहे हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर रहे हैं।

943 बच्चों पर हुआ अध्ययन

मार्च 2022 से अप्रैल 2023 के बीच BRD मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में इलाज कराने आए 943 बच्चों के सैंपल लिए गए। इनमें से 505 बच्चों को निमोनिया की शिकायत थी। अध्ययन में पाया गया कि 56% बच्चे एक वर्ष से कम उम्र के थे।

वायरसों का असर और खतरनाक खुलासे

शोध के प्रमुख निष्कर्ष निम्नलिखित हैं:

  • कोरोना वायरस संक्रमण
    28 बच्चों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया।
    यह बच्चों में बीमारी की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।
  • स्वाइन फ्लू का प्रभाव
    29 बच्चों को स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाया गया।
    यह दर्शाता है कि स्वाइन फ्लू बच्चों के स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रहा है।
  • एक से अधिक वायरस संक्रमण
    46 बच्चों में एक से अधिक वायरस संक्रमण का मामला सामने आया।
  • अस्थमा और अन्य समस्याएं
    72 बच्चों में दमा जैसी बीमारियों की शुरुआत होने की संभावना पाई गई।
  • पैराइन्फ्लुएंजा का प्रभाव
    शोध में यह बात सामने आई कि पैराइन्फ्लुएंजा का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एडिनोवायरस बच्चों में दमा और अन्य श्वसन समस्याओं का कारण बन सकता है, जिससे भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट हो सकता है।

विशेषज्ञों की चेतावनी और सुझाव

विशेषज्ञों ने इन निष्कर्षों के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने की सिफारिश की है:

  • टीकाकरण में सुधार: अध्ययन में यह बात सामने आई कि बच्चों को इन खतरनाक बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी टीके न तो नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा हैं और न ही बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। इसका नतीजा यह हो रहा है कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है, जिससे वे संक्रमण का शिकार हो रहे हैं।
  • फेफड़ों की सेहत पर ध्यान: बच्चों के फेफड़ों की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
  • जागरूकता अभियान: इन बीमारियों से निपटने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।

बच्चों के लिए बढ़ता संकट

शोध से यह स्पष्ट हुआ है कि कोरोना और स्वाइन फ्लू के वायरस बच्चों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम में इन वायरसों के खिलाफ वैक्सीन शामिल करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, जागरूकता अभियान चलाकर माता-पिता को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सतर्क करने की सिफारिश की गई है।

समय पर कदम उठाने की जरूरत

इस अध्ययन ने बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं को उजागर कर सरकार और स्वास्थ्य संगठनों के लिए एक चेतावनी जारी की है। समय रहते इन वायरसों के प्रसार को रोकने और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। इससे बच्चों में गंभीर श्वसन संक्रमण और मृत्यु दर को नियंत्रित किया जा सकेगा।